Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
High Blood Pressure Risk Age Group: हाई ब्लड प्रेशर जिसे सामान्य भाषा में हाई बीपी कहा जाता है। यह आज के समय में एक आम, लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। यह समस्या खास तौर पर 40 वर्ष की उम्र के बाद अधिक देखने को मिलती है। इस उम्र में शरीर के अंदर कई बदलाव शुरू हो जाते हैं। इस उम्र के लोगों में धमनियां धीरे-धीरे सख्त होने लगती हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। यह तनाव के स्तर को बढ़ाता है और हाई बीपी का रिस्क भी बढ़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार 40 से 60 वर्ष की आयु वर्ग में हाई बीपी के मामले तेजी से सामने आते हैं। कई बार व्यक्ति को इसके लक्षण भी महसूस नहीं होते हैं। इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। आइए, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के डायरेक्टर-कार्डियोलॉजी डॉ. देवेन्द्र कुमार श्रीमल ( Dr. Devendra Kumar Shrimal, Director - Cardiology, Narayana Hospital Jaipur) से जानते हैं इस उम्र के बाद क्यों बढ़ जाती है हाई बीपी की समस्या?
आपको बता दें कि हाई बीपी की समस्या 40 साल की उम्र के लोगों में सबसे ज्यादा रहता है। 30 से 40 साल के लोगों में हाई बीपी के मामले काफी देखने को मिलते हैं। इसलिए अगर आपकी उम्र में 40 से ज्यादा है तो एक बार बीपी की जांच जरूर कराएं।
40 की उम्र में बीपी बढ़ने का सबसे मुख्य कारण बदलती जीवनशैली है।
युवा वर्ग अक्सर सोचते हैं कि हाई बीपी सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी है। लेकिन, यह धारणा अब बिल्कुल सही नहीं है। अगर युवा भी समय-समय पर बीपी चेक कराएंगे, तो उनमें भी हाई बीपी की समस्या देखने को मिल सकती है। इसलिए अगर आपको हाई बीपी के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इस स्थिति में बीपी जरूर चेक कराएं।
हाई बीपी लक्षण हमेशा नहीं दिखते हैं। लेकिन, अगर कुछ संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो हाई बीपी का अंदाजा लगाया जा सकता है और फिर बीपी की जांच से इसे कंफर्म किया जा सकता है। हाई बीपी के लक्षण इस प्रकार हैं-
हालांकि, कई बार व्यक्ति पूरी तरह सामान्य महसूस करता है, फिर भी उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिलता है। इसीलिए 35-40 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करवानी चाहिए। खासकर, अगर आपके परिवार में किसी को हाई बीपी की दिक्कत है, तो बीपी की जांच जरूर कराएं।
हाई बीपी से बचाव संभव है, लेकिन इसके लिए आपको कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
हाई बीपी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए 30 से 35 साल की उम्र के रेगुलर बीपी चेकअप जरूर करना चाहिए।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।