शरीर के मसल्स को कमजोर कर देता है मायस्थेनिया ग्रेविस, जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण

मायस्थेनिया ग्रेविस एक ऑटो इम्यून बीमारी (Auto Immune Disease) है। इसका मतलब यह है कि आपके शरीर का इम्यून सिस्टम आपके ही शरीर के टिश्यूज पर हमला करता है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : July 15, 2020 3:01 PM IST

मायस्थेनिया ग्रेविस (Myasthenia Gravis) एक ऐसी समस्या है, जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम (Immune System) ऐसी एंटी बॉडीज (Anti-Bodies) बनानी शुरू कर देता है, जो नर्व सिग्नल्स (Nerve Signals) को बाधित करत है। इसके कारण हमारी मसल्स कमजोर होने लगती है। यह बीमारी मुख्य रूप से ठीक नहीं हो पाती है। हालांकि, डॉक्टर्स हमें कुछ दवाइयां देते हैं, जिससे इसके लक्षण दिखने बंद हो जाते हैं। यह बीमारी सबसे पहले आंखों की पसलियों में महसूस होता है। इसके बाद यह हमारे शरीर के मसल्स (Myasthenia gravis) पर अपना प्रभाव डालता है।

मायस्थेनिया ग्रेविस के लक्षण (Symptoms of Myasthenia Gravis)

आंखो में

मायस्थेनिया ग्रेविस में पलकों का लटकना इसका सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक है। इस समस्या के कारण आंखों के आस-पास की छोटी छोटी पसलियां कमजोर हो जाती हैं, जिसके कारण आपको पूरी आंखें खोलने, यहां तक की देखने में भी परेशानी हो सकती है। इस बीमारी के कारण आपको कुछ भी साफ नजर नहीं आता है।

मुंह और गले में

मायस्थेनिया ग्रेविस आमतौर पर अपना प्रभाव चेहरे और गले की मांसपेशियों पर अधिक दिखाता है। इसके शुरुआती लक्षण में आपका चेहरा पहले से अलग और अजीब दिखने लगता है। उदाहरण के तौर पर जब आप मुस्कुराएंगे तो ऐसा लगेगा, जैसे की आप झपकी ले रहे हों। इसके अलावा आपको मुंह उठाने में ही तकलीफ महसूस होगी। कुछ लोगों को बोलने और चबाने में भी परेशानी होती है।

सांस लेने में तकलीफ

इस समस्या के कारण छाती की मांसपेशियां भी कमजोर होती हैं। इसके कारण सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब आपको सांस लेने में बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करेँ।

हाथ और पैरों के लक्षण

इस बीमारी के कारण हाथ और पैरों की पसलियां भी प्रभावित होती हैं। यह बात आपके स्वास्थ्य, भोजन और आप कितना स्ट्रेस लेते हैं, इस बात पर निर्भर करता है।  हाथ और पैरो में कमजोरी के के कारण आपको कोई भी सामान उठाने में दिक्कत हो सकती है।

मायस्थेनिया ग्रेविस का कारण (Reasons of Myasthenia Gravis)

मायस्थेनिया ग्रेविस एक ऑटो इम्यून बीमारी (Auto Immune Disease) है। इसका मतलब यह है कि आपके शरीर का इम्यून सिस्टम आपके ही शरीर के टिश्यूज पर हमला करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारे शरीर में जीन्स बहुत ही महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन यह नहीं पता चल पाया है कि कौन सा जीन्स इम्यून को प्रभावित करता है। इसलिए इसके कारण भी बताना संभव नहीं है। अभी वैज्ञानिक इसकी खोज कर रहे हैं।

कैसे होता है इसका इलाज (Treatment of Myasthenia Gravis)

  • सबसे पहले डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री चेक करता है। इसके बाद वह मरीज की जांच करेगा। इस जांच में मरीज के मांसपेशियों और आंखों की गतिविधियों की जांच होती है।
  • मसल्स में कमजोरी कई अलग-अलग बीमारियों के कारण हो सकते हैं। इसकी जांच में कुछ समय लग सकता है। कभी-कभी 2 साल तक का भी समय लग जाता है, इसके बाद ही इलाज शुरू होता है।
  • डॉक्टक नर्व सिग्नल को भेजने में सुधार करने के लिए एंटीकोलिनेस्टरेज़ दवाएं दे सकते हैं।

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