
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 27, 2025 9:47 PM IST
Kidney diseases causes and risk factors: आज दुनिया में हर व्यक्ति भाग रहा है और हर किसी के पास समय की कमी है। इस भाग-दौड़भरी जिंदगी में लोगों में तनाव और नींद की कमी (lack of sleep) जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ये परेशानियां रोज-रोज महसूस होती है। अनिद्रा और स्ट्रेस जैसी स्थितियां मेंटल हेल्थ (mental health) को बिगाड़ने और थकान (fatigue) बढ़ाने का काम करती हैं। लेकिन थकान और अनिद्रा की वजह से किडनी की हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, इनके बारे में ज्यादा बात नहीं जाती है। पर रिसर्च और स्टडीज के अनुसार, क्रोनिक स्ट्रेस और नींद की कमी के कारण धीरे-धीरे किडनियां डैमेज (kidney damage) हो सकती हैं।
बैंगलोर स्थित एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल में कंसल्टेंट और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शशांक शेट्टी (Dr.Shashank Shetty, Consultant – Nephrology, Aster CMI Hospital, Bangalore) ने इसी विषय पर बात की और बताया कि किस तरह तनाव और अनिद्रा जैसी स्थितियां किडनी को नुकसान पहुंचाती है और किस तरह इनके कारण आपके लिए किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
डॉ. शशांक शेट्टी बताते हैं कि, " हमारी किडनियां शरीर में जमा टॉक्सिंस (toxins stored in the body) और वेस्ट को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकालने (kidneys are vital for filtering toxins) का महत्वपूर्ण काम करती हैं और साथ ही शरीर में फ्लूइड लेवल या पानी का स्तर भी मेंटेन (maintaining fluid balance in the body) करने का काम करती हैं। वहीं, दूसरी तरफ जब किसी व्यक्ति को स्ट्रेस महसूस होता है या वह लगातार नींद की कमी की समस्या (Lack of sleep) से जूझता है जो इससे शरीर में ब्लड प्रेशर लेवल बढ़ने (high blood pressure), डायबिटीज ( diabetes) बढ़ने और इंफ्लेमेशन बढ़ने (inflammation) जैसी प्रतिक्रियाएं होती हैं। ये सभी स्थितियां किडनी के स्वास्थ्य के लिए बड़े रिस्क फैक्टर्स और किडनी की बीमारियां बढ़ाने वाले कारणों (risk factors for kidney disease) के तौर पर देखी जाती हैं।"
जब शरीर में तनाव बढ़ता है तो इससे कॉर्टिसोल हार्मोन्स (cortisol) और एड्रेनाइल (adrenaline) का स्तर भी बढ़ सकता है। इन हार्मोन्स के रिलीज होने के साथ ही शरीर खुद की सुरक्षा के लिए सक्रिय होने लगता है। जहां यह प्रक्रिया छोटे-मोटे घावों के भरने के लिए मददगार साबित होती है वहीं क्रोनिक स्ट्रेस के कारण हार्मोन्स लम्बे समय तक एक्टिव रहतेहैं। इससे ब्लड प्रेशर लेवल बढ़ सकता है जो किडनी डैमेज का एक बड़ा कारण (leading causes of kidney damage) है।
इसी तरह तनाव के कारण लोगों में कई तरह की अनहेल्दी आदतें (unhealthy eating habits) भी बढ़ सकती हैं। जैसे स्ट्रेस बढ़ने के साथ ही लोगों में स्मोकिंग की आदत (Smoking due to stress) बढ़ सकती है। इसी तरह शराब पीने (Consuming excess alcohol), अनहेल्दी इटिंग हैबिट्स (unhealthy eating habits) जैसे बहुत अधिक मीठा खाना या बार-बार चाय-कॉफी पीने जैसी आदतें भी बन सकती हैं। तनाव के कारण लोग बिस्तर में पड़े रहना, देर तक सोने या आलस करने (Sedentary lifestyle) जैसी आदतें भी अपना लेते हैं। इस तरह कसरत की कमी और खराब खान-पान के कारण लोगों की किड़नियों को डैमेज पहुंचता है और किडनी की बीमारियों का खतरा (risk of kidney disease) भी बढ़ता है।
तनाव की तरह ही नींद की कमी भी किडनी फंक्शनिंग से जुड़ी परेशानियां (Kidney function related problems) बढ़ा सकती है। जैसा कि नींद शरीर को आराम करने, हीलिंग (body's natural healing) और रिपेयरिंग जैसी प्रक्रियाओं के लिए बहुत जरूरी ( Sleep helps in body repair processes) है। इसीलिए, नींद की कमी से तनाव भी बढ़ सकता है और आपकी ओवरऑल हेल्थ को नुकसान भी पहुंच सकता है। गहरी नींद के दौरान आपका शरीर ब्लड प्रेशर लेवल को रेग्यूलेट करने का काम करता है। इसी तरह किडनी को हेल्दी तरीके से काम करने के लिए भी अच्छी नींद की जरूरत होती है। जब आपकी नींद में खलल पड़ता है या नींद से जुड़ी गड़बड़ियां शुरू होती हैं तो आपका ब्लड प्रेशर लेवल और ब्लड शुगर लेवल (blood sugar levels, ) दोनों बढ़ जाते हैं। बीपी और शुगर बढ़ने से किडनियों पर दबाव बढ़ता (extra strain on the kidneys) है।
डॉ. शशांक शेट्टी आगे कहते हैं कि," जो लोग हमेशा कम सोते हैं या जो रात में 6 घंटें से कम नींद सोते हैं, ऐसे लोगों में किडनी की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। नींद की कमी के कारण मेटाबॉलिक असंतुलन (metabolic imbalances) पैदा हो सकते हैं। इसी तरह नींद की कमी से शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ सकता (Poor sleep can cause inflammation) है और स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर भी बढ़ सकता है। ये सारी चीजें आपकी किडनियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।"
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।