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फिश ऑयल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड क्रोनिक इंफ्लेमेशन के जोखिम को करता है कम: स्टडी।
Fish Oil Benefits in Hindi: फिश ऑयल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड (Fish oil Omega-3 fatty acids benefits) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में सेहत पर होने वाले इसके एक अन्य फायदे के बारे में शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है। अध्ययन में कहा गया है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 fatty acid) के तत्व ईपीए और डीएचए पुरानी सूजन (Chronic inflammation) के खिलाफ अलग-अलग तरीके से काम करते हैं। ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को रेगुलेट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
टफ्ट्स यूनिवर्सिटी (एचएनआरसीए) में जीन मेयर यूएसडीए ह्यूमन न्यूट्रिशन रिसर्च सेंटर ऑन एजिंग के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में 34 सप्ताह का ट्रायल चला। इसमें मोटापे (Obesity) और क्रोनिक लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन से ग्रस्त कुछ वयस्कों के छोटे से ग्रुप को शामिल किया गया। इन्हें दिन में दो बार ओमेगा-3 ईपीए या डीएचए (fish oil omega-3s EPA or DHA) सप्लीमेंट्स की खुराक प्राप्त करने के लिए रैंडमली चुना गया। इसके परिणाम एथेरोस्क्लेरोसिस में प्रकाशित हुए हैं।
EPA और DHA, कई मछलियों और शेलफिश में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में पता चला है कि ये हृदय रोग और सूजन के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सहायक होते हैं। इस अध्ययन के परिणामों से पता चला है कि डीएचए का ईपीए की तुलना में अधिक मजबूत एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है। फिश ऑयल (Fish Oil Benefits) में मौजूद ये दो मुख्य तत्व किस तरह कार्य करते हैं, इस पर भी अध्ययन में चर्चा की गई। डीएचए, ईपीए की तुलना में शरीर में होने वाले इंफ्लेमेशन (Inflammation) को कम करने में अधिक प्रभावी होता है।
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