नागालैंड में कुत्तों के मांस की ब्रीकी और सेवन पर बैन, जानिए कौन से घातक रोगों का कारण बनता है डॉग मीट

नागालैंड सरकार ने कुत्तों के मांस के व्यापार और उपभोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जानवरों के प्रति बढ़ती क्रूरता को कम करने के लिए सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। यह फैसला लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए भी किया गया है, क्योंकि कुत्तों के मांस के सेवन से कई घातक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।

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Written By: Anshumala | Updated : July 4, 2020 7:13 PM IST

Dog Meat Health Risks : दुनिया के कई देशों में लोग कुत्ते का मांस (Dog meat) लोग खाना पसंद करते हैं, ठीक उसी तरह जैसे लोग चिकन या गाय का मांस खाते हैं। वियतनाम में, हर साल कुत्तों का मांस खाने के लिए लगभग पांच मिलियन कुत्तों को मार (Dog Meat Health Risks) दिया जाता है। अन्य देशों जैसे रूस, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, चीन, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, यूरोप और साउथ ईस्ट एशिया के कई अन्य देशों में कुत्ते का मांस खूब खाया जाता है। भारत के उत्तर पूर्व के कुछ राज्यों में भी डॉग मीट खाया जाता है, लेकिन नागालैंड सरकार (Nagaland government) ने कुत्ते के मांस के व्यापार (Dog meat trade in nagaland) और उपभोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जानवरों के प्रति बढ़ती क्रूरता को कम करने के लिए नागालैंड सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। कुत्ते के कच्चे और पके दोनों तरह के मांस (Dog Meat Health Risks in hindi) पर यह रोक लगाई गई है। मिजोरम सरकार ने भी हाल ही में राज्य में कुत्तों के खुले वध की जांच के लिए कदम उठाए थे और मार्च में मिजोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से पशु वध बिल 2020 पारित किया था।

पूर्वोत्तर राज्यों में चाव से खाते हैं लोग डॉग मीट

बता दें कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में कुत्तों के मांस का सेवन बहुत चाव से किया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे शरीर को उच्च पोषण प्राप्त होता है, लेकिन आपको यह जान लेना चाहिए कि कुत्तों के मांस के सेवन से आपको कई खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं। ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल/इंडिया (HIS/INDIA) ने एक बयान में कहा कि मिजोरम पूर्वोत्तर भारत का पहला राज्य है, जिसने कुत्तों के मांस के व्यापार को समाप्त करने की दिशा में एक बेहतरीन कदम उठाया है।

युलिन में होता है डॉग मीट फेस्टिवल (Yulin dog meat festival) 

युलिन (चीन) डॉग मीट फेस्टिवल (Yulin dog meat festival) ने हाल ही में इससे संबंधित अंतर्राष्ट्रीय आक्रोश को बढ़ावा दिया है। कुछ सेलिब्रिटीज और एनिमल एक्टिविस्ट ने इस परंपरा को समाप्त करने के लिए एक साथ उठ खड़े हुए हैं और लोगों में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान शुरू किया है। फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने के लिए हजारों कुत्तों को मार दिया जाता है। चीन के युवान शहर से शुरू हुए कोरोनावायरस के लिए भी यहां के मांस बाजार में मिलने वाले सीफूड्स, चमगादड़ों और अन्य वन्य जीवों के मांस की बिक्री को जिम्मेदार ठहराया गया था। बेशक, दुनिया भर के कई देशों में कुत्तों के मांस का सेवन (Dog Meat Health Risks in hindi) लोग बड़े चाव से करते हैं, लेकिन इसके सेवन से सेहत पर कुछ नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। कई तरह के रोगों के होने का खतरा बढ़ जाता है। इस बात की चेतावनी कई विशेषज्ञ भी दे चुके हैं, ऐसे में कुत्तों के सेवन पर प्रतिबंध लगना जरूरी है।

कुत्ते का मांस खाने से होने वाली बीमारियां (Diseases caused bye eating Dog meat)

रेबीज (Rabies)

कुत्ते के मांस के सबसे बड़े खतरों में से एक है रेबीज का प्रसार। फिलीपींस में हर साल लगभग 10,000 कुत्ते और 300 लोग रेबीज से मारे जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कुत्तों के सोर्सिंग, वध (Slaughter) और बिक्री की प्रक्रियाओं के माध्यम से रेबीज के प्रसार को कम करने के लिए सामूहिक टीकाकरण भी करवाया गया, बावजदू इसके कुत्ते के मांस का व्यापार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर लगातार हो रहा है, जिससे रेबीज की रोकथाम काफी मुश्किल हो जाती है।

कुत्तों को मारने के दौरान स्लॉटर हाउस में काम करने वाले वर्कर्स रेबीज से आसानी से संक्रमित हो सकते हैं। और यह बीमारी अन्य कुत्तों और मनुष्यों में समान रूप से फैला सकता है। 2008 में, वियतनाम के होई ड्यूक (Hoai Duc) में बूचड़खानों में 20 प्रतिशत कुत्तों को रेबीज पाया गया था। पिछले वर्ष, वियतनाम में मांस के लिए कुत्तों को मारने के कारण लगभग 30 प्रतिशत मौत रेबीज के कारण हुई थीं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के रिकॉर्ड के अनुसार, केवल 10 लोग ही इस भयावह बीमारी से बच पाए हैं। रेबीज एक खतरनाक और घातक बीमारी है, जो आसानी से फैल (Is dog food harmful to humans) सकती है।

हैजा (Cholera)

कुत्ते के मांस में हैजा (Cholera) पैदा करने वाले बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यदि आप उन स्थानों पर बैठकर खाना भी खाते हैं, जहां कुत्ते का मांस परोसा जाता है, तो आप इस बैक्टीरिया के शिकार हो सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कुत्ते का मांस खाने से हैजा होने की संभावना 20 गुना बढ़ जाती है।

ट्राइकिनेलोसिस (Trichinellosis)

यह एक जूनोटिक परजीवी (Zoonotic parasite) है, जो कुत्तों से मनुष्यों में फैलता है। यह रक्त वाहिकाओं में सूजन का कारण बनता है। इससे नेल बेड्स (nail beds) और आंखों से रक्तस्राव (hemorrhages) होता है। यह मांसपेशियों में अत्यधिक कमजोरी भी पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में घातक भी हो सकता है।

कई अन्य बीमारियों के होने का रहता है खतरा

कुत्ते के मांस के सेवन से कई अन्य बीमारियों और संक्रमण के होने का खतरा बढ़ जाता है। कुत्ते के मांस (Health hazards of eating dog meat) में भी ई कोलाई (E Coli 107) और साल्मोनेला (Salmonella) जैसे परजीवी हो सकते हैं। यदि आप कुत्ते का मांस खाते हैं, तो एंथ्रेक्स (Anthrax), ब्रुसेलोसिस (Brucellosis), हेपेटाइटिस और लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन आपको हो सकते हैं।

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