
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
सांकेतिक तस्वीर
लगातार पीठ दर्द, कमजोरी और मल के साथ खून आना... 63 साल के एक शख्स पिछले करीब 15 दिनों से इन परेशानियों से जूझ रहे थे। शुरुआत में यह एक नॉर्मल हेल्थ प्रॉब्लम लग रही थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि जान बचाना भी मुश्किल हो गया। मरीज को कई अस्पतालों में दिखाया गया, 25 यूनिट से ज्यादा खून चढ़ाया गया, लेकिन लगातार हो रहे आंतरिक ब्लीडिंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। जिंदगी की आखिरी उम्मीद में डॉक्टर ने मरीज को आधुनिक EVAR (Endovascular Aortic Repair) तकनीक देने का फैसला लिया। डॉक्टरों के इस फैसले ने न सिर्फ मरीज की जिंदगी को बचाया, बल्कि उसे एक नॉर्मल लाइफ देने में भी मदद की।
जांच में पता चला कि मरीज को एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (Abdominal Aortic Aneurysm- AAA) था। यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें पेट की सबसे बड़ी रक्त वाहिनी यानी एब्डॉमिनल एओर्टा की दीवार कमजोर होकर फूलने लगती है। समय रहते इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। मरीज के मामले में स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई थी क्योंकि एओर्टा और छोटी आंत के बीच एओर्टोएंटरिक फिस्टुला (Aortoenteric Fistula) बन गया था। इसकी वजह से लगातार खून बह रहा था और वह मल के साथ बाहर निकल रहा था। लगातार ब्लीडिंग होने के कारण ब्लड प्रेशर भी काफी गिर चुका था।
शुरुआती एंडोस्कोपी में डॉक्टरों को छोटी आंत में कई अल्सर दिखाई दिए। इनका इलाज APC (Argon Plasma Coagulation) तकनीक से किया गया, जिससे कुछ समय के लिए ब्लीडिंग रुक गई। हालांकि, बीमारी की असली वजह दूर नहीं हुई थी, इसलिए कुछ समय बाद फिर से ब्लीडिंग शुरू हो गया। इस दौरान मरीज को कई बार ब्लड चढ़ाना पड़ा, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती रही।
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पहुंचने के बाद मरीज को तुरंत क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती किया गया। इसके बाद कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS), गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, क्रिटिकल केयर और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञों ने मिलकर इलाज की नई प्लानिंग की। 20 जून 2026 को मरीज का सफलतापूर्वक EVAR (Endovascular Aortic Repair) किया गया। EVAR एक ऐसी तकनीक है, जिसमें खराब हो चुके ब्लड वेसल्स के हिस्से को अंदर से स्टेंट ग्राफ्ट लगाकर सुरक्षित किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद मरीज का ब्लीडिंग लगभग पूरी तरह कंट्रोल हो गया।
इलाज के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर होने लगी। 23 जून को हुई कैप्सूल एंडोस्कोपी में डॉक्टरों ने पाया कि छोटी आंत के अल्सर तेजी से भर रहे हैं और कहीं भी नई ब्लीडिंग नहीं हो रही है। नियमित दवाइयों, निगरानी और विशेषज्ञ देखभाल के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।
नोएडा एक्सटेंशन स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉयरेक्टर डॉ. जीवन पिल्लई ने इस मरीज के बारे में जानकारी देते हुए कहा- "एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (AAA) एक जानलेवा बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते। इस मरीज की स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन समय पर सही जांच, आधुनिक EVAR तकनीक से उनकी जान बचाई जा सकी। लगातार पेट या पीठ में दर्द, मल के साथ खून आना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।"
वहीं, इस केस के बारे में जानकारी देते हुए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी निभाग के डॉ. हार्दिक आहूजा ने बताया कि यह मामला बेहद जटिल था क्योंकि मरीज में लगातार आंत से ब्लीडिंग हो रहा था। एंडोस्कोपी, APC उपचार और कैप्सूल एंडोस्कोपी जैसी उन्नत जांचों के जरिए ब्लीडिंग के वास्तविक कारण की पहचान की गई। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और CTVS टीम के समन्वित उपचार से ब्लीडिंग पूरी तरह कंट्रोल हुआ और मरीज सुरक्षित रूप से स्वस्थ होकर घर लौट सका।"
विशेषज्ञों के अनुसार यदि लगातार पेट या पीठ में दर्द हो, अचानक कमजोरी महसूस हो, चक्कर आए या मल के साथ खून दिखाई दे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। कई बार ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इन लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी देने के लिए है। अगर आपको अंदर कोई लक्षण नजर आ रहा है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें।