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जरूरत से ज्यादा टेबल साल्ट का इस्तेमाल भी बढ़ा सकता है पेट के कैंसर का खतरा, हेल्थ एक्सपर्ट्स ने किया सावधान

Side effects of table salt: टेबल साल्ट का ज्यादा इस्तेमाल आपकी सेहत को कई अलग-अलग तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है और इस कारण से आपको कई परेशानियों का सामना पड़ सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताए इसके नुकसान

जरूरत से ज्यादा टेबल साल्ट का इस्तेमाल भी बढ़ा सकता है पेट के कैंसर का खतरा, हेल्थ एक्सपर्ट्स ने किया सावधान

Written by Mukesh Sharma |Published : June 4, 2024 2:10 PM IST

Side effects of table salt: श्रुति के भारद्वाज, सीनियर डायटिशियन, ज़ाइडस हॉस्पिटल, अहमदाबाद के अनुसार यदि आप अपने भोजन में टेबल नमक को अधिक प्राथमिकता देते हैं तब पेट के कैंसर का खतरा लगभग 40% तक बढ़ सकता है। नमक और पेट की परत के बीच होने वाली कई प्रकार की क्रियाओं से यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। दरअसल ज्यादा नमक के सेवन से नाइट्राइट और एन-नाइट्रोसो यौगिक जैसे कुछ यौगिकों का निर्माण हो सकता है, जिसके कारण पेट की परत को नुकसान पहुंचता है और इससे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा नमक पेट में सूजन भी पैदा कर सकता है, जो आगे चलकर कैंसर के विकास में योगदान देता है। इसलिए जिस नमक का उपयोग आप अपने खाद्य पदार्थ में स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं, उसका अत्यधिक सेवन स्वाद से हटकर आपके पेट को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

टेबल साल्ट से आंतों में होने वाली बीमारियां

बहुत अधिक नमक के सेवन करने से आपके आंतों पर स्वास्थ्य संबंधित कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। ज्यादा नमक का सेवन आपकी आंत माइक्रोबायोटा के संतुलन को बाधित कर सकता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया की अत्यधिक वृद्धि हो सकती है और लाभकारी बैक्टीरिया में कमी आ सकती है। यह असंतुलन, जिसे डिस्बिओसिस के रूप में जाना जाता है, पाचन को ख़राब कर सकता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है, और इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (आईबीएस) व इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज (आईबीडी ) जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या उत्पन्न कर सकता है।

टेबल साल्ट पेट के रोग

इसके अलावा, अत्यधिक नमक का सेवन पेट की परत में जलन और सूजन पैदा करके गैस्ट्राइटिस और पेप्टिक अल्सर जैसी स्थितियां भी उत्पन्न कर सकता है। इन स्थितियों से पेट में दर्द, सूजन, मतली और गंभीर मामलों में आंतरिक रक्तस्राव जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा ज्यादा नमक के सेवन से उच्च रक्तचाप का भी जोखिम बढ़ता है, जिससे कई प्रकार के हृदय रोग होने की संभावना भी बनी रहती है। उच्च रक्तचाप जठरांत्र संबंधी मार्ग सहित पूरे शरीर में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे रक्तस्राव, अल्सर और इस्केमिक आंत्र रोग जैसी समस्या उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है।

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कुल मिलाकर यदि आप अधिक नमक का सेवन करते हैं तो इससे आपके आंतों पर नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव पड़ सकते हैं, जिसमें आंत के माइक्रोबायोटा में रुकावट से लेकर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और हृदय से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

संतुलित मात्रा में दैनिक नमक का सेवन करें

नमक का दैनिक सेवन अत्यंत संतुलित मात्रा में करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित अधिकांश स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 5 ग्राम से भी काम जो लगभग एक चम्मच होता है, नमक का सेवन प्रतिदिन कर सकता है। अत्यधिक नमक के सेवन से उच्च रक्तचाप हृदय रोग व अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं, ऐसे में प्रतिदिन संतुलित मात्रा में नमक के सेवन से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।

किन पदार्थों में पाया जाता है नमक

कई प्रकार के प्रसंस्कृत और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में स्वाद को बढ़ाने के लिए अधिक मात्रा में नमक का इस्तेमाल होता है। इसके कुछ सामान्य उदाहरण है

  • प्रसंस्कृत मांस (जैसे, बेकन, सॉसेज, डेली मीट)
  • डिब्बाबंद सूप और शोरबा
  • स्नैक फूड (जैसे, चिप्स, प्रेट्ज़ेल, नमकीन मेवे)
  • पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद
  • मसाले और सॉस (जैसे, सोया सॉस, केचप, सलाद ड्रेसिंग)
  • बेक किया हुआ सामान (जैसे, ब्रेड, पेस्ट्री)

ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए इस प्रकार के खाद्य पदार्थ के लेवल की जांच करना चाहिए और जब भी संभव हो कम सोडियम या नमक-मुक्त विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है।

नमक का सेवन कम करने के उपाय

ताजा भोजन तैयार करके आप उसमें सीमित नमक की मात्रा से खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। प्रयास करें कि बाहर के पैक्ड खाद्य पदार्थ के अलावा घर पर ही खाद्य पदार्थों से भोजन तैयार करें जिसमें आप नमक की मात्रा सीमित रखकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।

खाने में जरूरी नहीं की स्वाद बढ़ाने के लिए आप अधिक नमक का इस्तेमाल करें बल्कि आप अन्य जड़ी बूटी मसाले का भी प्रयोग कर सकते हैं जिससे खाना तो स्वादिष्ट बनेगा ही और उसमें अधिक नमक का प्रयोग भी नहीं होगा।

  • खाद्य लेबल पढ़ें: यदि आप बाहर से कोई भी प्रसंस्कृत और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ ले रहे हैं तो उसका लेवल जरूर पढ़ें और कम सोडियम प्रयोग वाले खाद्य पदार्थों को ही प्राथमिकता दें।
  • प्रसंस्कृत और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को सीमित करें: प्रसंस्कृत मांस, डिब्बाबंद सूप और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें जिनमें आमतौर पर नमक की मात्रा अधिक होती है।
  • डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों को धोएं: यदि डिब्बाबंद बीन्स, सब्जियां या मछली का उपयोग कर रहे हैं, तो खाना पकाने या उपभोग करने से पहले अतिरिक्त नमक निकालने के लिए उन्हें पानी से अच्छी तरह से धो लें।
  • बाहर खाना खाते समय सावधान रहें: रेस्तरां में खाना खाते समय या बाहर ले जाने का ऑर्डर करते समय, अलग से सॉस मांगें और भोजन कम नमक के साथ तैयार करने का अनुरोध करें।

धीरे-धीरे नमक का सेवन कम करें: समय के साथ अपने भोजन में जोड़े जाने वाले नमक की मात्रा को धीरे-धीरे कम करें ताकि आपकी जीभ कम सोडियम के स्तर को समायोजित कर सकें।

सोडियम की मात्रा के मामले में सभी नमक एक जैसे होते हैं, इसलिए सोच-समझकर इस्तेमाल करें।

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इन रणनीतियों को अपनाकर आप नमक के सेवन को कम करने का बेहतर विकल्प तैयार कर सकते हैं, जिससे आपका स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा और आप कई प्रकार की बीमारियों से भी बच सकते हैं। इसलिए टेबल नमक का सेवन कम करें और स्वस्थ रहें।