महिलाओं में पीसीओडी और मोटापे में क्या संबंध है, इसका उपचार कैसे करते हैं?
PCOD and Obesity: पीसीओडी एक हार्मोनल असंतुलन की ऐसी स्थिति है जिसमे मोटापा कम करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
Medically Verified By: Dr. Dheeraj Naik
शरीर में सामान्य से ज्यादा वसा होने की स्थिति को मोटापा कहा जाता है। मोटापा और शरीर का वजन बढ़ना (ओवरवेट) को आमतौर पर एक ही चीज समझा जाता है, लेकिन ये दोनों अलग स्थितियां हैं। यदि किसी व्यक्ति का वजन उसकी उम्र और लंबाई के अनुसार ज्यादा तो उसे ओवरवेट कहा जाता है। हालांकि, मांसपेशियां, हड्डियां, वसा और शरीर में मौजूद पानी व्यक्ति के शरीर के वजन को निर्धारित करते हैं। मोटापा वैश्विक रूप से स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन चुकी है। एक रिपोर्ट के अनुसार 1.9 अरब लोग आज के समय में ओवरवेट हो चुकी हैं और वहीं लगभग 65 करोड़ लोग मोटापे के शिकार हैं। भारत में मोटापे का स्तर नियमित रूप से बढ़ रहा है और इस समय भारत में लगभग 13.5 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हैं।
बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के अनुसार मोटापे को कई प्रकारों में विभाजित किया जाता है, जो इस प्रकार है -
सरल शब्दों में यदि कोई व्यक्ति रोजाना अपने भोजन के माध्यम से इतनी कैलोरी ले रहा है, जितनी वह शारीरिक गतिविधियों की मदद से खर्च नहीं कर पाता है तो यह मोटापा होने का सबसे बड़ा कारण है। ऐसा होने के आमतौर पर कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे -
मोटापे की समस्या का निदान करने के लिए बीएमआई को कैलकुलेट किया जाता है। वहीं पेट के मोटापे का निदान करने के लिए कमर की परिधि की जांच की जाती है। यदि किसी पुरुष की कमर की परिधि 94 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा है और महिला की 80 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा है, तो उनमें मोटापे की पुष्टि की जाती है।
मोटापे की रोकथाम करने का कोई विशिष्ट तरीका उपलब्ध नहीं है। हालांकि, अच्छा व संतुलित आहार लेना और आवश्यकतानुसार शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना मोटापे से बचने का अच्छा तरीका हो सकता है। जीवनशैली की अच्छी आदतों को अपनाना वजन की रोकथाम करने में मदद कर सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं -
मोटापे को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाएं दे सकते हैं, लेकिन वे सिर्फ तब ही काम करती हैं जब मरीज संतुलित आहार ले रहा है और शारीरिक गतिविधियां भी कर रहा है। हालांकि, ये दवाएं सिर्फ उन्हीं लोगों को दी जाती हैं, जो डाइट और एक्सरसाइज की मदद से शरीर का वजन कम करने में असमर्थ हो जाते हैं। दवाएं आमतौर पर निम्न लोगों को दी जाती हैं -
मोटापा एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है, जिसके कारण शरीर में अनेक प्रकार की समस्याएं जन्म ले लेती हैं। यदि मोटापे की समस्या की रोकथाम समय पर न की जाए तो इससे होने वाली जटिलताओं के रूप में निम्न बीमारियां हो सकती हैं -
PCOD and Obesity: पीसीओडी एक हार्मोनल असंतुलन की ऐसी स्थिति है जिसमे मोटापा कम करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
जल्दी जल्दी खाने से दिमाग को जरूरी संदेश नहीं मिल पाता है. जिसकी वजह से जरूरी हार्मोन नहीं निकल पाते हैं. इसकी वजह से इंसान का इंसुलिन प्रभावित होता है. इंसुलिन प्रभावित होने की वजह से डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगता है.
मोटापे जैसी शारीरिक स्थिति से बचने के लिए रोजाना थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करना और हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना काफी जरूरी है। अगर हार्मोन्स में असंतुलन है और ऐसी स्थिति का कम उम्र में सामना करना पड़ रहा है तो तुरंत इलाज करना शुरू कर दें।
Weight Loss Success Story: वजन कम करने के लिए आज हम आपको कोई नुस्खा नहीं बताएंगे, बल्कि एक ऐसी कहानी बताएंगे जिससे आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी साथ ही आप वेट लॉस करने के लिए प्रेरित भी होंगे।
शरीर पर वसायुक्त चर्बी बढ़ने के साथ सेल्यूलाइट होना स्वाभाविक है, जिसे डिंपल के रूप में जाना जाता है, इससे छुटकारा पाने के लिए यहां हम आपको कुछ नुस्खे बता रहे हैं।
लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज (Low-Impact Exercise) कार्डियोे के साथ ही आपके पूरे शरीर के लिए बेहद कारगर हैं। ये हल्का व्यायाम आपके पुरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करेगा साथ ही आप मोटापा और हार्ट की बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे।
