
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 9, 2022 4:21 PM IST
ऐसी बहुत सारी बीमारियां होती हैं, जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती है और इस कारण से कई बार हमें पता ही नहीं चल पाता है कि हम ऐसी किसी बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसी ही एक बीमारी हैं पेनसोमनिया और इसका नाम पेन और इनसोमनिया को मिलाकर बनाया गया है। यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में देखी जाती है, जो किसी ऐसी क्रोनिक बीमारी से ग्रसित होते हैं, जिसके कारण उनके शरीर में दर्द (क्रोनिक पेन) रहता है जैसे आर्थराइटिस या एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस आदि। दर्द व अन्य तकलीफ के कारण रात को कम नींद आना एक आम समस्या है। लेकिन दर्द के कारण रात कुछ मरीजों को अनिद्रा की दिक्कत हो जाती है और इस स्थिति को पेनसोमनिया कहा जाता है। चलिए जानते है क्या है पेनसोमनिया के लक्षण और इससे बचाव के सही तरीके।
अगर आप किसी क्रोनिक बीमारी से ग्रसित हैं और दर्द के कारण आपको नींद नहीं आ रही है, तो यह पेनसोमनिया का संकेत हो सकता है। हालांकि, कुछ लोगों को दर्द के कारण कभी-कभी नींद नहीं आती है और रोजाना यह दिक्कत नहीं होती। पेनसोमनिया के दौरान व्यक्ति को अक्सर रात के समय दर्द के साथ-साथ दर्द व झुनझुनी आदि भी महसूस होती है।
वहीं पेमसोमनिया के दौरान कुछ व्यक्तियों को लगातार दर्द महसूस होता है, जबकि कुछ लोगों को कभी-कभी यह समस्या होती है। पेनसोमनिया से ग्रसित कुछ लोगों में यह देखा गया है कि उन्हें बार-बार दर्द महसूस होता रहता है और ठीक होता रहता है।
जैसा कि आपको पता है यह समस्या ज्यादातर उन लोगों में देखी जाती है, जिन्हें पहले से ही कोई क्रोनिक बीमारी है। किसी भी व्यक्ति को कोई भी ऐसा दर्द महसूस होना, जिससे व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं ले पाता है या फिर बार-बार नींद से जगा देता है आदि पेनसोमनिया होने के खतरे को बढ़ा देता है। उदाहरण के आर्थराइटिस या कैंसर के कारण होने वाला दर्द या फिर सर्जरी के बाद का दर्द आदि स्थितियां पेनसोमनिया के खतरे को बढ़ा सकती है।
अच्छी व स्वस्थ जीवनशैली की आदतें अपनाना और समय-समय पर दर्द को नियंत्रित करने वाली दवाएं लेना ही पेनसोमनिया से बचने का सबसे प्रमुख कारण है। हालांकि, अच्छी नींद लेने का अभ्यास भी पेनसोमनिया होने के बचा सकता है। अच्छी नींद लेने की लिए निम्न तरीके अपनाए जा सकते हैं -