
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Sanjay Gupta
किसी भी ORS के फॉर्मूले में 4 चीजों को शामिल किया जाता है।
गर्मी या किसी भी तरह के मौसम में बदलाव शुरू होते ही अस्पतालों में लाइन लग जाती है। उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन, लू लगना के मरीजों की। जब ये मरीज अस्पताल में डॉक्टर के पास जाते हैं तब डॉक्टर का पहला सवाल होता है ORS पिलाया था? डॉक्टर का सवाल सुनकर कुछ लोग कहते हैं हां और कुछ कहते हैं कि नहीं। क्योंकि आज भी भारत के 70 से 80% घरों में ORS का पैकेट होता ही नहीं है। हम दवा की दुकान भागते हैं, या नींबू-चीनी-नमक का घोल बनाकर मरीज को दे देते हैं, ताकि उसे बस आराम मिल जाए। ओआरएस हर घर में रखना क्यों जरूरी है इसके प्रति जागरूकता लाने के लिए 29 जुलाई को वर्ल्ड ओआरएस डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम बात करेंगे ORS कोई बीमारी वाली दवा नहीं है। ये एक लाइफ-सेविंग घोल है जो हर घर के फर्स्ट-एड बॉक्स में होना ही चाहिए। WHO की रिपोर्ट 2023 के अनुसार, ORS के इस्तेमाल से दुनिया भर में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की दस्त से होने वाली मौत 93% तक कम हो गई है।
ORS का फुल फॉर्म है Oral Rehydration Solution यानी मौखिक पुनर्जलीकरण घोल। WHO और UNICEF ने इसे मिलकर बनाया था। किसी भी ORS के फॉर्मूले में 4 चीजों को शामिल किया जाता है- सोडियम, पोटैशियम, सिट्रेट और ग्लूकोज। एकदम सही मात्रा में। डॉ. वी.के. पॉल, नीति आयोग के सदस्य और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं, ORS दुनिया का सबसे सस्ता और सबसे असरदार आविष्कार है। इसने करोड़ों बच्चों की जान बचाई है।
उल्टी- दस्त होने पर तुरंत ORS देना जरूरी होता है।
नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के हेड डॉ. संजय गुप्ता कहते हैं कि ओआरएस का पैकेट हर घर में होना जरूरी है, ताकि उल्टी, दस्त जैसी बीमारी में तुरंत इसे इस्तेमाल किया जा सके। आइए आगे जानते हैं ORS के 5 बड़े फायदों के बारे में-
डॉक्टर बताते हैं कि दस्त या उल्टी होने पर शरीर से पानी के साथ-साथ नमक भी निकल जाता है। सिर्फ पानी पीने से वो नमक वापस नहीं आता है। ORS का कमाल ये है कि इसमें मौजूद ग्लूकोज और नमक एक साथ मिलकर आंतों से पानी को 3 गुना तेजी से खून में पहुंचते हैं। इससे उल्टी, दस्त के कारण होने वाले डिहाइड्रेशन से तुरंत राहत मिलती है।
नोएडा-दिल्ली जैसी जगहों पर मई-जून में 45 डिग्री टेम्परेचर नॉर्मल है। पसीने से शरीर का सारा नमक निकल जाता है। इसके कारण सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी की परेशानी होती है। ऐसे में ORS पीते ही 15 मिनट में एनर्जी वापस आ जाती है। खिलाड़ी, मजदूर, बच्चे, बुजुर्ग समेत हर उम्र के लोगों के लिए ORS पीना फायदेमंद होता है।
डॉक्टर कहते हैं कि 100 बुखार में शरीर 24 घंटे में 1 लीटर एक्स्ट्रा पानी मांगता है। अगर पानी नहीं मिला तो चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में ORS बुखार में खोए हुए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट दोनों की भरपाई कर देता है। द
छोटे बच्चों को दस्त लग जाए तो 2 घंटे में हालत खराब हो जाती है। ठीक इसी तरह बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन से BP गिर जाता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों को ओआरएस देने से डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है।
मानसून के मौसम में बाहर खाना या बासी खाने के बाद अक्सर लोगों को पेट में खराबी और फूड पॉइजनिंग की समस्या होती है। ऐसे में ओआरएस पीना पेट के लिहाज से फायदेमंद होता है। ओआरएस का सोडियम और नमक शरीर को हाइड्रेट करके फूड पॉइजनिंग की समस्या से बचाता है।
29 जुलाई को वर्ल्ड ORS डे मनाया जा रहा है।
डॉ. संजय गुप्ता बताते हैं कि ORS की मात्रा उम्र और जरूरत के हिसाब से तय होती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
डॉक्टर कहते हैं कि अगर 24 घंटे में ORS पीने के बाद भी उल्टी रुक नहीं रही, खून आ रहा है या बहुत कमजोरी है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ORS इलाज की जगह नहीं लेता, पर उसे सपोर्ट करता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प नहीं है। ORS का उपयोग करने से पहले खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।