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Parkinson's Disease : पार्किंसंस डिजीज के लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक तरीके से इलाज

Parkinson's Disease : पार्किंसंस डिजीज के लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक तरीके से इलाज।

Parkinson disease treatment in ayurveda in hindi: आयुर्वेद की मदद से पार्किंसंस का उपचार किया जा सकता है। कुछ हर्ब्स भी पार्किंसस रोग (Herbs to cure parkinson's disease) के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

पार्किंसंस डिजीज (parkinson's disease) नर्वस सिस्टम में धीरे-धीरे बढ़ने वाला एक डिसऑर्डर है, जिससे पूरे शरीर की गतिविधि प्रभावित होती है। शुरुआत में इसके लक्षण लक्षण नजर नहीं आते हैं। किसी-किसी को हाथों में कंपकंपी महसूस होने लगती है। हाथों में कंपकंपी होना ही पार्किंसंस के होने की पुष्टि करता है। इसके साथ ही जकड़न या शारीरिक गतिविधियों में धीमापन या अति संवेदनशीलता जैसे लक्षण भी प्रकट हो सकते हैं।

पार्किंसंस डिजीज के लक्षण (symptoms of parkinson's disease)

इसके लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग-अलग देखने को मिलते हैं। कंपकंपी, धीमी गतिविधि, सख्त मांसपेशियां, शरीर की असाधारण मुद्रा और संतुलन, स्वाभाविक गतिविधियों पर विराम, बोली में बदलाव, लिखावट में बदलाव आदि इसके कुछ आम लक्षण हैं। पार्किंसंस डिजीज में जुबान धीमी या अस्पष्ट होने लगती है। रोग बढ़ने के साथ ही ये लक्षण बदतर होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में न्यूरोलॉजिस्ट से तुरंत संपर्क करना चाहिए। आयुर्वेद की मदद से पार्किंसंस का उपचार (Ayurvedic cure of parkinson's disease) किया जा सकता है। कुछ हर्ब्स भी पार्किंसस रोग (Herbs to cure parkinson's disease) के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

पार्किंसंस रोग के लिए हल्दी (Turmeric for parkinson's disease)

हल्दी एक ऐसा हर्ब है, जिसमें मौजूद स्वास्थ्य गुणों के कारण हम इसे कभी अनदेखा नहीं कर पाते। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ने पाया कि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व पार्किंसंस रोग को दूर करने में मदद करता है। ऐसा वह इस रोग के लिए जिम्मेदार प्रोटीन को तोड़कर और इस प्रोटीन को एकत्र होने से रोकने के द्वारा करता है।

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पार्किंसंस रोग के लिए लहसुन (Garlick for parkinson's disease)

शरीर का कम्पन दूर करने के लिए बायविडंग एवं लहसुन के रस को पकाकर सेवन करने से रोगी को लाभ मिलता है। लहसुन के रस से शरीर पर मालिश करने से रोगी का कंपन दूर होता है। 4 कली लहसुन छिलका हटाकर पीस लें। इसे गाय के दूध में मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कम्पन ठीक हो जाता है।

पार्किंसंस रोग के लिए जिन्को बाइलोबा (Ginko biloba for parkinson's disease)

जिन्को बाइलोबा (Ginkgo biloba) को पार्किंसंस से ग्रस्त मरीजों के लिए एक लाभकारी जड़ी-बूटी माना जाता है। मेक्सिको में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के राष्ट्रीय संस्थान में 2012 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, जिन्को पत्तियों के सत पार्किंसंस के रोगी के लिए फायदेमंद होता है। पत्तियों के सत ने मध्यमस्तिष्क डोपामाइन न्यूरॉन क्षति के खिलाफ न्यूरोप्रोटेक्टिव और न्यूरोरिकवरी के प्रभाव को दिखाया। इसका पीडी उपचार के एक विकल्प के रूप में इस्तेमाल होता है।

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