एक अध्ययन के अनुसार अधिक वजन वाले या मोटे लोगों को शराब नहीं पीनी चाहिए। इसको लेकर वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है, जिसमें चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं।
How to Lose Weight After 40: अगर आपकी उम्र 40 साल से अधिक है और आप वजन करने का प्रयास करना चाहते हैं तो यहां बताई गई बातों को फॉलो करें।
अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के नए शोध ने शरीर के वजन और कोलेस्ट्रॉल जैसे कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स की पहचान कोविड-19 के नए जोखिम कारकों के रूप में की है।
Obesity And Corona Virus: अगर आप मोटापे के शिकार हैं तो आपको कोरोना वायरस से अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्योंकि एक वैज्ञानिकों ने अपने एक रिसर्च में आपके लिए गंभीर खुलासे किए हैं।
आज पूरा विश्व 'वर्ल्ड ओबेसिटी डे 2021' सेलिब्रेट कर रहा है। पूरी दुनिया में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटापे के कारण कई अन्य रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, क्या है मोटापा और इसके खतरे....
कमर का मोटापा कम करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि कम नहीं किया जा सकता है।
1984 में हुए भोपाल गैस हादसे के दुष्प्रभाव (Bhopal Gas Tragedy Effects) अभी भी लोगों पर नजर आ रहे हैं। इन पीड़ितों में मोटापा (Obesity) और थायरॉयड (Thyroid) बड़ी समस्या बनती जा रही है। यह बात आंकड़ों के एक अध्ययन से सामने आई है।
26 नवंबर को हर साल एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day 2020) मनाया जाता है। आज इस मौके पर हम आपको वजन नियंत्रित करने के कुछ उपाय बता रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
मोटापा कई रोगों का जड़ है। ऐसे में इन रोगों से बचने के लिए आप कुछ आसान एक्सरसाइज करना शुरू कर दें। कुछ ऐसे एक्सरसाइजेज (Exercises for weight loss in hindi) जिन्हें आप बिना जिम गए ही आसानी से कर सकते हैं।
पहले हुई स्टडी में ये बात सामने आई थी कि मोटापे के शिकार लोगों में कोरोनावायरस से संक्रमित होना का खतरा अधिक रहता है। अब मोटापा और वैक्सीन से संबंधित एक और चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में वैक्सीन ज्यादा असरदार साबित नहीं होगी।
इम्युनिटी तब मजबूत होती है जब शरीर में जरूरी विटामिंस, मिनरल्स और प्रोटीन समेत अन्य पोषक तत्व जाते हैं। रिसर्च बताती है कि विटामिन डी हमें SARS-CoV 2 नामक वायरस से बचा सकता है। इस लिहाज से भी विटामिन डी शरीर के लिए बहुत खास होता है। अगर विटामिन डी की खपत के बारे में बात करें तो शायद बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि एक दिन में एक व्यक्ति को कितनी मात्रा में विटामिन डी लेना चाहिए।
यदि आप मोटापे के शिकार हैं, तो आपको कोरोनावायरस से अधिक अलर्ट होने की जरूरत है। हाल ही में फ्रांस के एक पैनडेमिक एक्सपर्ट ने कहा है कि ओबिसिटी और अधिक वजन होना, ये दोनों ही स्थितियां कोविड-19 से संक्रमित होने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं।
मोटापा या ओबिसिटी अधिकतर बीमारियों की जड़ है। मोटापे से पीड़ित लोगों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती हैं, जिसमें मस्तिष्क, रक्त वाहिकाएं (blood vessels), हार्ट, लिवर, पित्ताशय (gallbladder), हड्डियां और जोड़ शामिल हैं। जानिए, मोटापा से होने वाले साइड एफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं....
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मोटापा और डायबिटीज का सीधा संबंध है. लंबे समय तक मोटापा रहने पर डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. बढ़ते वजन को रोककर मोटापा और डायबिटीज दोनों से बचा जा सकता है.
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...
यदि आपका वजन बहुत अधिक है, तो नाश्ता नहीं करने से और भी अधिक आपका वजन बढ़ सकता है साथ ही अन्य शारीरिक समस्याओं के भी आप शिकार हो सकते हैं।
मोटापा के लिए अक्सर लोग कहते हैं कि फैट डाइट फूड खाने की वजह से होती है. लेकिन हाल के कई शोध बताते हैं कि मोटापे का कारण फैट फूड नहीं हैं. फैट के भी कई प्रकार हैं. अगर आप खराब फैट फूड खाते हैं, तो मोटापे शिकार हो जाते हैं. अगर आप हेल्दी फैट भोजन में लेते हैं तो कई बीमारियों से बचे रहते हैं.

