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नीम की दातुन से दांत साफ करने के 6 फायदे

ब्रश-टूथपेस्ट छोड़िये और नीम का दातुन अपनाइए, फिर देखिये अपने दांतों में फर्क।

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Written By: Mousumi Dutta | Updated : January 4, 2017 7:54 PM IST

आपने कभी सोचा है कि पहले जमाने में दांतों की समस्या बहुत कम लोगों को होती थी, क्या आपने कभी सोचा है क्यों? पहले लोग ब्रश-पेस्ट का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि दातुन से मुंह धोते थे। न उनके दांतो में सेंसिटिविटी की समस्या थी, न ही पीले दांतों की, और न ही सांसो में बदबू की। और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि आज बड़ी-बड़ी कंपनियाँ इन्हीं नैचुरल चीजों को मिलाकर टूथपेस्ट बनाकर मार्केट में लाती है लोग पागलों की तरह उनको खरीदते हैं, चाहे वह कितने ही महंगे क्यों न हो।

चलिये जानते हैं कि क्यों महंगे टूथपेस्ट और ब्रश के जगह पर नीम के दातुन दांतों और ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है। डॉ. नाजिया खान, बी.ए.एम.एस. बताती हैं कि नीम की दातुन अन्य दातुन से भी अच्छी होती है क्योंकि इसका रासायनिक संगठन नीमबीन नीमबीडीन (nimbin nimbidin) और मारगोडीन (margodin) नामक रासायनिक संगठन से बनता है जो अपने औषधिय गुणों के कारण ओरल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है।

आज भी गांवों में लोग व्रत या पूजा में ब्रश का इस्तेमाल करने के जगह पर दातुन का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह जूठी नहीं होती है। यानि बार-बार का इसका इस्तेमाल नहीं होता है, ताजा तोड़कर इस्तेमाल करने के कारण यह शुद्ध और पवित्र होता है। एक बात का ध्यान रखें कि नीम का दातुन सूखा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे रस नहीं निकल पाता है जो दांत के साथ पेट और चेहरा के लिए भी अच्छा होता है। चलिये इसके फायदों के बारे में जानते हैं-

दांतों में कीड़ों से बचाव- बच्चों को दांतों में कीड़ा होने की समस्या तो आम हैं। चॉकलेट खाते रहते हैं और दांत दर्द से रोते रहते हैं। अगर आप नियमित रूप से नीम के दातुन से दांतों को साफ करेंगे तो कभी भी कीड़े की समस्या नहीं होगी, क्योंकि यह किटाणुनाशक होता है।

मुँह में बदबू, पस और सड़न से राहत दिलाता है- डॉ. नाजिया खान का कहना है कि आयुर्वेद के अनुसार यह लघु कषाय कटु एवम् शीत होने के कारण दांतों में सड़न, मुँह में बदबू, पस आदि को होने से रोकती है।

मुँह के छालों को जल्दी ठीक करता है- नीम के दातुन का एन्टी-माइक्रोबायल गुण मुँह के छालों को जल्दी ठीक होने में बहुत मदद करता है और उनका बार-बार आना कम करता है।

दांतों के दर्द में असरदार रूप से काम करता है- नीम के दातुन को अच्छी तरह से धोकर धीरे-धीरे चबाना चाहिए, उससे जो रस निकलता है वह दांतो के दर्द को दूर करता है क्योंकि इसका एन्टी-बैक्टिरीयल, एन्टी-फंगल और एन्टी-वायरल गुण इस क्षेत्र में बहुत काम करता है। साथ ही मसूड़े मजबूत होते हैं जिसके कारण बुढ़ापे में भी दांतों की कोई समस्या नहीं होती है।

दांतो का पीलापन दूर करता है- आजकल तरह-तरह के जंक फूड खाने के वजह से दांतों में पीलेपन की समस्या हो गई है। नीम के दातुन से जो रस निकलता है वह दातों के पीलेपन को साफ करके उन्हें सफेद, स्वस्थ और चमकदार बनाता है।

फेसलुक को बेहतर बनाता है - कहते हैं कि दातुन को चबाने से जो चेहरे का व्यायाम होता है उससे फेस पर एक स्लिक लुक आ जाता है।

ध्यान देने की बात यह है कि नीम का दातुन कड़वा होने के कारण गर्भवती महिलाएं और बच्चे न ही इस्तेमाल करें तो अच्छा है, हो सकता है कड़वेपन के कारण उन्हें जी मिचलाने या उल्टी होने की समस्या हो। नीम के दातुन से दांतों को रगड़ना नहीं चाहिए बल्कि पहले धीरे-धीरे चबाना चाहिए फिर जब वह ब्रश की तरह मुलायम हो जाय तब धीरे-धीरे दांत को इससे साफ करना चाहिए। यहाँ तक इसको चबाने से जीभ भी साफ हो जाता है। इसलिए टूथब्रश और पेस्ट छोड़े और नीम का दातुन अपनायें-फिर अपने दांतों में आए फर्क को देखें।

चित्र स्रोत : Shutterstock images


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