डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियां पैदा कर सकता है मोटापा, एक्सपर्ट से जानें इसके नुकसान और बचाव

Obesity prevention tips मोटापा एक ऐसी लाइफस्टाइल कंडीशन है जो कई जानलेवा बीमारियां पैदा कर सकती है। एक्सपर्ट से जानें मोटापे से होने वाले रोग और इसे कम करने के आसान तरीके क्या हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : March 3, 2023 2:38 PM IST

How to lose weight fast: हेल्दी रहने के लिए फिट रहना जरूरी है और फिट रहने का मतलब सिक्स पैक बनाकर रखना नहीं होता है। फिट रहने के मतलब है शरीर के वजन को जरूरत से ज्यादा न बढ़ने देना। जरूरत से ज्यादा बढ़ा हुआ शरीर का वजन मोटापे का रूप धारण कर लेता है और उसे कंट्रोल करना भी मुश्किल हो जाता है। मोटापा एक प्रकार की लाइफस्टाइल डिजीज है, जो न सिर्फ आपकी पर्सनालिटी को प्रभावित करता है बल्कि यह कई जानलेवा बीमारियों को भी जन्म दे सकता है। नई दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोइंटेस्टिनल, बेरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉक्टर अरुण प्रसाद से कुछ ओबेसिटी से होने वाली बीमारियों और इसे कंट्रोल करने के तरीकों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हमारे साथ साझा की हैं, जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं। (How to get rid of obesity)

इन बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है मोटापा

1. डायबिटीज (Diabetes and obesity)

डॉक्टर अरुण प्रसाद के अनुसार मोटापे का सीधा असर हमारे शरीर के इंसुलिन लेवल पर पड़ता है। इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। इंसुलिन प्रभावित होने के कारण ब्लड शुगर भी अनियंत्रित हो जाता है और डायबिटीज विकसित हो जाता है।

2. हार्ट डिजीज व स्ट्रोक (Obesity and Heart disease)

मोटापे के कारण हाई ब्लड प्रेशर रहने और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसी समस्याएं होने लगती हैं और इनका सीधा असर हमारे हार्ट पर पड़ता है। यदि मोटापे से ग्रस्त किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकता है।

3. कैंसर (Obesity and cancer)

मोटापा कुछ प्रकार के कैंसर होने के खतरे को भी बढ़ा सकता है। डॉक्टर प्रसाद के अनुसार मोटापा बढ़ने पर किडनी, लिवर, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट समेत शरीर के कई अंगों में कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।

4. जोड़ों की बीमारियां (Joint pain and obesity)

मोटापे के कारण हमारे शरीर का वजन सामान्य से ज्यादा हो जाता है और इस कारण से घुटने समेत शरीर के कई जोड़ों पर जोर पड़ जाता है। इस कारण से घुटनों से जुड़ी कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे ओस्टियोआर्थराइटिस और आर्थराइटिस आदि शामिल हैं।

5. डाइजेशन प्रॉब्लम (Obesity and digestion problems)

मोटापा आपकी पाचन प्रणाली को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर देता है। इसके साथ-साथ मोटापे के कारण आप ज्यादा बॉडी एक्टिविटी नहीं कर पाते हैं और कारण से भी पाचन से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। पाचन से जुड़ी समस्याएं शरीर में कई अन्य बीमारियां पैदा कर सकती हैं।

6. मेंटल हेल्थ (Obesity and mental health)

मोटापा न सिर्फ आपकी आपकी फिजिकल हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे आपकी मेंटल हेल्थ पर भी काफी प्रभाव पड़ता है। मोटापे के कारण कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा है और वे कई बार अपने मनपसंद खेलों में भी भाग नहीं ले पाते हैं।

ऐसे करें मोटापे को कम

डॉक्टर अरुण प्रसाद ने हमारे साथ कुछ टिप्स शेयर किए हैं, जिनकी मदद से मोटापा आने से रोका जा सकता है और यदि पहले से ही मोटापा है तो उसे भी कम किया जा सकता है। ये टिप्स कुछ इस प्रकार हैं -

1. आहार में बदलाव (Diet for obesity)

यदि आपको अपने शरीर का वजन कम करना है या फिर वजन को बढ़ने नहीं देना है, तो अपनी डाइट में कुछ जरूरी बदलाव करना आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। डॉक्टर अरुण के अनुसार मोटापे से पीड़ित लोगों की डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल व सब्जियां होनी चाहिए और उन्हें चीनी या अन्य फैट वाले फूड्स से दूर हना चाहिए।

2. एक्सरसाइज (Exercise for obesity)

मोटापा कम करने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। मोटापे से ग्रस्त लोगों को एरोबिक एक्सरसाइज और योग आदि करना चाहिए। ऐसा करने से उनका वजन भी कंट्रोल होगा और हार्ट फंक्शन में भी सुधार आएगा।

3. मेंटल हेल्थ (Mental health for obesity)

वजन कंट्रोल करने के लिए मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। अपना लाइफस्टाइल अच्छा बनाए रखें जिससे शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी। ज्यादा स्ट्रेस या डिप्रेशन शरीर के वजन को बढ़ा सकती हैं।

4. डॉक्टर से संपर्क (Doctor consultation for obesity)

साथ ही साथ डॉक्टर से संपर्क करना भी जरूरी है, क्योंकि कई बार किसी अंदरूनी वजह के कारण भी शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसलिए ड़ॉक्टर से समय-समय पर जांच करते हैं। साथ ही यदि वजन बहुत ज्यादा बढ़ गया है और सभी प्रयासों से कम नहीं हो पा रहा है, तो बेरिएट्रिक सर्जरी या कॉस्मेटिक सर्जरी की जा सकती है।

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