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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 3, 2021 1:19 PM IST
आने वाले हैं कोरोना के नए वेरिएंट, एंटीबॉडी भी रह जाएंगी धरी की धरी
New Coronavirus Variant : कोरोनावायरस का कहर भले ही थमता नजर आ रहा हो लेकिन इसके रोज सामने आ रहे नए-नए वेरिएंट अभी भी लोगों के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं। जी हां, नए-नए वेरिएंट और नए-नए लक्षणों से लोगों के लिए ये समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि आखिर इस वायरस से कैसे बचा जाए। अब वैज्ञानिकों ने ये चेतावनी जारी की है कि ब्रिटेन के केंट में पाया गया वायरस अब भारत के लिए खतरा बनता जा रहा है, जो पहले की तुलना में अधिक संक्रामक है। डॉक्टरों ने ये सुझाव दिया है कि भले ही म्यूटेशन उतना खतरनाक न हो लेकिन इसके वेरिएंट विनाश का कारण बन सकते हैं।
मॉडर्न इंक वैक्सीन के निर्माताओं ने हाल ही में चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले दिनों में कोरोना ज्यादा भयानक हो सकता है। मॉडर्न की मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी मेलिसा मूर (Melissa Moore) का कहना है कि जैसे ही वायरस फैलता है, यह काफी तेजी से म्यूटिंग करने लगता है। वहीं मॉडर्न थेरेप्यूटिक्स इंक के वैज्ञानिक गिलाउम स्टीवर्ट-जोन्स की मानें तो कोविड नए वेरिएंट को जन्म दे रहा है, जिससे निपटने के लिए सभी को प्रभावी योजना बनाने की जरूरत है।
जी हां, ये बात एक वैज्ञानिक शोध में साबित हुई है कि जब भी वायरस के स्ट्रेन का म्यूटेशन होता है तो उसके जेनेटिक कोड में बदलाव हो जाता है, जिसके सारण नए वेरिएंट सामने आते हैं। आपने गौर किया होगा कि कोरोना के लक्षण बहुत तेजी से बदल रहे हैं, जो म्यूटेशन के कारण हो रहा है। जानकार बताते हैं कि जब भी कोई नए वेरिएंट सामने आता है तो वो बहुत तेजी से लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में पाए गए सबसे पहले कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट B.1.617 के सिर्फ B.1.617.2 स्ट्रेन को ही ‘चिंता का सबब’ करार दिया है। हालांकि डबल म्यूटेंट होने के बाद ये रोगियों में गंभीर लक्षणों का कारण बन रहा है। डब्लूएचओ का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट के बाकी दो रूप उतने खतरनाक नहीं हैं और इससे संक्रमण फैलने की दर बहुत कम है। बता गें कि B.1.617 सबसे पहले भारत में ही पाया गया था और ये वायरस तीनरूपों बी.1.617.1, बी.1.617.2 और बी.1.617.3 में बंटा हुआ है।
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