नीम तोड़ता है कैंसर कोशिकाओं का संगठन, जानें इस वीडियो में

सदगुरू भी नीम का सेवन करने का समर्थन करते हैं। वे मानते हैं कि नीम कैंसर कोशिकाओं को संगठित होने से रोकता है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : February 8, 2019 7:43 PM IST

औषधीय गुणों के कारण गुणकारी नीम सदियों से भारत में कीट-कृमिनाशी और जीवाणु-विषाणुनाशी के रूप में प्रयोग में लाया जाता रहा है। अब कोलकाता के वैज्ञानिक इसके प्रोटीन का इस्तेमाल करते हुए कैंसर के खिलाफ जंग छेड़ने की तैयारी में जुट गए हैं। चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीच्यूट (सीएनसीआई) के अनुसंधानकर्ताओं की एक टीम ने अपने दो लगातार पर्चो में बताया है कि किस तरह नीम की पत्तियों से संशोधित प्रोटीन चूहों में ट्यूमर के विकास को रोकने में सहायक हुआ है।

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ऐसे करता है काम

कैंसर की कोशिकाओं को सीधे निशाना बनाने के बजाय यह प्रोटीन-नीम लीफ ग्लाइकोप्रोटीन या एनएलजीपी- ट्यूमर के भीतर और रक्त जैसे परिधीय तंत्र में मौजूद प्रतिरक्षण कोशिकाओं (जो कोशिकाएं शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों से प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होती हैं) को बल प्रदान करता है।

प्रतिरक्षण कोशिकाएं आम तौर पर कैंसर कोशिकाओं के साथ ही नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं की शत्रु होती हैं। ट्यूमर के विकास के दौरान कैंसर वाली कोशिकाएं अपने विकास और विस्तार के लिए इन प्रतिरक्षक कारकों को अपना दास बना लेती हैं। इसलिए इन जहरीली कोशिकाओं को मारने की जगह प्रतिरक्षक कोशिकाएं उनकी सहायता करने लगती हैं।

इस वीडियो में देखे क्‍यों और कितना जरूरी है नीम

आध्‍यात्मिक गुरु और प्रवक्‍ता सदगुरू भी नीम का सेवन करने का समर्थन करते हैं। वे मानते हैं कि नीम कैंसर कोशिकाओं को संगठित होने से रोकता है। जिस तरह बेहतर कानून व्‍यवस्‍था अपराधियों के गिरोह को सं‍गठित होने से रोकती है। विस्‍तार से देखें इस वीडियो में।

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