
... Read More
Written By: Anshumala | Published : September 22, 2021 11:51 AM IST
आजकल कई महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) की समस्या बहुत आम हो गई है। महिलाओं में पीसीओएस के बारे में पहले इतना सुनने में नहीं आता था, जितना आज इस समस्या के बारे में सुनने को मिलता है। आज 10 में से एक महिला को पीसीओएस की समस्या है। पीसीओएस आखिर है क्या? सितंबर महीना 'पीसीओएस अवेयरनेस मंथ' (PCOS Awareness Month 2021) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। पीसीओएस और उसके कारणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे रही हैं दिल्ली स्थित नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी की फर्टिलिटी कंसलटेंट डॉ. अस्वति नायर....
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम(Polycystic Ovary Syndrome) महिला के शरीर में पाया जाने वाला हार्मोन का असंतुलन है। यह ज्यादातर उन महिलाओं में आम है, जो अपनी प्रजनन आयु में होती है मतलब 12 से लेकर 51 वर्ष के बीच। इस रोग के कारण महिला के सेक्स हार्मोन में हार्मोन का असंतुलन हो जाता है, जिससे महिला का मासिक धर्म या तो लंबे समय तक चलता है या नियमित नहीं रहता है। ऐसी स्थिति में, महिला की ओवरीज (अंडाशय) तरल के छोटे कोश एकत्र करना शुरू कर देती हैं, जिन्हें सिस्ट भी कहा जाता है। इन सिस्ट्स में अपरिपक्व अंडे होते हैं, जो मैच्योर नहीं होते हैं और अंडे का ओवूलेशन (अंडोत्सर्ग) नहीं हो पाता है, क्योंकि वे बाहर आते ही नहीं हैं। ओवूलेशन न होने से एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, एफएसएच और एलएच का स्तर बदल जाता है। जिन महिलाओं को पीसीओएस होता है, उनमें अंडे बाहर नहीं आने के कारण गर्भधारण कठिन हो जाता है।
पीसीओएस और उसके कारण हार्मोन के असंतुलन से शरीर को कई परेशानियां होती हैं, जैसे मुंहासे, अनियमित मासिक धर्म, शरीर पर बालों का ज्यादा बढ़ना आदि। लंबी अवधि में इससे कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं भी हो सकती हैं।
पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम होने पर निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:-
• शरीर में अत्यधिक इंसुलिन होने और इंसुलिन के प्रतिरोध के कारण टाइप 2 डायबिटीज
• हृदय रोग
• हाई ब्लड प्रेशर
• खून में कोलेस्ट्रॉल का असामान्य होना
• एंडोमेट्रियल कैंसर
• वजन बढ़ना (मोटापा)
• सोते समय सांस रुकना
• डिप्रेशन एवं एंग्जायटी
• जीवनशैली से आलस को हटाकर उसे सक्रिय बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
• इंसुलिन को सेंसिटाइज करने वाली दवाओं के इस्तेमाल से महिलाओं का ओवूलेशन सुधारने में मदद मिल सकती है।
• कृत्रिम उपायों के बिना, प्राकृतिक रूप से गर्भवती होने की संभावना बढ़ाने के लिए शरीर का वजन ठीक करना महत्वपूर्ण है।
• प्रोसेस्ड फैट्स और शुगर का सेवन कम कर देना जरूरी होता है। पैकेज्ड फूड्स आपकी डाइट का हिस्सा नहीं होने चाहिए।
• डाइट में हरी पत्तेदार और अन्य सब्जियां शामिल करें। ये जरूरी न्यूट्रिएंट्स और विटामिन्स देती हैं।
• धूम्रपान करना या शराब पीना छोड़ दें।
पीसीओएस की अधिकांश रोगियों को केवल ओरल दवाओं और इंजेक्शंस से गर्भधारण होता है। अगर इनके बावजूद भी गर्भधारण नहीं हो, तो पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं के लिए आईवीएफ बहुत आम और प्रभावी फर्टिलिटी उपचार (Polycystic Ovary Syndrome treatment) है। जो महिलाएं पीसीओएस के रहते हुए गर्भवती होना चाहती हैं, उनकी लाइफस्टाइल बहुत हेल्दी होनी चाहिए। उन्हें अपने हेल्थ या फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स द्वारा बताए अनुसार नियमित रूप से दवाएं लेनी चाहिए। पीसीओएस के साथ गर्भवती होना संभव नहीं है, लेकिन एग्ज के ओवूलेशन के संदर्भ में रोग की प्रकृति के कारण इसकी संभावना मुश्किल ही होती है। अगर पीसीओएस का निदान या उपचार न हो, तो यह लंबे समय तक फर्टिलिटी को बाधित कर सकता है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.