नेपाल में हैजा फैलने के बाद पानी पुरी की दुकानें बंद, पढ़ें कॉलेरा या हैजा फैलने के कारण, साथ ही जानें इस बीमारी से बचाव के उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार हैजा या कॉलेरा का सही समय पर इलाज ना करने से यह घातक भी साबित हो सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 27, 2022 11:57 PM IST

नेपाल की राजधानी काठमांडू में हैजा की बीमारी के कई मामले सामने आए हैं जिसके बाद प्रशासन द्वारा इस बीमारी की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तक यहां 12 लोगों में हैजा यानि कॉलेरा की बीमारी की पुष्टि की गयी जा चुकी है।  इस बीमारी से संक्रमित हो चुके लोगों का इलाज चल रहा है वहीं, अधिकारी हैजा के प्रकोप को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी काठमांडू के कई हिस्सों में हैजा के केसेस दर्ज किए गए हैं। हालांकि बीमारी के सही कारणों का अभी पता नहीं चल सका है पर शहर के कुछ जल स्रोतों में हैजा के जीवाणु पाए गए हैं।

एहतियात के लिए बंद करायी गयीं पानी पुरी की दुकानें

वहीं, इस बीच, काठमांडू के एक निकटवर्ती शहर ललितपुर में हैजा फैलने के डर से चाट की दुकानों को बंद करने के आदेश दे दिए गए। जिसकी वजह से रविवार से शहर में पानीपुरी और अन्य चटपटी चीजों पर बैन लगा दिया गया और पानी पुरी बेचने वालों को दुकान लगाने से मना कर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, ललितपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी (एलएमसी) ने शनिवार से शहर में पानी पुरी और चटपटे की बिक्री और वितरण को रोकने का फैसला किया है। एलएमसी ने पानीपुरी में इस्तेमाल होने वाले पानी में हैजा के बैक्टीरिया पाए जाने का दावा करते हुए पानी पुरी और चटपटी चीजों की बिक्री पर रोक लगा दी है। नगर पुलिस प्रमुख सीताराम हचेथु के मुताबिक, काठमांडू घाटी में हैजा फैलने का खतरा बढ़ गया है, इसीलिए शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पानी पुरी की दुकाने लगाने पर पाबंदी लगा दी गयी है।

कैसे फैलता है हैजा ?

हैजा या कॉलेरा गंदे पानी से फैलने वाली बीमारी है, जो खाने-पीने की चीजों और दूषित पानी पीने की वजह से होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(World Health Organization) के अनुसार हैजा या कॉलेरा डायरिया का एक गम्भीर रूप है जिसका सही समय पर इलाज ना करने से यह घातक भी साबित हो सकती है। दूषित पानी में पाए जाने वाले विब्रिओ कॉलेरा बैक्टेरिया (vibrio cholera bacteria) नामक जीवाणु जब खाने-पीने की चीजों के साथ शरीर में प्रवेश करते हैं तो इससे उन्हें हैजा की बीमारी हो सकती है। इसीलिए, जिन क्षेत्रों में पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं होता वहां लोगों में कॉलेरा की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है।

जानकारों के अनुसार, कॉलेरा या हैजा फैलनेका सबसे बड़ा कारण है दूषित पानी पीना इसीलिए, जिन स्थानों पर कॉलेरा फैलता है वहां के लोगों को पानी को उबालकर पीने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा,

  • डायरिया से पीड़ित व्यक्ति के आसपास रहने वाले लोगों में हैजा फैलने का खतरा अधिक होता है।
  • वहीं, जमा किया हुआ पानी पीने से भी कॉलेरा होने की आशंका बढ़ती है।
  • अधपकी मछली, प्रॉन्स या अन्य प्रकार के सी-फूड के सेवन से भी हैजा फैल सकता है।

हैजा से बचाव के उपाय क्या हैं?

  • इस बीमारी से बचने के लिए हमेशा साफ पानी का सेवन करें। पीने के पानी को उबालकर ठंडा करें और उसके बाद पीएं।
  • हैजे के टीके नियमित रूप से अवश्य लगवाने चाहिए।
  • हैजे से पीड़ित व्यक्ति को अन्य लोगों से दूर रखें।
  • कॉलेरा या हैजा के मरीजों की उल्टी या अन्य प्रकार के वेस्ट  को नदी, तालाब या किसी अन्य प्रकार के जल स्रोत्रों से दूर रखें। इससे, उस पानी के सम्पर्क में आनेवाले अन्य लोगों को भी हैजा हो सकता है।
  • मक्खियां हैजा के प्रसार का एक बड़ा कारण बन सकती हैं। इसीलिए, मक्खियों को जमा ना होने दें और उनसे बचने की कोशिश करें।
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