चिप्स और कोल्ड ड्रिंक बन रहे हैं दुश्मन: बच्चों में फैटी लिवर का खतरा, पेरेंट्स जान लें इसके 6 लक्षण

बच्चों में फैटी लिवर की बीमारी के शुरुआती लक्षणों और कारणों का अगर माता-पिता को पता हो, तो उन्हें गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : February 3, 2026 8:43 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Amit Miglani

आज के समय में मोटे या थोड़े गोल-मटोल बच्चों को देखकर अक्सर लोग कहते हैं कि “बच्चे तो ऐसे ही प्यारे लगते हैं।” आमतौर पर माना जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ बच्चों की अतिरिक्त चर्बी अपने आप कम हो जाती है। लेकिन अब यह सोच हमेशा सही नहीं रही। 

आजकल बच्चों में बढ़ता मोटापा और गलत लाइफस्टाइल एक गंभीर बीमारी को जन्म दे रहा है, जिसे पीडियाट्रिक फैटी लिवर डिजीज (Pediatric Fatty Liver Disease) कहा जाता है। अगर समय रहते इस समस्या की पहचान न की जाए, तो आगे चलकर यह लिवर और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

बच्चों में फैटी लिवर डिजीज क्या है?

फैटी लिवर डिजीज वह स्थिति है, जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि यह बीमारी सिर्फ शराब पीने वालों को होती है, लेकिन बच्चों में यह बिना शराब के भी हो सकती है। Dr. Amit Miglani, डायरेक्टर और एचओडी- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, Asian Hospital Faridabad, कहते हैं- जो बच्चे शराब नहीं पीते, उन्हें भी नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) हो सकती है, जिसे अब मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड लिवर डिजीज (MASLD) भी कहा जाता है।पिछले कुछ वर्षों में यह बच्चों में सबसे आम क्रॉनिक लिवर बीमारी बन गई है। यह बीमारी धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाती है और समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है।

बच्चों में फैटी लिवर वयस्कों से अलग क्यों होता है?

डॉ. अमित मिगलानी के अनुसार, बच्चों में फैटी लिवर की प्रक्रिया वयस्कों से थोड़ी अलग होती है। बच्चों में लिवर के अलग हिस्से प्रभावित होते है। इससे जल्दी सूजन (Inflammation) होती है। साथ ही, बच्चों को कम उम्र में सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसका मतलब यह है कि अगर बच्चों में यह बीमारी शुरू हो जाए, तो आगे चलकर उन्हें कम उम्र में ही गंभीर लिवर से जुड़ी बीमारी होने का खतरा रहता है।

बच्चों के फैटी लिवर का दिल की सेहत से कनेक्शन

डॉक्टर बताते हैं कि फैटी लिवर केवल लिवर की बीमारी नहीं है, बल्कि यह मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जुड़ी होती है। फैटी लिवर वाले बच्चों में अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे की समस्या पाई जाती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, ऐसे बच्चों में दिल की नलियों की मोटाई बढ़ने लगती है, जो भविष्य में हार्ट डिजीज का कारण बन सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि कई मामलों में देखा गया है कि बचपन में फैटी लिवर होने पर आगे चलकर लिवर फेल होने से ज्यादा खतरा दिल की बीमारी से होता है। बच्चों में सबसे चिंता की बात यह है कि जितनी देर तक फैटी लिवर बना रहता है, उसे ठीक करना उतना ही मुश्किल हो जाता है।

बच्चों में फैटी लिवर होने के मुख्य कारण

डॉ. अमित मिगलानी के अनुसार, आजकल के बच्चों में फैटी लिवर की परेशानी होने के पीछे एक नहीं, बल्कि कई अन्य चीजें जिम्मेदार हैं। इसमें शामिल हैः

  1. पेट की चर्बी- इंडियन पेरेंट्स को अक्सर लगता है कि बच्चे के पेट के आसपास चर्बी जमा हो रही है, तो ये उनके बच्चे को क्यूट लुक दे रही है, लेकिन पेट के आसपास जमा फैट फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण है।
  2. गलत खानपान- जंक फूड, फास्ट फूड, मीठे ड्रिंक्स, पैकेट वाले स्नैक्स खाने से लिवर की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ता है।
  3. फिजिकल एक्टिविटी की कमी- मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम की वजह से बच्चे कम एक्टिव हो गए हैं। फिजिकली कम एक्टिव होने की वजह से भी भारतीय बच्चों में फैटी लिवर की परेशानी तेजी से बढ़ रही है।
  4. फैमिली हिस्ट्री- अगर बच्चे के परिवार में पहले से मोटापा, डायबिटीज या फैटी लिवर की समस्या रही हो, तो उसमें इस बीमारी के बढ़ने की संभावना कई गुणा ज्यादा रहती है।

बच्चों में फैटी लिवर के लक्षण

शुरुआत में इस बीमारी के लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए अक्सर पहचान नहीं हो पाती। बच्चों में फैटी लिवर के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैंः

  1.  जल्दी थक जाना
  2.  पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
  3.  मोटापा
  4.  कमजोरी
  5.  ध्यान की कमी
  6.  भूख कम या ज्यादा लगना

क्या बच्चों का फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो सकता है?

इस सवाल का सीधा जवाब देते हुए डॉक्टर कहते हैं हां। बच्चों में अगर समय रहते फैटी लिवर की पहचान कर ली जाए, तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। बच्चों में फैटी लिवर को ठीक करने के लिए सबसे पहले माता-पिता को अलर्ट होना जरूरी है। पेरेंट्स अगर सही देखभाल करें तो बच्चे को फैटी लिवर से रिकवर करना संभव है।

बच्चों को फैटी लिवर से कैसे बचाएं?

निष्कर्ष

डॉक्टर के साथ बातचीत के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि बच्चों में फैटी लिवर डिजीज एक गंभीर लेकिन ठीक होने वाली बीमारी है। अगर इसे समय पर पहचान लिया जाए और सही जीवन शैली अपनाई जाए, तो बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। लेकिन बच्चे को लिवर से जुड़ी बीमारी से स्वस्थ रखने के लिए पेरेंट्स को अलर्ट रहने की जरूरत है।

Highlights

  • जंक और प्रोसेस्ड फूड के कारण बच्चों में फैटी लिवर हो रहा है।
  • फैटी लिवर से बचाव के लिए पेरेंट्स का अलर्ट होना जरूरी है।
  • फैटी लिवर का बच्चों के दिल पर भी पड़ता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।