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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 23, 2022 2:33 PM IST
इम्यून सिस्टम को हेल्दी रखने के लिए इस अंग का हेल्दी होना जरूरी! 40 की उम्र के बाद 33 फीसदी तेजी से खराब होता है ये अंग
इम्यून सिस्टम को मजबूत और शक्तिशाली बनाने के लिए जरूरी है कि आप हेल्दी रहें, जो कि सदियों से एक सच की तरह है। वे लोग, जिन्हें गंभीर बीमारियां होती हैं उन्हें एक हेल्दी इम्यून सिस्टम की जरूरत होती है, जिसकी वजह से उन्हें मामूली से लेकर गंभीर इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि हेल्दी, संतुलित डाइट इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है लेकिन बहुत से लोग कमजोर मांसपेशियों के नकरात्मक प्रभाव को नजरअंदाज कर देते हैं, जो इम्यूनिटी को बिगाड़ने का काम करती है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि मांसपेशियों, इम्यून सिस्टम और बीमारियों के प्रबंधन के बीच संबंध है। चूंकि मांसपेशियां हमारे चलने के लिए बहुत जरूरी है और इनका स्वस्थ रहना हमारे लिए बहुत जरूरी है ताकि ये मजबूत रहें और सही तरीके से काम करें। कुछ आंकड़ें हैं, जो ये बताते हैं कि मांसपेशियां आपके इम्यून सिस्टम के कामकरने में शामिल होती हैं। मांसपेशियों द्वारा बनाए और रिलीज किए जाने वाले तत्व कुछ इम्यून कोशिकाओं के विकास, सक्रिय रहने और उनके काम करने के लिए बहुत जरूरी होती हैं।
इसके अलावा ये अमिनो एसिड की आपूर्ति में भी बहुत जरूरी होती हैं, जो कि शरीर के लिए तनाव और इंफेक्शन के दौरान बहुत जरूरी होता है।
बता दें कि 40 की उम्र के बाद पुरुषों और महिलाओं दोनों के ही शारीरिक संरचना में बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। इससे भी ज्यादा जरूरी ये है कि 40 से 80 की उम्र में शरीर 33 फीसदी जल्दी मसल्स मास लूज करना शुरू कर देता है। हाल ही में एक अध्ययन में ये खुलासा हुआ है कि मसल्स मास की हानि इम्यूनिटी को कमजोर करने से लेकर इंफेक्शन में योगदान देती है।
मसल्स मास का कम होना और अपर्याप्त प्रोटीन शरीर को चोट और इंफेक्शन के खिलाफ प्रतिक्रिया करने में बाधा पैदा करता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी मांसपेशियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए ताकि उम्र के साथ-साथ मांसपेशियां अपना घनत्व न खोएं लेकिन वे लोग, जो क्रोनिक रोग से परेशान हैं उन्हें इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर डायबिटीज, ह्रदय रोग, क्रोनिक लंग डिसऑर्डर और दूसरी गंभीर बीमारियों में मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और शक्ति भी कम होने लगती है।
1-चिकन, सी फूड, अंडे, नट्स, बीन्स और डेयरी जैसे पर्याप्त प्रोटीन रिच फूड्स का सेवन करना चाहिए।
2-वयस्कों को अपने हर मील से लगभग 15 से 20 ग्राम प्रोटीन प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
3-65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को युवाओं की तुलना में अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।
4-आपको विटामिन सी, मैग्नीशियम, विटामिन ई, विटामिन ए और विटामिन डी जैसे विटामिन्स का सेवन करना चाहिए, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करें।
5-मांसपेशियों और इम्यून सिस्टम के स्वास्थ्य को बूस्ट अप रखने के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्राप्त करना हमेशा आसान नहीं होता है।
यह उन लोगों के लिए और अधिक कठिन होता है, जिन्हें क्रोनिक डिजीज होती हैं। इनके अलावा जिन्हें ये लगता है कि उनके पास भोजन और नाश्ता तैयार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है उन्हें अपने डेली रूटीन को मैनेज करने की जरूरत है। आप चाहें को रोग के अनुसार अपनी डाइट को मैनेज कर सकते हैं और सप्लीमेंट का विकल्प चुन सकते हैं।