... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:40 AM IST
Read this in English
अनुवादक – Usman Khan
कई लोग अपने बच्चे को बुखार, गले में खराश, कान में इन्फेक्शन होने पर एंटीबायोटिक दवा दे देते हैं। दिल्ली स्थित गोरिका चिल्ड्रेन मेडिकल सेंटर में पीडीअट्रिशन डॉक्टर गोरिका बंसल के अनुसार, बच्चे को होने वाले इस तरह के सभी रोगों से निपटने के लिए उन्हें एंटीबायोटिक देना हमेशा सही नहीं होता है। ज्यादा एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से उन्हें कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं। पढ़ें- एंटीबायोटिक दवाओं से हो सकता है आपको ये बड़ा नुकसान
कई परिजन बच्चे के बीमार होने पर उसे वही पुरानी दवाई दे देते हैं, जो उन्होंने बच्चे के पहले बीमार होने पर ली थी। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। हो सकता है डॉक्टर ने पहले बीमारी के लक्षण के आधार पर एंटीबायोटिक दवा निर्धारित की हो। अब आप उसे वायरल इन्फेक्शन के लिए दे रहे हैं, इससे बच्चा और बीमार हो सकता है। आपको बता दें कि पाउडर के रूप में दी जाने वाली दवा एक हफ्ते बाद खराब हो सकती है।
वायरल इन्फेक्शन अपने आप में एक बड़ा विकार है। किसी बच्चे को खांसी, सर्दी, बुखार या डायरिया हो सकता है या ये सारी समस्याएं एक साथ हो सकती हैं। आमतौर पर बच्चा बुखार होने पर चंचल नजर आ सकता है। जबकि बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने पर पीठ में दर्द, पैर में, आंखों में खुजली आदि भी हो सकती है। वास्तव में इस तरह के सभी लक्षणों की पहचान विभिन्न जांच द्वारा डॉक्टर ही सही तरीके से कर सकता है।
ज्यादा एंटीबायोटिक खाने से बच्चे को हो सकती है ये समस्याएं
क्या करें
चित्र स्रोत - Shutterstock