Women health: पीरियड्स जल्दी या देरी से आने का कारण हो सकती हैं महिलाओं को होने वाली ये 4 बीमारियां

Periods der se aane ke karan। पीरियड्स देरी से आना या समय से पहले आने के पीछे स्वास्थ्य से जुड़े कई ऐसे कारण हो सकते हैं, जिन्हें गलती से भी इग्नोर नहीं करना चाहिए। इस लेख में हम आपको इसके पीछे के कारणो के बारे में बताने वाले हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 4, 2025 12:57 PM IST

Reason for Delayed period: महिलाएं अक्सर अपने पीरियड्स के समय को लेकर चिंतित रहती हैं। कभी-कभी यह समस्या जीवनशैली में आए सामान्य बदलावों के कारण हो सकती है। वहीं अगर यह समस्या बार-बार हो, तो यह चिंता का विषय बन सकता है। पीरियड्स की अनियमितता से महिलाओं की मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है, जिससे वे शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्तर पर असहज महसूस करती हैं। स्वास्थ्य पेशेवर कहते हैं कि पीरियड्स का अनियमित होना कई कारणों से हो सकता है, जैसे हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव, थायरॉइड की समस्या या पीसीओएस जैसी बीमारियां। हालांकि कभी-कभी यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। पीरियड्स की अनियमितता के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ बीमारियां इसकी मुख्य वजह हो सकती हैं। यहां कुछ बीमारियों के बारे में बताया गया है, जो महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता का कारण बन सकती हैं, जैसे-

1. पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome)

पीसीओएस एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें अंडाशय में सिस्ट बन जाते हैं, जो हार्मोनल असंतुलन का कारण बनते हैं। यह असंतुलन महिलाओं के मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे पीरियड्स देरी से आते हैं या अनियमित हो जाते हैं। इसके अलावा, पीसीओएस के अन्य लक्षणों में मोटापा, चेहरे पर मुंहासे और अनचाहा बालों का विकास भी शामिल हैं।

2. थायरॉइड विकार (Thyroid Disorder)

थायरॉइड ग्रंथि का असंतुलित होना मासिक धर्म पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। यदि महिला को हाइपोथायरॉइडिज़्म (थायरॉइड की कमी) या हाइपरथायरॉइडिज़्म (थायरॉइड का अधिक होना) होता है, तो मासिक धर्म चक्र में देरी हो सकती है या यह पूरी तरह से रुक भी सकता है। थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन शरीर में कई बदलाव ला सकता है, जो पीरियड्स पर असर डालते हैं।

3. गर्भावस्था या गर्भपात (Pregnancy or Abortion)

गर्भावस्था के दौरान पीरियड्स रुक जाते हैं, क्योंकि शरीर गर्भवती होने की स्थिति में होता है। कभी-कभी गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण भी पीरियड्स में देरी हो सकती है, क्योंकि शरीर का हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है। इसके अलावा, अविकसित गर्भ की स्थिति भी पीरियड्स को प्रभावित कर सकती है।

4. मानसिक तनाव व अवसाद (Mental stress or depression)

मानसिक तनाव, चिंता या अवसाद भी महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता का कारण बन सकते हैं। अत्यधिक तनाव हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न करता है, जिससे मासिक धर्म चक्र में देरी या कमी हो सकती है। मानसिक स्थिति का शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है, और यह पीरियड्स की नियमितता को प्रभावित कर सकता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।