
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 5, 2026 4:20 PM IST
Medically Verified By: Dr. Pragya Rashmi
Image Credit : ChatGPT
Fire smoke health risks : शुक्रवार यानि आज सुबह करीब 7 बजे नोएडा की एक हाईराइज बिल्डिंग सोसाइटी में आग लग गई। खबरों में बताया जा रहा है कि नोएडा सेक्टर-75 में IVY काउंटी सोसाइटी के 28 मंजिला बिल्डिंग के 12वें फ्लोर में आग लगी। तेज हवा के चलते आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते फ्लैट की खिड़कियों से ऊंची लपटें निकलने लगी। ऐसे में सब लोग घबरा गए। हालांकि, आग लगने की घटनाओं में आग की लपटों को देखकर घबराना नॉर्मल है। लेकिन कई बार आग की लपटों से कम और धुएं के कारण लोग काफी ज्यादा प्रभावित होते हैं।
ऐसे में सोशल मीडिया और आम बातचीत में अक्सर यह सलाह दी जाती है कि धुएं से बचने के लिए मुंह और नाक पर गीला कपड़ा रख लेना चाहिए। लेकिन क्या यह तरीका वास्तव में कारगर है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने डॉ. प्रज्ञा रश्मि हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल्स में एक अनुभवी और सीनियर कंसलटेंट साइकोलॉजिस्ट से बातचीत की है। आइए इस खबर को विस्तार से जानते हैं-
डॉ. प्रज्ञा रश्मि का कहना है कि अनुसार आग लगने पर निकलने वाला धुआं कई तरह की जहरीली गैसों और सूक्ष्म कणों का मिश्रण होता है। इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन सायनाइड और अन्य हानिकारक रसायन शामिल हो सकते हैं। ये गैसें शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर सकती हैं, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर, बेहोशी और गंभीर मामलों में मौत तक हो सकती है।
नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन अनुसार, आग से होने वाली मौतों में बड़ी संख्या धुएं के संपर्क में आने के कारण होती है।
डॉक्टर का कहना है कि गीला कपड़ा कुछ हद तक मदद कर सकता है, लेकिन यह धुएं से पूर्ण सुरक्षा नहीं देता। गीला कपड़ा बड़े धूल या कालिख के कणों को कुछ मात्रा में रोक सकता है और गर्म हवा के सीधे संपर्क को कम कर सकता है। हालांकि यह जहरीली गैसों को फिल्टर नहीं कर सकता।
यानी यदि धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड या अन्य विषैली गैसें मौजूद हैं, तो गीला कपड़ा उन्हें शरीर में जाने से नहीं रोक पाएगा। इसलिए इसे केवल एक अस्थायी उपाय माना जाता है, न कि सुरक्षा का भरोसेमंद साधन।
डॉक्टर कहते हैं कि इस स्थिति में हमें कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की जरूरत होती है, जैसे-
ऊंची इमारतों में धुआं सीढ़ियों, वेंटिलेशन शाफ्ट और कॉरिडोर के जरिए तेजी से फैल सकता है। कई बार आग एक फ्लोर पर होती है लेकिन धुआं कई मंजिलों तक पहुंच जाता है। यही वजह है कि हाईराइज सोसायटियों में स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और नियमित फायर ड्रिल बेहद जरूरी माने जाते हैं।
Disclaimer : मुंह पर गीला कपड़ा रखना धुएं के दौरान कुछ सीमित राहत दे सकता है, लेकिन यह जहरीली गैसों से सुरक्षा नहीं देता। आग लगने की स्थिति में सबसे प्रभावी उपाय है जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंचना, कम ऊंचाई पर रहकर आगे बढ़ना और फायर सेफ्टी निर्देशों का पालन करना। विशेषज्ञों के मुताबिक गीला कपड़ा एक अस्थायी मदद है, लेकिन इसे जीवनरक्षक उपाय समझना बड़ी भूल हो सकती है।