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Early signs of heart attack you should not ignore: आजकल हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है और इसके पीछे सिर्फ खराब लाइफस्टाइल और खानपान नहीं बल्कि जेनेटिक समस्याएं भी हैं। अपनी जीवनशैली में सुधार करके और हेल्दी खानपान की मदद से हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है और इससे हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। लेकिन जेनेटिक समस्याओं के कारण हार्ट से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम पूरी तरह से नहीं की जा सकती है और इसलिए यह भी जरूरी है कि इसके शुरुआती लक्षणों की समय-समय पहचान की जाए। ऐसा खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनके परिवार में पहले से ही हार्ट से जुड़ी कुछ समस्याएं हो चुकी हैं। ऐसे में जेनेटिक रूप से परिवार के अन्य लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है और इसकी रोकथाम का एक अच्छा तरीका हो सकता है। यदि आपके परिवार में पहले से ही किसी को हार्ट से जुड़ी किसी प्रकार की कोई समस्या है, तो ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
बेहोशी जैसा महसूस होना भी हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। हालांकि, ऐसा भी जरूरी नहीं है कि यह हार्ट से जुड़ा ही कोई संकेत है, क्योंकि स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें बेहोशी की समस्या हो सकती है। लेकिन जिन लोगों को परिवार में पहले से किसी को हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर या फिर हार्ट से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो चुकी है, उन्हें इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए।
कई बार सिर चकराना या सिर घूमने जैसा महसूस होना आम समस्याओं का संकेत माना जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह हार्ट से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को हार्ट से जुड़ी समस्या हो चुकी है, उन्हें इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। जानें क्या है इसकी खास बात।
हार्ट से जुड़ी बीमारियों में आमतौर पर सांस से जुड़े लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं और इसलिए इन लक्षणों को गलती से भी नजरअंदाज न करने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें सांस से जुड़ी कोई भी बीमारी होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
हृदय से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं, जिनके कारण धड़कन में काफी बदलाव आ जाता है। दिल की धड़कन धीमी पड़ने लगें या तेज हो जाएं दोनों ही स्थितियां हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत देती हैं। यदि आपको दिल की धड़कन में किसी भी तरह का बदलाव महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से इस बारे में एक बार बात कर जरूर कर लें।
इसे मेडिकल भाषा में हार्ट पल्पिटेशन (Heart palpitation) कहा जाता है, जो आमतौर पर हार्ट से जुड़ी किसी न किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। हार्ट से जुड़ी समस्याओं का संकेत होना आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। यदि आपको ऐसा कोई लक्षण महसूस हो रहा है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
हार्ट से जुड़ी बीमारियों के दौरान पसीने जैसी समस्याएं भी देखी जा सकती है। ऐसा आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि जब हार्ट ठीक से काम नहीं कर पाता है, तो उसे ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और इस कार से ज्यादा पसीना आने लगता है। ऐसे में कई बार आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आपके परिवार में पहले से ही किसी को हार्ट प्रॉब्लम है, तो इस लक्षणों को बिल्कुल भी इग्नोर न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।