विश्‍व मच्‍छर दिवस पर जानें, इस सर्वाधिक घातक कीट से फैलने वाली बीमारियों के बारे में 

भारत सहित बांग्लादेश में भी इन दिनों मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मरीजों में इजाफा हो गया है। मच्छर विश्व के सबसे प्राणघाती कीटों में से एक हैं। इसमें मनुष्यों के भीतर रोग प्रसारित और रोग संचारित करने की क्षमता है।

WrittenBy

Written By: Yogita Yadav | Published : August 20, 2019 12:21 PM IST

20 अगस्‍त को दुनिया भर में विश्‍व मच्‍छर दिवस (World Mosquito Day) मनाया जाता है। भारत में भी यह समय मच्‍छरों की भरमार का होता है। भारत सहित बांग्‍लादेश में भी इन दिनों मच्‍छरों से फैलने वाली बीमारियों (World Mosquito Day) के मरीजों में इजाफा हो गया है। वहीं डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से जूझने के लिए सारी दुनिया एक साथ खड़ी है। आइए जानें क्‍यों मनाया जाता है विश्‍व मच्‍छर दिवस। साथ ही उन बीमारियों के बारे में भी जानें जिनका कारण मच्‍छर है।

क्‍यों मनाया जाता है विश्‍व मच्‍छर दिवस (World Mosquito Day)

विश्व मच्छर दिवस प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस ब्रिटिश चिकित्सक, सर रोनाल्ड रॉस की स्मृति में मनाया जाता है। सर रोनाल्‍ड रॉस ने वर्ष 1897 में यह खोज की थी, कि ‘मनुष्य में मलेरिया के संचरण के लिए मादा मच्छर उत्तरदायी है’। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन ने विश्व मच्छर दिवस मनाने की शुरूआत वर्ष 1930 में की थी।

दुनिया का सबसे घातक कीट है मच्‍छर 

मच्छर विश्व के सबसे प्राणघाती कीटों में से एक हैं। इसमें मनुष्यों के भीतर रोग प्रसारित और रोग संचारित करने की क्षमता है। मच्‍छर जनित और संचरित बीमारियों (World Mosquito Day) के कारण दुनिया भर में प्रति वर्ष लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है।

अलग-अलग मच्‍छर फैलाते हैं अलग-अलग बीमारियां 

मच्छर कई प्रकार के होते हैं, जो कि कई प्रकार के रोगों के संवाहक हो सकते हैं। निम्नलिखित रोगों के लिए एडीज, एनोफेल्स, क्यूलेक्स मच्छर (जीवित जीव, जो कि मनुष्यों या कीटों से मनुष्यों के बीच संक्रामक रोग प्रसारित कर सकते हैं) माध्यम के रूप में कार्य करते है।

एडीज

चिकनगुनिया, डेंगू बुख़ार, लिम्फेटिक फाइलेरिया, रिफ्ट वैली बुखार, पीला बुखार (पीत ज्वर), ज़ीका।

एनोफेलीज़

मलेरिया, लिम्फेटिक फाइलेरिया (अफ्रीका में)।

क्यूलेक्स

जापानी इन्सेफेलाइटिस, लिम्फेटिक फाइलेरिया, वेस्ट नाइल फ़ीवर।

यह भी जानना है जरूरी

  • मादा एनोफेलीज़ कूलिसिफासीस मलेरिया का प्रमुख रोग वाहक है, जो कि आमतौर पर मनुष्यों के साथ-साथ मवेशियों को भी काटता है।
  • एनोफेलीज़ (मलेरिया की रोगवाहक) वर्षा जल और इकट्ठा हुए जल (पोखर), गड्ढे, कम जल युक्त नदी, सिंचाई माध्यम (चैनल), रिसाव, धान के खेत, कुंए, तालाब के किनारे, रेतीले किनारे के साथ धीमी धाराओं में प्रजनन करती है।
  • एनोफेलीज़ मच्छर सबसे ज़्यादा शाम और सुबह के बीच काटता है।
  • मादा एडीज एजिप्ट मनुष्य में डेंगू, चिकनगुनिया, ज़ीका और पीला बुखार संचारित करती है।
  • मादा एडीज (World Mosquito Day)सबसे अधिक दिन के समय काटती है तथा काटने का चरम समय संध्या से पहले शाम या सुबह के दौरान होता है।
  • एडीज एजिप्ट मच्छर किसी भी प्रकार के मानव निर्मित कंटेनरों या पानी की थोड़ी सी मात्रा से युक्त भंडारण करने वाले कंटेनरों में प्रजनन करती है।
  • एडीज एजिप्ट के अंडे एक वर्ष से अधिक समय तक बिना पानी के जीवित रह सकते हैं। एडीज एजिप्ट सामान्यत: चार सौ मीटर की औसत पर उड़ती है, लेकिन यह एक स्थान से दूसरे स्थान तक मनुष्य के माध्यम से अकस्मात स्थानांतरित होती है।
  • मादा मच्छरों के लिए केवल रक्त आहार और जानवरों को काटने की आवश्यकता होती है, जबकि पुरुष मच्छर काटते नहीं है, लेकिन वे फूलों के मकरंद या अन्य उपयुक्त शर्करा स्रोत को खाते हैं।

इस तरह करें मच्‍छरों से बचाव 

  • घर के बर्तनों और बाल्टी, जिनमें पानी जमा रहता है, उन्हें उलटकर रखें।
  • मॉनसून यानी बरसात के मौसम में पूरी बांह के ढके हुए कपड़े पहनें।
  • घर के खाली गमलों को अच्छी तरह साफ रखना चाहिए। बरसात में अकसर गमलों में पानी भर जाता है, उन्‍हें खाली करते रहें।
  • बारिश के मौसम में मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • घर में अगर कूलर है तो उसकी सफाई करें और पानी को जमा न होने दें।
  • एंटी मॉस्किटों कॉइल या अन्‍य साधनों का उपयोग कर सकते हैं।
  • तेज बुखार, ठंड लगने के साथ अगर थकान और कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

ये स्मार्ट टिप्स बचाएंगे मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से

घर में ही मौजूद है डेंगू से बचने के उपाय

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source