गर्मी में फूटती है नकसीर, आयुर्वेद में है इसका कारगर इलाज
आयुर्वेद में नकसीर फूटने का कारगर इलाज मौजूद है।
Written by Anshumala|Updated : May 16, 2018 11:32 AM IST
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में घूमने से कई लोगों में नाक से खून बहने की समस्या देखी जाती है। नाक से खून आने को नकसीर या नकसीर फूटना कहते हैं। बार-बार किसी को नाक से खून आना सेहत के लिए ठीक नहीं है। दरअसल, नाक के अंदर मौजूद सतह की खून की वाहिनियां फटने की वजह से नकसीर की समस्या शुरू हो जाती है। गर्मी में यह आम समस्या है, लेकिन बार-बार नकसीर आने भी ठीक नहीं। ऐसी स्थिति में इसका इलाज करवाना जरूरी हो जाता है। नकसीर आने पर घबराना नहीं चाहिए। एहतियात के तौर पर आप कुछ आसान से घरेलू नुस्खे भी आजमा कर देख सकते हैं। इसका आयुर्वेद में कारगर इलाज मौजूद है। किस तरह से नकसीर का इलाज आप कुछ घरेलू नुस्खों के जरिए कर सकते हैं, बता रहे हैं सार्थक आयुर्वेदालय, मथुरा के आयुर्वेदाचार्य डॉ. अंकुर अग्रवाल।
नकसीर के लिए कारगर नुस्खे
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अति तीक्ष्ण किरणों वाला सूर्य जब शरीर की गर्मी को बढ़ाता है, तो वह बढ़ी हुई गर्मी सिर में पहुंचकर नाक के रास्ते से रक्त को लाती है, जिसे साधारण भाषा में नक्की चलना बोलते हैं। इसे आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से नासागत-रक्तपित्त के नाम से शास्त्रों में वर्णित किया गया है।
जब किसी के नाक से खून आए, तो उसके पैरों को तुरंत ही ऊपर उठाकर लिटा देना चाहिए।
सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखने से खून आना बंद हो जाता है।
नाक के रास्ते से औषध डालें। इसके लिए चीनी एवं पानी का घोल, दूध, अनार के फूल का रस, दूब घास को पीसकर रस निकाल लें। इन चार रसों में से किसी एक की चार-चार बूदें नाक के छेद में डालें। 10 मिनट तक पीड़ित व्यक्ति को लेटे रहने दें। इससे नाक से खून बहना रुक जाता है।
भोजन करने के दौरान मक्खन का इस्तेमाल अधिक करें।
रात को सोने से पहले 15 से 20 मुनक्के को एक कप पानी में उबालकर रात को सोने से पहले लें।
जब यह समस्या हो, तो तेज धूप और गर्म हवाओं में घर से बाहर बिल्कुल भी न निकलें।
भोजन में मिर्ची, नमक, खट्टे रस का सेवन कम से कम करें। तले और मसालेदार चीजों को खाने से भी परहेज करें।
नकसीर आने पर नाक की बजाय मुंह से सांस लेना बेहतर होता है।
यह एक पित्त दोष प्रधान समस्या है। पित्त की बेहतर चिकित्सा विरेचन है, इसलिए जो लोग इससे लंबे समय से पीड़ित हों, वह किसी आयुर्वेद के चिकित्सक के पास जाकर अपनी समस्या के बारे में खुलकर बताएं। पंचकर्म चिकित्सा विरेचन लें। आपको नकसीर में अवश्य लाभ होगा।
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