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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 15, 2021 1:15 PM IST
कोविड नहीं अब इन 3 तरह की बीमारियों से हो जाइए सावधान! मिनटों में पहुंचा देती हैं शरीर को गंभीर नुकसान
साल 2020 से शुरू हुआ कोरोनवायरस का कहर बदस्तूर जारी है हालांकि कोरोना के नए मामलों में फिलहाल थोड़ी कमी देखने को मिल रही है लेकिन बीते कुछ महीने हम सभी के लिए परेशानी भरे साबित हुए हैं। चिंता की बात ये है कि भले ही COVID-19 की दूसरी लहर थमती दिखाई दे रही है लेकिन अब मानसून आने वाला है और हमें ज्यादा सुरक्षित रहने के लिए सतर्क रहना होगा। बता दें कि मौसम में बदलाव से दिक्कत सिर्फ COVID-19 की नहीं है बल्कि ऐसे मौसम में कुछ अन्य रोग भी हैं, जो हमारे शरीर पर धावा बोल देते हैं। मानसून में खुद को सुरक्षित रखने के लिए बेहद सावधानी बरतना जरूरी होता है। हम आपको कुछ ऐसे रोगों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें मानसून खासा पसंद होता है। आइए जानते हैं बीमारियां और उनसे बचने के उपाय।
मच्छर से होने वाले रोग
मॉनसून को मच्छरों के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है। विश्व में डेंगू के 34 प्रतिशत मामले भारत में ही सामने आते हैं जबकि मलेरिया के 11 प्रतिशत मामले भारत में पाए जाते हैं। हर साल मच्छरों के काटने से फैलने वाली इन बीमारियों से देश में लगभग लाखों लोग परेशान होते हैं और कई लोग अपनी जान भी गंवाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन बीमारियों से बचने के उपाय को तुरंत फॉलो किया जाए क्योंकि कोरोना के साथ इन बीमारियों का बढ़ना आपके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मलेरिया
मलेरिया प्लास्मोडियम नाम के परजीवी के कारण फैलता है, जो मानसून के दौरान सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बीमारियों में से एक है। दरअसल मच्छर की प्रजाति रुके हुए पानी में पैदा होती है, जिसके होने पर कई दिनों तक तेज बुखार रहता है। बुखार कोरोना का भी आम लक्षण है, इसलिए ये रोग आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
डेंगू
डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है, जो रुके हुए पानी जैसे बाल्टी, ड्रम, कुएं, होल और फ्लावर पॉट्स में पनपते हैं। डेंगू, मच्छर के काटने के बाद आपको चार से 7 दिन बाद बुखार आता है। डेंगू के शुरुआती संकेत में बुखार और थकान शामिल है, जो कोरोनावायर का भी शुरुआती लक्षण है। इसलिए सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।
चिकनगुनिया
चिकनगुनिया, एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर के काटने से होता है, जो एक वायरल बीमारी है। ये मच्छर भी रुके हुए पानी में पनपते हैं और आपको दिन में काटते हैं। दिन के अलावा ये मच्छर रात में भी काटता है इसलिए आपको समय रहते इससे बचाव के टिप्स जरूरी फॉलो करने चाहिए।
- अपने घर में मच्छरदानी का प्रयोग करें
- घर में या घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें
- स्वच्छता बनाए रखें और अपने घर को नियमित रूप से साफ करें
- आप घर से बाहर निकलने से पहले या अंदर रहते हुए भी मच्छर भगाने वाली क्रीम/क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं
मानसून के मौसम में मच्छरों के अलावा जल जनित बीमारियां भी एक आम समस्या है। इन बीमारियों से बच्चे बड़े आसानी से शिकार बन जाते हैं क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। आम जल जनित रोगों में शामिल हैं:
टाइफाइड
एस टाइफी बैक्टीरिया के कारण होने वाला टाइफाइड रोग आपकी खराब हाइजीन के कारण फैलता है। अगर आप गलती से खुला या फिर खराब खाना खाना या फिर दूषित पानी पी लेते हैं तो आप टाइफाइड का शिकार हो जाते हैं। टाइफाइड के लक्षणों में सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, बुखार और गले में खराश शामिल हैं।
हैजा
हैजा, जिसे आम भाषा में कोलेरा भी कहते हैं, आपकी खराब स्वच्छता और दूषित भोजन खाने के कारण होता है, जिसमें आपको दस्त भी लग सकते हैं।
पीलिया
पीलिया खराब स्वच्छता, दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। यह लिवर के खराब कार्य करने का कारण बन सकता है। इस बीमारी के लक्षणों में कमजोरी, थकान, पीला पेशाब, उल्टी और पीली आंखें जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हेपेटाइटिस ए
यह एक वायरल संक्रमण है, जो गंदे भोजन और पानी से फैलता है। यह रोग आपके लिवर को नुकसान पहुंचाता है और आपके लिवर में सूजन का कारण बन सकता है। हेपेटाइटिस के लक्षणों में थकान, बुखार, पीली आंखें, पीले रंग का पेशाब और अचानक भूख न लगना शामिल हैं।
जिस तरीके से कोरोना हवा में ज्यादा देर तक रह सकता है उसी तरह कमजोर इम्यूनिटी के कारण बच्चों और बुजुर्गों को गर्मियों के दौरान हवा में फैलने वाले इस संक्रमण का सबसे अधिक खतरा होता है। दो सबसे आम प्रकार हैंः
सर्दी और बुखार
सर्दी और फ्लू सबसे आम वायरल संक्रमण हैं, जो मानसून के दौरान आपके शरीर के तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। कमजोर इम्यूनिटी हमें इन छोटे संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है, जिसे नाक बहने, गले में दर्द, पानी की आंखें, बुखार और ठंड लगने जैसी समस्याएं होती हैं।
इंफ्लुएंजा
आमतौर पर फ्लू के रूप में जाना जाता है, इन्फ्लूएंजा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बड़ी आसानी से हवा के माध्यम से फैलता है। हाल ही में कोरोनावायरस के रोगियों को फ्लू के शॉट्स देने की खबर सामने आई थी इसलिए जरूरी है कि अगर आप समय रहते फ्लू की वैक्सीन लगवाते हैं तो आप फ्लू के साथ-साथ कोरोना के लक्षणों को कम करने में मदद पा सकते हैं। दोनों ही बीमारियां संक्रामक रोग हैं इसलिए जरूरी टिप्स अपनाना बहुत आवश्यक है।