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मोटापे जैसी शारीरिक स्थिति से बचने के लिए रोजाना थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करना और हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना काफी जरूरी है। अगर हार्मोन्स में असंतुलन है और ऐसी स्थिति का कम उम्र में सामना करना पड़ रहा है तो तुरंत इलाज करना शुरू कर दें।

Weight Loss Success Story: वजन कम करने के लिए आज हम आपको कोई नुस्खा नहीं बताएंगे, बल्कि एक ऐसी कहानी बताएंगे जिससे आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी साथ ही आप वेट लॉस करने के लिए प्रेरित भी होंगे।

शरीर पर वसायुक्त चर्बी बढ़ने के साथ सेल्यूलाइट होना स्वाभाविक है, जिसे डिंपल के रूप में जाना जाता है, इससे छुटकारा पाने के लिए यहां हम आपको कुछ नुस्खे बता रहे हैं।

लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज (Low-Impact Exercise) कार्डियोे के साथ ही आपके पूरे शरीर के लिए बेहद कारगर हैं। ये हल्का व्यायाम आपके पुरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करेगा साथ ही आप मोटापा और हार्ट की बीमारियों से कोसों दूर रहेंगे।

एक अध्ययन के अनुसार अधिक वजन वाले या मोटे लोगों को शराब नहीं पीनी चाहिए। इसको लेकर वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है, जिसमें चौंकाने वाले परिणाम मिले हैं।

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के नए शोध ने शरीर के वजन और कोलेस्ट्रॉल जैसे कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स की पहचान कोविड-19 के नए जोखिम कारकों के रूप में की है।

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आज पूरा विश्व 'वर्ल्ड ओबेसिटी डे 2021' सेलिब्रेट कर रहा है। पूरी दुनिया में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मोटापे के कारण कई अन्य रोगों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है। जानें, क्या है मोटापा और इसके खतरे....

कमर का मोटापा कम करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन ऐसा भी नहीं है कि कम नहीं किया जा सकता है।

1984 में हुए भोपाल गैस हादसे के दुष्प्रभाव (Bhopal Gas Tragedy Effects) अभी भी लोगों पर नजर आ रहे हैं। इन पीड़ितों में मोटापा (Obesity) और थायरॉयड (Thyroid) बड़ी समस्या बनती जा रही है। यह बात आंकड़ों के एक अध्ययन से सामने आई है।

26 नवंबर को हर साल एंटी-ओबेसिटी डे (Anti-Obesity Day 2020) मनाया जाता है। आज इस मौके पर हम आपको वजन नियंत्रित करने के कुछ उपाय बता रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

