
... Read More
Written By: Anshumala | Published : February 15, 2019 2:38 PM IST
ऑक्युलर माईग्रेन क्या है और क्यों होता है, जानें। © Shutterstock.
क्या आपको रोशनी की चमक बर्दाश्त नहीं होती? आंखों के सामने धुंधलापन या कालापन छा जाता है, तो ये लक्षण ऑक्युलर माईग्रेन के हो सकते हैं।ऑक्युलर माईग्रेन को रेटिनल माईग्रेन भी कहते हैं। यह एक अलग स्थिति है और इसे सिरदर्द का माईग्रेन समझकर धोखा नहीं खाना चाहिए। इसे माइग्रेन औरा कहते हैं। इससे दोनों आंखों की दृष्टि प्रभावित होती है। ऑक्युलर माईग्रेन से एक आंख की दृष्टि आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से खराब हो जाती है और ऐसा लगभग 15 से 30 मिनट तक रहता है, जिसके बाद दृष्टि धीरे-धीरे वापस आती है।
माइग्रेन के दर्द को कम करेंगे ये 4 फल, जब सिर दर्द हो तो जरूर खाएं
एल्कॉन इंडिया के हेड-सीडीएमए डॉ. अरिंदम डे कहते हैं कि चूंकि ज्यादातर ऑक्युलर माइग्रेन पीड़ा रहित और खामोश होते हैं, इसलिए इनका नाम लोग केवल विशेषज्ञों के मुंह से सुनते हैं। ये दोनों माइग्रेन एक-दूसरे के पर्याय नहीं। ऑक्युलर माइग्रेन का उपयोग ‘साइलेंट माइग्रेन’ की जगह नहीं किया जा सकता। इस तरह के माइग्रेन में लोगों को दृष्टि में औरा दिखाई देता है और इसमें सिरदर्द हो भी सकता है और नहीं भी तथा अस्थायी रूप से दृष्टि खराब हो जाती है। अच्छी बात यह है कि ऑक्युलर माईग्रेन के लक्षण आम तौर पर 30 मिनट के अंदर खुद-बखुद दिखने बंद हो जाते हैं ।
सिर दर्द से सिर फटा जा रहा है? आजमाकर देखें ये घरेलू उपचार
ऑक्युलर माइग्रेन, माइग्रेन औरा से अलग क्यों है?
इन दोनों स्थितियों के लक्षण कुछ संकेतों के अलावा लगभग एक समान हैं। आम माइग्रेन से भी दृष्टि की समस्याएं हो सकती हैं, जिसे औरा कहा जाता है, इसमें रोशनी फ्लैश करती है और ब्लाइंड स्पॉट आते हैं लेकिन ये लक्षण आमतौर पर दोनों आंखों में महसूस होते हैं और सिर में भारी दर्द होता है। मुख्य अंतर यह है कि औरा वाला माइग्रेन दोनों आंखों को प्रभावित करता है, जबकि ऑक्युलर माइग्रेन में केवल एक आंख प्रभावित होती है। इसमें जरूरी नहीं कि सिर में दर्द हो। दोनों माइग्रेन में दृष्टि की समस्याएं होती हैं, जैसे-
कहीं आप भी तो नहीं हैं इन 7 तरह के सिरदर्द से परेशान
ऑक्युलर माइग्रेन क्यों होता है?
डॉ. अरिंदम डे कहते हैं कि ऑक्युलर माइग्रेन उच्च रक्तचाप, तनाव, अत्यधिक गर्मी, धूम्रपान, नींद के अनियमित चक्र, ऊंचाई से और ज्यादा बढ़ जाता है और यह महिलाओं में या 40 साल से कम उम्र के लोगों में या फिर उन लोगों में ज्यादा होता है, जिनके परिवारों में इसका कोई इतिहास रहा हो।
माइग्रेन को नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक, लक्षणों को पहचानकर अपनाएं ये घरेलू इलाज
क्या है कारण
ऑक्युलर माइग्रेन का सही कारण अभी भी ज्ञात नहीं है। मुख्य परिकल्पनाओं में इसका कारण रेटिना की रक्तवाहिनियों में ऐंठन और रेटिना की नसों की कोशिकाओं में होने वाला परिवर्तन माना गया है । परिकल्पनाओं में यह भी कहा गया है कि इसका कारण दिमाग में होने वाली विद्युतीय गतिविधि है। जब एक विद्युतीय तरंग कोई असामान्य गतिविधि करती है, जो वह दिमाग की सतह पर फेल जाती है और ऑक्युलर माइग्रेन करती है।
इलाज कैसे करें?
- ऑक्युलर माइग्रेन से पीड़ित लोगों के लिए खुद का ख्याल रखना सबसे बड़ा इलाज है। आप अपने लिए ऑक्युलर माइग्रेन को बढ़ाने वाली चीजों का रिकॉर्ड एक डायरी में रख सकते हैं। इन चीजों में खाना, दवाई, मौसम की स्थिति या रोशनी हैं, जिनसे ऑक्युलर माइग्रेन बढ़ता है। ऐसे मरीजों के लिए अनुशंसित दवाई के अलावा एक्युपंक्चर एवं एक्युप्रेशर और आईस बैग्स भी फायदेमंद होते हैं।
बार-बार होता है सिर दर्द ? जानें किन कारणों से होता है सिर दर्द और दूर करने के कुछ घरेलू उपाय
- ऑक्युलर माइग्रेन के लक्षण 30 मिनट के अंदर स्वतः की दिखने बंद हो जाते हैं। इस अवधि में आंखों को आराम देने, चमकीले प्रकाश से बचने, तनाव वाली चीजों से दूर रहने और स्क्रीन टाइम (टेलीविजन, कंप्यूटर मॉनिटर, टेबलेट या फोन देखने में लगाया जाने वाला समय) कम करने से भी इस स्थिति में आराम मिलता है।
- नॉन-स्टीरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी (एनसैड) पेन मेडिकेशंस एवं एंटी-नौजिया मेडिकेशन इन लक्षणों में आराम दे सकते हैं। आपका डॉक्टर बीटा- ब्लॉकर, कैल्शियम-चैनल ब्लॉकर आदि का परामर्श दे सकता है। यदि लक्षण बने रहते हैं, तो ऑफ्थैल्मोलॉजिस्ट से संपर्क करना सबसे बेहतर है।