कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण है मोटापा, इस तरह करें कंट्रोल

डॉक्‍टर मोटापे को स्‍मोकिंग से भी ज्‍यादा खतरनाक मानते हैं। गतिहीन और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से बीएमआई में वृद्धि हो सकती है यानी मोटापा बढ़ता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 24, 2019 4:07 PM IST

कैंसर और डायबिटीज दुनिया भर में बहुत तेजी से बढ़ रही बीमारियों में शामिल हैं। डायबिटीज जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे स्‍वास्‍थ्‍य जगत चिंताग्रस्‍त है। माना जा रहा है कि आने वाला दस वर्ष में यह महामारी के रूप में फैल जाएगी। अगर आप इन दोनों बीमारियों से बचना चाहते हैं तो अपने मोटापे (control obesity) को नियंत्रित रखें। आइए जानें क्‍या हैं हालात और कैसे कर सकते हैं इन्‍हें कंट्रोल।

चिंताजनक है स्थिति (control obesity)

साइलेंट किलर मानी जाने वाली डायबिटीज की समस्‍या जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले दस वर्ष में यह महामारी का रूप धारण कर चुकी होगी। विभिन्‍न्‍ शोधों के परिणाम बताते हैं कि डायबिटीज के कारण कैंसर का जोखिम ज्‍यादा बढ़ जाता है। जबकि मोटापा (control obesity) दोनों ही बीमारियों का एक बड़ा कारण हो सकता है।

मधुमेह और कैंसर के बीच है गहरा संबंध

धूम्रपान को कैंसर के लिए सब से बड़ा जोखिम कारक माना जाता है। वहीं, अनुसंधान से संकेत मिला है कि जिन लोगों को मधुमेह है या जो अधिक वजन वाले हैं, उन्हें भी कैंसर होने का खतरा बना रहता है। मधुमेह और कैंसर 2 विषम, बहुसंख्यक, गंभीर और पुरानी बीमारियां हैं जिनके बीच दोतरफा संबंध हैं।  अध्ययनों से पता चलता है कि कैंसर के मरीजों में शुरुआती ग्लूकोज असहिष्णुता और इंसुलिन के प्रति असंवेदनशीलता के सकेत मिलते हैं।

डायबिटीज बढ़ाती है कैंसर का जोखिम

हाइपरग्लाइसेमिया वाले लोगों में, कैंसर की कोशिकाओं को ग्लूकोज की पर्याप्त आपूर्ति होती है जो ट्यूमर को बढ़ावा दे सकती है। इस से 2 स्थितियों के बीच द्विपक्षीय संबंध होने का पता चलता है- कैंसर हाइपरग्लाइसेमिया को जन्म दे सकता है, और हाइपरग्लाइसेमिया ट्यूमर की वृद्धि को बढ़ा सकता है। मधुमेह के साथ कैंसर होने पर डायबिटीज का नियंत्रण अधिक कठिन बन सकता है।

मोटापा है खतरनाक (control obesity)

मोटापा (control obesity) इन दोनों ही बीमारियों को बढ़ाने वाला कारक है। इसलिए डॉक्‍टर मोटापे को स्‍मोकिंग से भी ज्‍यादा खतरनाक मानते हैं। गतिहीन और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से बीएमआई में वृद्धि हो सकती है यानी मोटापा बढ़ता है। ऐसी स्थिति में मधुमेह और कुछ प्रकार के कैंसर होने का खतरा बना रहता है। टाइप 2 डायबिटीज से पेंक्रिएटिक कैंसर, लिवर कैंसर, एंडोमेट्रियल या गर्भाशय का कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। जबकि कोलोरेक्टल कैंसर, ब्लैडर कैंसर, स्तन कैंसर और रक्त कैंसर में 20 से 50 फीसदी का इजाफा हो जाता है।

मोटापा कम करने के लिए फॉलो करें ये टिप्‍स (control obesity)

  • अगर डायबिटीज और कैंसर जैसी घातक बीमारियों से बचना है, तो मोटापे को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी है।
  • इसके लिए स्‍वस्‍थ जीवनशैली को फॉलो करें। अर्थात जि‍तनी भी कैलोरी आप ग्रहण कर रहे हैं, उन्‍हें बर्न करने लायक श्रम करना बहुत जरूरी है।
  • अपने रूटीन में वर्कआउट, योग, व्‍यायाम आदि को शामिल करें। कम से कम 5000 कदम हर रोज पैदल चलने का अवकाश जरूर निकालें।
  • स्‍मोकिंग और शराब से बचकर रहें। महिलाओं के लिए दिन में एक पैग और पुरषों के लिए दिन में दो पैग से ज्‍यादा पीना गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम खड़े कर सकता है।
  • जंक फूड और प्रीजर्व फूड से परहेज करें। इनमें इस्‍तेमाल होने वाले ट्रांस फैट और प्रीजर्वेटिव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
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