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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 9, 2020 6:09 PM IST
क्या आपके मसूड़े में हो रही है यह समस्या? कहीं आप हाई ब्लड शुगर के शिकार तो नहीं? © Shutterstock.
Periodontitis in Diabetes : टाइप-2 डायबिटीज को अगर कंट्रोल नहीं किया गया, तो हाई ब्लड शुगर लेवल के साथ ही कई अन्य बीमारियां भी शरीर को घेर लेती हैं। शुगर की अधिकता के कारण शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं होता है। इसके अलावा हाई ब्लड शुगर की वजह से शरीर में अन्य समस्याएं भी होने लगती हैं। उन्हीं में से एक है मसूड़ों की समस्या, जिसे पेरियोडोंटाइटिस (Periodontitis in Diabetes ) कहते हैं। पेरियोडोंटाइटिस की समस्या ब्लड शुगर बढ़ने से होती है। वहीं, अगर पेरियोडोंटाइटिस की समस्या को कंट्रोल नहीं किया गया, तो इससे टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) को कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है।
डायबिटीज को लेकर माउंट सिनाई क्लिनिकल डायबिटीज इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. रोनाल्ड तामलर ने कहा, डायबिटीज के कारण शरीर के अधिकांश भाग धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। इसके लक्षण समय पर लोगों को नजर नहीं आते हैं, जिसके कारण यह गंभीर रूप धारण कर लेता है। हालांकि, मसूड़ों में दिखने वाले कुछ ऐसे लक्षण हैं, जिससे आप जान सकते हैं कि शरीर में शुगर लेवल का स्तर काफी बढ़ रहा है, जो टाइप 2 डायबिटीज का रूप धारण कर सकता है।
हाई ब्लड शुगर के कारण मसूड़ों की समस्या बढ़ने के आसार होते हैं। टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) के कारण मसूड़ों में दर्द होने लगता है। इतना ही नहीं बहुत से ऐसे मरीज हैं, जिनके ब्लड में शुगर लेवल बढ़ने से मसूड़ों से मवाद आना और सूजन की समस्या भी देखी गई है। शरीर में शुगर लेवल नियंत्रित ना होने की वजह से ऐसी समस्या को ठीक होने में भी काफी वक्त लगता है। मसूड़ों की इस गंभीर बीमारी को पेरियोडोंटाइटिस के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी के कारण आपके दांतों को सपोर्ट करने वाली हड्डियां खराब हो जाती हैं। पेरियोडोंटाइटिस के कारण कभी-कभी दांत पूरी तरह से खराब हो जाते हैं।
शरीर में हाई ब्लड शुगर लेवल होने के कारण नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया हमारे शरीर में पनपते हैं, मसूड़ों में जाकर प्लाक बन जाता है। प्लाक से मसूड़ों में इंफेक्शन पैदा होता है। इतना ही नहीं इस समस्या के कारण इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। इसके साथ ही तंत्रिका (नर्व) को भी यह नुकसान पहुंचाता है। पेरियोडोंटाइटिस के कारण सूजन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इससे हालात काफी गंभीर हो जाते हैं।
इस बीमारी से बचने के लिए अपने मुंह की सही से देखभाल करें। अगर आप मुंह को साफ-सुथरा नहीं रखेंगे, तो मसूड़ों की समस्या बढ़ सकती है। अगर आप लगातार धूम्रपान करते हैं, तो आज ही इसे छोड़ दें। ये आपके मसूड़ों की समस्या को बढ़ा सकता है।
टाइप 2 डायबिटीज के कारण कुछ मरीजों की नजरें भी खराब हो जाती हैं।
ब्लड में शुगर लेवल ज्यादा होने से नर्वस सिस्टम को भी नुकसान होता है।
इससे मांसपेशियों में भी कमजोरी और हाथों में सुन पड़ने की शिकायत हो सकती है।
डायबिटीज, पेरियोडोंटाइटिस के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाता है। इसके साथ ही मसूड़ों से जुड़ी बीमारियां आपके डायबिटीज कंट्रोल में रुकावट पैदा करती हैं। मसूड़ों में होने वाली समस्या के कारण डायबिटीज का खतरा और जटिलता ज्यादा बढ़ सकता है। मसूड़ों की बीमारी बढ़ने से पूरे शरीर में जलन के साथ सूजन हो सकती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल काफी तेजी से बढ़ता है, जिसके बाद डायबिटीज को कंट्रोल कर पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। डायबिटीज के साथ गंभीर पेरियोडोंटाइटिस होने से किडनी फेल होने का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है।
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