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पैसिव स्‍मोकिंग: कहीं औरों की गलती की सजा आपको न भुगतनी पड़े

वर्ल्ड नो टोबेको डे अर्थात विश्व धूम्रपान निषेध दिवस 31 मई के उपलक्ष्य में आपको स्मोकिंग के उन खतरों के बारे में भी जानना चाहिए, जिसका कारण आप स्वयं नहीं हैं।

पैसिव स्‍मोकिंग: कहीं औरों की गलती की सजा आपको न भुगतनी पड़े
वर्ल्ड नो टोबेको डे अर्थात विश्व धूम्रपान निषेध दिवस 31 मई के उपलक्ष्य में आपको स्मोकिंग के उन खतरों के बारे में भी जानना चाहिए, जिसका कारण आप स्वयं नहीं हैं। ©Shutterstock.

Written by Yogita Yadav |Published : May 30, 2019 7:04 PM IST

सिर्फ स्‍मोकिंग ही नहीं पैसिव स्‍मोकिंग भी सेहत के लिए उतनी ही नुकसानदायक है। पैसिव स्‍मोकिंग से तात्‍पर्य है, सिगरेट और बीड़ी का वह धुआं जो आप सीधे नहीं ले रहे, फि‍र भी आपके फेफड़ों तक पहुंच रहा है। जो लोग स्‍मोकिंग करते हैं, उनके आसपास रहने वाले लोग भी गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे हम पैसिव स्‍मोकिंग के शिकार हो रहे हैं। साथ ही यह भी कि ये कितनी खतरनाक है। वर्ल्‍ड नो टोबेको डे अर्थात विश्‍व धूम्रपान निषेध दिवस 31 मई के उपलक्ष्‍य में आपको स्‍मोकिंग के उन खतरों के बारे में भी जानना चाहिए, जिसका कारण आप स्‍वयं नहीं हैं।

महिलाओं के लिए है खतरनाक

स्‍मोकिंग दुर्भाग्‍य से कल्‍चर का हिस्‍सा बन गई है। ऑफि‍स और घर में भी छोटे बच्‍चो और दोस्‍तों के सामने स्‍मोकिंग करना आम बात हो गई है। लोग भी इस पर आपत्ति नहीं करते। जबकि यह सीधे स्‍मोकिंग से ज्‍यादा खतरनाक है। जो महिलाएं पैसिव स्मोकर हैं,  अर्थात जिनके पति या अन्‍य लोग उनके आसपास स्‍मोकिंग करते हैं उनमें बांझपन और अर्ली मेनोपॉज का जोखिम रहता है।

यह भी पढ़ें - स्‍मोकिंग है साइलेंट किलर, कल नहीं आज ही से छोड़ें यह लत

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