मोटापा कई रोगों का जड़ है। ऐसे में इन रोगों से बचने के लिए आप कुछ आसान एक्सरसाइज करना शुरू कर दें। कुछ ऐसे एक्सरसाइजेज (Exercises for weight loss in hindi) जिन्हें आप बिना जिम गए ही आसानी से कर सकते हैं।

पहले हुई स्टडी में ये बात सामने आई थी कि मोटापे के शिकार लोगों में कोरोनावायरस से संक्रमित होना का खतरा अधिक रहता है। अब मोटापा और वैक्सीन से संबंधित एक और चौंकाने वाली स्टडी सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में वैक्सीन ज्यादा असरदार साबित नहीं होगी।

इम्युनिटी तब मजबूत होती है जब शरीर में जरूरी विटामिंस, मिनरल्स और प्रोटीन समेत अन्य पोषक तत्व जाते हैं। रिसर्च बताती है कि विटामिन डी हमें SARS-CoV 2 नामक वायरस से बचा सकता है। इस लिहाज से भी विटामिन डी शरीर के लिए बहुत खास होता है। अगर विटामिन डी की खपत के बारे में बात करें तो शायद बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि एक दिन में एक व्यक्ति को कितनी मात्रा में विटामिन डी लेना चाहिए।

यदि आप मोटापे के शिकार हैं, तो आपको कोरोनावायरस से अधिक अलर्ट होने की जरूरत है। हाल ही में फ्रांस के एक पैनडेमिक एक्सपर्ट ने कहा है कि ओबिसिटी और अधिक वजन होना, ये दोनों ही स्थितियां कोविड-19 से संक्रमित होने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं।

मोटापा या ओबिसिटी अधिकतर बीमारियों की जड़ है। मोटापे से पीड़ित लोगों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती हैं, जिसमें मस्तिष्क, रक्त वाहिकाएं (blood vessels), हार्ट, लिवर, पित्ताशय (gallbladder), हड्डियां और जोड़ शामिल हैं। जानिए, मोटापा से होने वाले साइड एफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं....

हाल ही में हुए एक शोध में यह बात भी सामने आई है कि हरी-भरी वादियों यानी ग्रीन स्पेस में रहने से मेनोपॉज में होने वाली परेशानियां कम होती हैं। महिलाएं अर्ली मेनोपॉज (Early Menopause) से बची रहती हैं। जानें, हरियाली के बीच रहने से होने वाले सेहत लाभ क्या हैं...

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में 26 नवंबर को मोटापा-रोधी दिवस (Anti-obesity day 2019) मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य है मोटापे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डालना और मोटापे से लड़ने के लिए विभिन्न कदम उठाना। जानें, मोटापा का कारण और इसे कम करने के उपाय...

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मोटापा के लिए अक्सर लोग कहते हैं कि फैट डाइट फूड खाने की वजह से होती है. लेकिन हाल के कई शोध बताते हैं कि मोटापे का कारण फैट फूड नहीं हैं. फैट के भी कई प्रकार हैं. अगर आप खराब फैट फूड खाते हैं, तो मोटापे शिकार हो जाते हैं. अगर आप हेल्दी फैट भोजन में लेते हैं तो कई बीमारियों से बचे रहते हैं.

वजन कम करना चाहते हैं, तो कुछ आसान से एक्सरसाइज का नियमित अभ्यास करें और फिर देखें कैसे आपका वजन कम होने लगता है।

ओबेसिटी के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं जैसे भागदौड़ भरी जीवनशैली, अनहेल्दी ईटिंग हैबिट, जंक और फास्ट फूड का सेवन, एक्सरसाइज में कमी आदि। ''विश्व मोटापा दिवस'' (World Obesity Day 2019) पर जानें, मोटापा को कम करने के कुछ आसान से उपायों के बारे में...

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मोटापा और डायबिटीज का सीधा संबंध है. लंबे समय तक मोटापा रहने पर डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. बढ़ते वजन को रोककर मोटापा और डायबिटीज दोनों से बचा जा सकता है.

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