
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 4, 2022 3:02 PM IST
हेल्दी रहने के मतलब सिर्फ नहीं होता कि आप बीमार न पड़ें। आपकी स्किन व बाल आदि भी पूरी तरह से स्वस्थ होने चाहिए। दरअसल जीवनशैली में बढ़ते तनाव और प्रदूषण जैसे बाहरी कारकों के कारण ज्यादातर लोगों को स्किन व बालों से संबंधित समस्याएं होने लगी हैं। हालांकि, मार्केट में इन समस्याओं को दूर करने के लिए कई प्रोडक्ट, दवाएं व सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, जिनमें से एक है बायोटिन सप्लीमेंट। बायोटिन सप्लीमेंट को विटामिन बी7 (Vitamin B7) के नाम से भी जाना जाता है। बालों व स्किन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए बायोटिन काफी फायदेमंद रहता है और इसलिए काफी लोग यह सप्लीमेंट लेना पसंद करते हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा बायोटिन सप्लीमेंट लेना स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। यह आर्टिकल खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी हैं, जो बायोटिन यानी विटामिन बी7 सप्लीमेंट्स ले रहे हैं या फिर इसे लेना शुरू करने की योजना बना रहे हैं। चलिए जानते हैं ज्यादा बायोटिन सप्लीमेंट लेने से हेल्थ को क्या नुकसान हो सकते हैं -
ज्यादातर लोग झड़ते बालों या त्वचा संबंधी समस्याओं से तंग आकर बायोटिन सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं, जिससे उन्हें आराम भी मिलता है। लेकिन और ज्यादा अच्छा रिजल्ट लेने के लिए कुछ लोग अधिक मात्रा में इस सप्लीमेंट का सेवन शुरू कर देते हैं, जिस कारण से उनका पेट खराब हो जाता है। ज्यादा बायोटिन लेने से पाचन क्रिया बिगड़ जाती है और साथ ही उल्टी, जी मिचलाना, पेट में दर्द और कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती है।
सप्लीमेंट के रूप में विटामिन बी7 का अधिक सेवन करने से नींद संबंधी समस्याएं होने लगती है, जिस कारण से रात को ठीक से नींद न आना, नींद से बार-बार उठना और दिन में नींद आने जैसे लक्षण विकसित होने लगते हैं। बायोटिन कुछ लोगों के मस्तिष्क पर असर भी डालता है, जिस कारण से चक्कर आना व सिर दर्द होना आदि लक्षण देखने को मिल सकते हैं।
अगर आप बायोटिन को सप्लीमेंट के रूप में ले रहे हैं, जो कि एक नेचुरल तरीका नहीं है। ऐसे में यदि इस सप्लीमेंट को अधिक मात्रा में लिया जाता है, तो इस कारण से कई अन्य दवाएं काम करना बंद कर सकती हैं। इसलिए शुगर, बीपी व कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को बायोटिन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से बात अवश्य कर लेनी चाहिए।
वैसे तो बायोटिन पानी में घुलनशील विटामिन (Water soluble vitamin) है और इसकी अतिरिक्त मात्रा पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकल जाती है। हालांकि, अगर अत्यधिक मात्रा में सेवन करने के कारण यह शरीर में बहुत ज्यादा जमा हो गया है, तो गुर्दों को इसे फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालने में मुश्किल होने लग सकती है। इस कारण से कई बार गुर्दे खराब हो जाते हैं।
हर व्यक्ति की उम्र, वजन और अंदरूनी शारीरिक समस्याओं को देखते हुए उसके लिए बायोटिन की उचित मात्रा अलग-अलग हो सकती है। हालांकि, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को रोजाना 30 से 100 माइक्रोग्राम तक ही बायोटिन लेना चाहिए। वहीं 7 से 10 साल के बच्चों को 30 माइक्रोग्राम या उसके नीचे और 4 से 6 साल के बच्चों को 25 माइक्रोग्राम से ऊपर बायोटिन नहीं लेना चाहिए।
बायोटिन वैसे तो सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए उचित है, जिनके शरीर में बायोटिन या विटामिन बी7 की कमी (Vitamin B7 deficiency) है। वहीं अगर कोई व्यक्ति किसी क्रोनिक बीमारी से ग्रसित है, जैसे हाई या लो बीपी, शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया और हृदय या किडनी से संबंधित रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही बायोटिन का इस्तेमाल करना चाहिए।