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पेट में होने वाले छाले ''पेप्टिक अल्सर'' के लक्षण, कारण और उपचार को भी जान लें

पेप्टिक अल्सर के कारण, लक्षण और उपचार। © Shutterstock.

पेप्टिक अल्सर ऐसे घाव होते हैं जो पेट की अस्तर या अंदरूनी परत, ग्रासनली के निचले भाग या छोटी आंत में विकसित होते हैं। ऐसा तब होता है, जब पेट के अम्ल आपके पाचन तंत्र की सुरक्षात्मक परत श्लेष्म को नष्ट कर देता है।

बेतरतीब लाइफस्टाइल, उल्टा-सीधा खाने से आज पेट की समस्याएं लोगों में अधिक होने लगी हैं। कई बार पेट में दर्द, पेट में ऐंठन या फिर पेट में गैस होना भी परेशान कर देता है, लेकिन इससे भी गंभीर हो सकता है पेट में अल्सर (छाले) या पेप्टिक अल्सर का होना। पेट में होने वाले छाले या घाव असहनीय दर्द की वजह बन सकते हैं। ये घाव या छाले आमतौर पर एच पाइलोरी (Helicobacter pylori) बैक्टीरिया के कारण आई सूजन के परिणामस्वरूप बनते हैं। इसे नजरअंदाज करना आंतरिक रक्तस्राव और संक्रमण का कारण भी बन सकती है।

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क्या होता है पेप्टिक अल्सर

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पेप्टिक अल्सर (छाले) ऐसे घाव होते हैं जो पेट की अस्तर या अंदरूनी परत, ग्रासनली के निचले भाग या छोटी आंत में विकसित होते हैं। ऐसा तब होता है, जब पेट के अम्ल आपके पाचन तंत्र की सुरक्षात्मक परत श्लेष्म (Mucus) को नष्ट कर देता है। यह बीमारी एच पाइलोरी बैक्‍टीरिया के साथ ही लगातार कुछ दवाओं जैसे– एस्पिरिन और नॉनस्टेरॉएडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स के सेवन से भी होती है। हालांकि, तनाव और मसालेदार खाद्य पदार्थ पेप्टिक अल्सर का कारण नहीं बनते हैं, लेकिन ये लक्षणों को बढ़ाने में मदद करते हैं।

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पेप्टिक अल्सर के लक्षण

पेट में दर्द कम या अधिक होना

जी मिचलाना

उल्टी होना

उल्टी के साथ खून या काला रंग निकलना

अस्पष्ट रूप से वजन घटना

खट्टी डकार आना

भूख में परिवर्तन होना

छाती में दर्द होना

पेट में सूजन और जलन महसूस होना

सांस लेने में तकलीफ

मल के साथ खून आना या काले रंग का मल

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[caption id="attachment_626445" align="alignnone" width="655"]peptic ulcer causes and treatment 1 उल्टी के साथ खून या काला रंग निकलना भी पेप्टिक अल्सर का लक्षण होता है। © Shutterstock.[/caption]

पेप्टिक अल्सर के कारण

विभिन्न प्रकार के कारक पेट, ग्रासनली (एसोफेगस) और छोटी आंत में छाले (अल्सर) उत्पन्न करने का कारण बन सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

- एच पाइलोरी बैक्टीरिया, आमतौर पर पेट और छोटी आंत के ऊतकों को ढकने और संरक्षित करने वाली श्लेष्म झिल्ली में रहता है। अक्सर, यह बैक्टीरिया कोई समस्या पैदा नहीं करता है, लेकिन यह अल्सर के कारण पेट की भीतरी परत में सूजन का कारण बन सकता है।

- पेट के कुछ अम्ल पाचन तंत्र की सुरक्षात्मक परत श्लेष्म को नष्ट कर पेट में छाले की समस्या का कारण बन सकते हैं। अतः यह एसिड एक दर्दनाक खुले घाव को पैदा कर सकते हैं जिनसे खून बह सकता है।

- एस्पिरिन और अन्य एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स का लगातार सेवन।

- स्मोकिंग और बहुत ज्यादा शराब पीने के कारण भी पेट में छाले की समस्या पैदा हो सकती है।

- विकिरण उपचार (radiation therapy) और आमाशय का कैंसर भी पेप्टिक अल्सर का कारण बनता है।

निदान

उपरोक्त लक्षण नजर आने पर बिना देर किए डॉक्टर से मिलें। लक्षणों को जानने-समझने के बाद डॉक्टर पेप्टिक अल्सर की समस्या का निदान करने के लिए वह मरीज का शारीरिक परीक्षण और जांच की सलाह दे सकता है। इसके लिए एंडोस्कोपी की जाती है। बिना पीरियड्स के क्रैंप्स होना, हो सकती हैं ये वजहें

बचने के उपाय

- शराब का सेवन कम करें।

- संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को धोएं।

- यह संक्रमण, व्यक्तियों के आपस में संपर्क, भोजन और पानी के माध्यम से फैल सकता है, ऐसे में इस बात का ख्याल रखकर अपनी सेहत के प्रति सजग रहें।

- दर्द निवारक दवाओं एस्पिरिन, आबुप्रोफेन (ibuprofen) और नैप्रोक्सेन का सीमित उपयोग करें।

- पानी हमेशा उबालकर पिएं। सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर और भोजन पूरी तरह से पकाकर खाएं।

- फल, सब्जियां, अनाज आदि भोजन में शामिल करें। हेल्दी जीवनशैली बनाए रखने से पेट में अल्सर होने का खतरा कम होता है।

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