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Written By: Editorial Team | Published : January 18, 2019 11:04 AM IST
Image credits by: बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने के लिए अपनाएं ये प्राकृतिक तरीके। © Shutterstock
बाइपोलर डिसऑर्डर को मैनिक डिप्रेशन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक मानसिक विकार है जिसके दौरान व्यक्ति को बहुत अधिक मूड स्विंग्स होते हैं, साथ ही उनकी नींद, ऊर्जा, व्यवहार और सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। बाइपोलर डिसर्ऑर्डर से ग्रस्त लोगों का मानना है कि मेडिकेशन के साथ अन्य प्राकृतिक उपचार इसके लक्षणों से राहत पाने में मदद करते हैं। हालांकि, बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में प्राकृतिक उपायों की प्रभावशीलता पर अधिक शोध की आवश्यकता है। बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रस्त लोगों को मेडिकेशन के साथ कुछ प्राकृतिक तरीकों को भी अपनाना चाहिए। जानें, बाइपोलर डिसऑर्डर को ठीक करने के प्राकृतिक तरीके।
बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने के प्राकृतिक तरीके
एक्सरसाइज
बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने में एक्सरसाइज फायदेमंद है। खुद को सक्रिय रखना आपको बाइपोलर डिसऑर्डर में मदद कर सकता है इसलिए नियमित एक्सरसाइज करें। लो-इंटेसिटी और मोडरेट एक्सरसाइज आपके लिये लाभकारी होंगी। इससे एंडोर्फिन केमिकल रिलीज होता है जो आपको अच्छा महसूस करता है।
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स्वस्थ दिनचर्या
जब आप डिप्रेशन में होते हैं या मूड स्विंग्स के कारण भी आप बुरी आदते अपनाने लगते हैं जैसे खाना ना खाना, पूरी नींद ना लेना आदि। ऐसा ना करें। स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं, स्वस्थ खाएं, सही समय पर स्नैक्स लें, पर्याप्त प्रोटीन खाएं।
अपनी रुचियों को जिएं
बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान जब आप डिप्रेशिव मूड में नहीं है तो इस दौरान आपको अपनी रुचि को पूरा करने में समय बिताना चाहिए ताकि आप अच्छा महसूस करें।
लोगों से जुड़ें
अकेले ना रहें, लोगों के साथ समय बिताएं। बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान अकेले रहने से आपका डिप्रेशन बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से जुड़ें, बात करें और करीबियों के साथ समय बिताएं।
पर्याप्त नींद लें
बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान लोगों को नींद लेने में परेशानी हो सकती है इसलिए आपको पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। एक ही स्लीपिंग पैटर्न अपनाना चाहिए। हर रोज एक ही समय पर सोएं और उठें।
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