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Written By: Yogita Yadav | Published : July 27, 2018 6:55 PM IST
नाइजीरिया की सिकल सेल सपोर्ट सोसाइटी ने शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए नए पैदा हुए बच्चों में सिकल सेल रोग का निदान करने की दिशा में `प्वाइंट ऑफ केयर डिवाइस' के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
'प्वाइंट ऑफ केयर डिवाइस' एक किट है जो एएस, एसएस, एए या एसी का पता लगाने में मदद करेगी।
यह डिवाइस पीडि़त व्यक्ति को मात्र दस मिनट यह जानने में मदद करेगी कि उसके शरीर में सिकल सेल जीन है या नहीं।
नाइजीरिया के सिकल सेल फाउंडेशन के अनुसार, हर साल 150,000 से अधिक शिशु नाइजीरिया में इस बीमारी को लेकर पैदा होते हैं।
सोसाइटी के चेयरमैन प्रोफेसर अडेकुनले अडेकेइल ने अबूजा में "सिकल सेल रोग अनुसंधान" पर दो दिवसीय कार्यशाला में इस तकनीक के बारे में जानकारी दी।
नाइजीरिया और इंपीरियल कॉलेज, लंदन के सिकल सेल सपोर्ट सोसाइटी के सहयोग से, सिकल सेल रोग अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए अबूजा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विश्वविद्यालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया था। एडकेइल ने देश में डिवाइस के कम उपयोग पर चिंता व्यक्त की, जिसमें कहा गया कि नवजात बच्चों में रोग की पहचान करने के लिए यह डिवाइस महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक यूनाइटेड किंगडम जैसे उन्नत देशों ने सिकल सेल के लिए अनिवार्य परीक्षण कर लिया है। क्योंकि यह उन्हें रोग की पहचान और व्यापक देखभाल के लिए बच्चे के जीनोटाइप का पता लगाने में मदद करती है। एडकेइल ने समझाया कि इन देशों में शिशुओं में बीमारी के शुरुआती दिनों में ही इसकी पहचान, निदान और जीवन अवधि को बढ़ाने में मदद की है। इससे पहले, सिकल सेल का निदान और उससे जुड़े उपकरण इतने महंगे थे कि अधिकतर बच्चे पहले पांच वर्ष में ही मर जाया करते थे। अब सस्ते उपकरण और सरल विधि हैं जिनके द्वारा इस रोग की जांच आसान हो गई है।"
सिकल सेल की जांच के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को 'प्वाइंट ऑफ केयर डिवाइस' कहा जाता है, और इसे इस्तेमाल करने में उच्च स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होती है।
चित्रस्रोत: Shutterstock.