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राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2019: डेंगू फैलने से पहले जानें उसे रोकने में नीम के औषधीय गुण

आयुर्वेद में नीम को एक ऐसा ही औषधीय पौधा माना गया है, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। खासतौर से बरसात से संबंधित बीमारियों में।

राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2019: डेंगू फैलने से पहले जानें उसे रोकने में नीम के औषधीय गुण
आयुर्वेद में नीम को एक ऐसा ही औषधीय पौधा माना गया है, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। खासतौर से बरसात से संबंधित बीमारियों में। © Shutterstock

Written by Yogita Yadav |Published : May 16, 2019 5:22 PM IST

हालांकि अभी डेंगू की दस्‍तक उस तरह महसूस नहीं हो रही है। फि‍र भी डेंगू से निपटने के लिए देशव्‍यापी जागरुकता कायम हो सके इस उद्देश्‍य से भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने 16 मई को राष्‍ट्रीय डेंगू दिवस अर्थात National Dengue Day मनाने का फैसला किया है। इस तरह हम मानसून से एक माह पहले ही डेंगू से बचाव की तैयारी कर सकते हैं। डेंगू से बचने में दवाओं से ज्‍यादा प्राकृतिक उपचार कारगर है। आयुर्वेद में नीम को एक ऐसा ही औषधीय पौधा माना गया है, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। खासतौर से बरसात से संबंधित बीमारियों में। आइए जानते हैं डेंगू से बचाव में नीम किस तरह उपयोगी है और उसका कैसे इस्‍तेमाल किया जाए।

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अभी से करें मानसून की तैयारी

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मानसून में डेंगू का डर सबसे ज्‍यादा होता है। अभी मानसून आने में समय है, इसलिए अगर अभी से तैयारी की जाए तो इससे बचाव और ज्‍यादा आसान हो जाएगा। अभी से अपने आसपास नजर दौंड़ाएं कि कहां-कहां नीम है। नीम के औषधीय गुण और उसके इस्‍तेमाल के बारे में जानें।

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दिन में काटते हैं डेंगू के मच्छर

ये मच्छूर रात की जगह दिन में काटते हैं। डेंगू होने पर शरीर में तेज बुखार के साथ साथ जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है। जी मिचलाना, शरीर पर छोटे लाल चकत्ते और आंख के पीछे दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। इसलिये बेहतर है कि इस बीमारी को होने से रोका जाए। साथ ही अगर किसी को डेंगू हो गया है तो आयुर्वेद के अनुसार नीम का इस्तेमाल करना चाहिये। नीम के लगभग हर हिस्से में कई औषधीय लाभ हैं।

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जानें नीम के औषधीय गुण

जैसे-जैसे बारिश का मौसम करीब आ रहा है वैसे वैसे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी का प्रकोप पास आता जा रहा है। यह बीमारी बेहद खतरनाक है क्‍योंकि डेंगू का लार्वा नमी पाते ही सक्रिय हो जाते हैं। बता दें कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर गंदे पानी की बजाय साफ पानी में पनपता है। इसलिये बारिश के मौसम में घर के आस पास बिल्‍कुल भी पानी जमा न होने दें।

डेंगू में इस तरह करें नीम का इस्‍तेमाल

  • नीम के पत्तों में कुछ प्रकार के रसायन पाए जाते हैं जिनका शरीर पर एंटी-माइक्रोबियल, एंटी प्योरेटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पड़ता है। डेंगू होने पर शरीर में खून से ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। लेकिन नीम के पत्‍तों का पानी दिन में कई बार पीने से इसमें इजाफा होता है।
  • यदि डेंगू से पीडित व्‍यक्‍ति को नीम के पत्तों के रस के साथ पपीते के पत्तों का रस मिला कर पिलाया जाए तो वह जल्‍द ठीक हो जाएगा।
  • डेंगू के कारण शरीर की इम्‍यूनिटी कमजोर पड़ने लगती हैं। लेकिन रोजाना दो चार नीम की पत्‍ती खाने से न सिर्फ खून साफ होता है बल्‍कि बॉडी से टोक्सिन निकलता है और इम्युनिटी भी बढ़ती है।
  • नीम का तेल मच्छरों से राहत पाने का बेहतर उपाय है। इसे लगाने से आपको डेंगू के मच्छर नहीं काटते हैं। इसलिये यह तेल छोटे बच्‍चों के शरीर पर तब लगाएं जब वह बाहर खेलने कूदने के लिये जाएं।
  • निवारण हमेशा इलाज से बेहतर है। डेंगू को रोकने के लिए मच्छरों से बचाव करना सबसे अच्छा उपाय है। मच्छरों से राहत पाने के लिए सूखे नीम के पत्तों को जलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
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