रात में पसीना आना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?

क्या आपको रात में सोते समय पसीना आता है? अगर हां, तो इस लक्षण पर जरूर ध्यान दें। कई बार रात के समय पसीना आना सामान्य कारणों से नहीं होता है। यह अंदर की कुछ समस्याओं की वजह से भी हो सकता है। आइए जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 12, 2026 8:06 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y

रात में सोते समय पसीना आना काफी कॉमन है। मुख्य रूप से जब गर्मियों में अचानक से लाइट चली जाती है, तो इस दौरान पसीना आना काफी सामान्य है। लेकिन अगर आप एयर कंडीशनर या ठंडे कमरे में सो रहे हैं और फिर भी इतना ज्यादा पसीना आता है कि कपड़े या चादर तक भीग जाएं, तो इस तरह के लक्षणों को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेनी चाहिए। मेडिकल भाषा में इस परेशानी को नाइट स्वेट्स कहा जाता है।

हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, जनरल फिजिशियन डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि बार-बार होने वाले नाइट स्वेट्स कई बार शरीर में चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, हर मामले में यह गंभीर बीमारी का लक्षण नहीं होता, लेकिन यदि इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

क्या होते हैं नाइट स्वेट्स?

नाइट स्वेट्स का मतलब सिर्फ रात में पसीना आना नहीं है। यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें सोते समय अत्यधिक पसीना आता है और व्यक्ति के कपड़े या बिस्तर तक भीग सकते हैं। कई बार इससे नींद भी प्रभावित होती है।

किन कारणों से हो सकते हैं नाइट स्वेट्स?

नाइट स्वेट्स के कई कारण हो सकते हैं, जिसपर ध्यान देने की बहुत ही जरूरत है। आइए जानते हैं कारणों के बारे में-

हार्मोनल बदलाव

महिलाओं में मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में बदलाव होता है, जिससे रात में काफी ज्यादा पसीना आ सकता है। इसके अलावा प्रेग्नेंसी, प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम और हाइपरथायरॉयडिज्म भी इसकी वजह बन सकते हैं।

इन्फेक्शन भी है वजह

कुछ इन्फेक्शन की वजह से शरीर का तापमान कंट्रोल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मुख्य रूप से ट्यूबरकुलोसिस (टीबी), फ्लू, कोविड-19, HIV, ब्रुसेलोसिस, एंडोकार्डाइटिस और ऑस्टियोमायलाइटिस जैसी बीमारियों में नाइट स्वेट्स होने का खतरा रहता है।

कैंसर भी है कारण

कुछ प्रकार के कैंसर, विशेष रूप से हॉजकिन लिम्फोमा, नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा और ल्यूकेमिया में भी नाइट स्वेट्स एक संभावित लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ रात में पसीना आना कैंसर होने का प्रमाण नहीं माना जाता।

डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं

ब्लड शुगर का बहुत कम हो जाना या हाइपोग्लाइसीमिया भी रात में पसीना आने का कारण बन सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीजों को इस लक्षण पर ध्यान देना चाहिए।

तनाव और मानसिक स्वास्थ्य

काफी ज्यादा स्ट्रेस, एंग्जायटी डिसऑर्डर, शराब का अधिक सेवन या नशे की लत भी नाइट स्वेट्स की वजह बन सकती है। मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की प्रतिक्रिया एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं।

अन्य समस्याएं

स्लीप एपनिया, थायरॉयड रोग, ऑटोइम्यून बीमारियां, स्ट्रोक और हाइपरहाइड्रोसिस जैसी स्थितियां भी रात में अत्यधिक पसीना आने से जुड़ी हो सकती हैं।

कुछ दवाएं भी बन सकती हैं वजह

डॉक्टर का कहना है कि कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी नाइट स्वेट्स हो सकते हैं। इनमें एंटीडिप्रेसेंट्स, हार्मोन थेरेपी, डायबिटीज की दवाएं, स्टेरॉयड्स, कुछ दर्द निवारक दवाएं और ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं शामिल हैं।

कब है डॉक्टर को दिखाने की जरूरत

अगर रात में पसीना आने के साथ आपके शरीर में कुछ अन्य लक्षण दिखे, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जैसे-

  1. बिना कोशिश के वजन कम होना
  2. लगातार बुखार रहना
  3. लंबे समय से खांसी होना
  4. दस्त या अन्य संक्रमण के लक्षण
  5. शरीर के किसी हिस्से में लगातार दर्द
  6. बार-बार नींद टूटना
  7. अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, इत्यादि।

क्या हर नाइट स्वेट्स गंभीर बीमारी का संकेत हैं?

नहीं, कई मामलों में इसकी वजह कमरे का तापमान, मोटे कंबल, तनाव या कुछ दवाओं का असर भी हो सकता है। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ अन्य लक्षण मौजूद हैं, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

Disclaimer : रात में अत्यधिक पसीना आना एक ऐसा लक्षण है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यह कई बार सामान्य कारणों से हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में शरीर किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी दे रहा होता है। अगर नाइट स्वेट्स लगातार बने रहें या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दें, तो समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

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