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Written By: Editorial Team | Published : September 6, 2018 2:28 PM IST
पैरासिटामोल, आइबुब्रूफेन किडनी की क्रिया प्रभावित करती हैं। © Shutterstock
अक्सर लोग शरीर में कहीं भी दर्द होता नहीं कि उस दर्द से छुटकारा पाने के लिए पेनकिलर खा लेते हैं। आजकल सिरदर्द, पेट दर्द, कमर दर्द या कोई भी शरीर से संबंधित दर्द को दूर करने के लिए तमाम तरह की दर्द निवारक दवाएं मेडिकल स्टोर में मौजूद हैं। आप भी हर छोटी-मोटी तकलीफों से बचने के लिए पेनकिलर खा लेते हैं, तो संभल जाएं। ‘ब्रिटिश मेडिकल जर्नल’ में प्रकाशित एक अध्ययन में यह चेतावनी दी गई है कि पेनकिलर का बिना सोचे-समझे सेवन करना हार्ट अटैक और स्ट्रोक से होने वाले मौत के खतरे को 50 फीसदी तक बढ़ा देता है।
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यह अध्ययन डेनमार्क स्थित आरहुस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। इसमें उन्होंने 63 लाख लोगों पर पैरासिटामोल, आइबुब्रूफेन और डाइक्लोफेनैक सहित अन्य दर्द निवारक दवाओं के दुष्प्रभाव आंके। उन्होंने पाया कि स्टेरॉयड रहित ये दवाएं शरीर से पानी और सोडियम निकालने की किडनी की रफ्तार धीमी कर देती हैं। इससे रक्त प्रवाह तेज हो जाता है। साथ ही अंगों को खून पहुंचाने में ज्यादा दबाव पड़ने के कारण धमनियों के फंटने और व्यक्ति के हार्ट अटैक व स्ट्रोक का शिकार होने का खतरा रहता है। इसे भी पढ़ें- नाश्ते में फल नहीं सप्लीमेंट्स लेते हैं ? तो जान लीजिए, सेहत पर इनसे नहीं पड़ता कोई खास फर्क
मुख्य शोधकर्ता मॉर्टन शिमित के अनुसार, दर्द निवारक दवाएं दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर देती हैं। इससे व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, सीने में दर्द और पसीना आने की शिकायत हो सकती है। उन्होंने सभी देशों की सरकारों से ऐसा सख्त कानून बनाने की मांग की, जिसके तहत बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा की दुकानों पर पेनकिलर की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध हो जाए।
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पेनकिलर के सेवन से होने वाले नुकसान
-पैरासिटामोल, आइबुब्रूफेन और डाइक्लोफेनैक से लैस दवाएं किडनी की क्रिया प्रभावित करती हैं।
-शरीर में पानी-सोडियम का स्तर बढ़ने से रक्त प्रवाह तेज होता है, नस फंटने की रहती है आशंका।
-ब्लड प्रेशर घटाने में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न दवाओं को भी बेअसर बनाती हैं दर्द निवारक गोलियां।
पीरियड्स में क्या दर्द निवारक दवाएं लेना ठीक है?
दर्द से राहत पाने के लिए खाएं ये चीजें
हल्दी : फ्री-रैडिकल्स को नष्ट करने वाले ‘करक्युमिन’ की मौजूदगी दर्द का एहसास घटाने में कारगर।
लौंग : ‘इयुगेनॉल’ नाम के प्राकृतिक दर्द निवारक यौगिक से लैस। दांत के दर्द में सबसे ज्यादा असरदार।
अदरक : दर्द का सिग्नल दिमाग तक पहुंचाने वाले दो एंजाइम की क्रिया बाधित करने वाले यौगिक पाए जाते हैं।
बादाम : ओमेगा-3 फैटी एसिड मांसपेंशियों में दर्द, सूजन, खिंचाव का सबब बनने वाले रसायनों को निष्क्रिय करता है।
बर्फ/गर्म पानी की सिंकाई : नसों में खून का प्रवाह सुचारू बनाकर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द कम करती है।