... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:40 AM IST
Read this in English
अनुवादक – Usman Khan
मेरा एक पांच साल का बच्चा है, जिसे लेज़र टॉयज और गन्स से खेलना बहुत पसंद है। मैंने किसी से सुना है कि इस तरह के खिलौनों से बच्चे यहां तक कि बड़े लोग भी अंधेपन का शिकार हो सकते हैं। क्या ये सही है? क्या मुझे अपने बच्चे को इस तरह के खिलौने नहीं देने चाहिए? पढ़ें- इन 6 वजह से बढ़ रहा है आपके बच्चे का मोटापा
इस सवाल का जवाब नोएडा स्थित जीपी हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ ऑफ्थैल्मेलोजी के अडिशनल डायरेक्टर डॉक्टर संजीव गुप्ता दे रहे हैं।
ये एक आम धारणा है की लेज़र टॉयज से विज़न प्रॉब्लम और कई मामलों में अंधापन हो सकता है। हालांकि यह पूरी तरह सच नहीं है। वास्तव में ये देखना जरूरी है कि लेज़र की पॉवर कितनी है। खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली टाइप 1 की पॉवर 0.4 मिलीवाट से कम होती है, जिसे रेटिना को कोई नुकसान नहीं होता है। जबकि टाइप 2 और 3 का प्रयोग लेज़र पॉइंटर में होता है, जो हानिकारक हो सकता है। इसकी पॉवर एक से पांच मिलीवाट होती है, जो रेटिना को प्रभावित कर सकता है। हालांकि बच्चे को लेज़र टॉयज से बचाना चाहिए।
अमेरिकी एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के अनुसार, अगर लेज़र वाले खिलौनों का सही से इस्तेमाल ना किया जाए, तो इससे बच्चों की आंखें ख़राब या अंधापन हो सकता है। इसलिए आंखों को इसकी चमक बचाना चाहिए। इसके अलावा चेतावनी को भी ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। जर्नल ऑफ्थैल्मेलोजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, लेज़र पॉइंटर की लाइट आंखों में पड़ने से सिर्फ दस सेकंड में रेटिना को नुकसान हो सकता है।
इन बातों का रखें ख्याल
चित्र स्रोत - Shutterstock