ऐसे पता करें आपको नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या है या नहींं, जानिए लक्षण और उपचार

नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) ऐसी समस्या है जो उन लोगों को होती है जो शराब का सेवन नहीं करते हैं या न के बराबर करते हैं। इस समस्या में लिवर की सेल्स के अंदर फैट जमा हो जाता है, जिससे लिवर खराब होने लगता है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : January 18, 2021 4:30 PM IST

लिवर (Liver) का सीधा संबंध हमारे खानपान है। हम जो भी खाते हैं उसका सीधा असर हमारे लिवर पर दिखता है। जब कोई व्यक्ति गलत खानपान को अपनाता है या एल्कोहल व धूम्रपान जैसी चीजों का सेवन करता है तो उसे लिवर से जुड़ी कई बीमारियां होने लगती हैं। जबकि नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर (Non-alcoholic fatty liver disease) ऐसी समस्या है जो उन लोगों को होती है जो शराब का सेवन नहीं करते हैं या न के बराबर करते हैं। इस समस्या में लिवर की सेल्स के अंदर फैट जमा हो जाता है, जिससे लिवर खराब होने लगता है। आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में एक चौथाई लोगों को नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या है। नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के बारे में कहा जाता है कि इसका इलाज पूरी तरह से नहीं किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के लक्षण

  • थकान या कमजोरी होना
  • पेट के दाएं हिस्से में दर्द या असहजता महसूस होना
  • पेट में सूजन आना
  • आंख और स्किन का पीला होना
  • त्वचा की सतह के ठीक नीचे रक्त वाहिकाओं का बढ़ना
  • हथेलियों का लाल होना

डॉक्टर को कब दिखाएं?

वैसे नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या में लक्षण बहुत कम दिखाई देते हैं। यह ज्यादातर असिम्प्टोमैटिक ही रहता है। लेकिन अगर आपको उपरोक्त बताए गए लक्षणों में से कोई भी 2 लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के कारण क्या हैं?

डॉक्टर्स भी इसके कारणों को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि आखिर कुछ लोगों के लिवर में अन्यों की तुलना में ज्यादा फैट क्यों जमा हो जाता है। लेकिन फिर भी अभी तक डॉक्टर और एक्सपर्ट नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर के जो कारण मानते हैं जो इस प्रकार हैं—

  • ओवरवेट या ओबेसिटी
  • हाई ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसेमिया)
  • टाइप 2 डायबिटीज होना
  • ब्लड में फैट का बढ़ना

इन लोगों को होता है नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर का ज्यादा खतरा

  • जिनका कोलेस्ट्रॉल हाई हो
  • ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स या चर्बी का बढ़ना
  • मेटाबॉलिक सिंड्रोम
  • ओबेसिटी की समस्या
  • नींद की समस्या
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • हाइपोथायरायडिज्म होना
  • हाइपोथैलेमिक डिसफंक्शन (ब्रेन के हाइपोथैलेमस भाग के कामकाज में गड़बड़ होना)
  • पोलिस्टिक ओवरी सिंड्रोम
  • उम्रदराज लोग

नॉन एल्कोहोलिक फैटी लिवर से बचाव

1. हेल्दी डाइट लें। फल, प्लॉंट बेस्ड सब्जियां और साबुन अनाजों का सेवन करें।

2. अपने वजन को नियंत्रित रखें। अगर आपका वजन ज्यादा है तो इसे सामान्य रखने के लिए प्रयास करें।

3. नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।