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Written By: Anshumala | Updated : November 27, 2018 12:24 PM IST
गलसुआ या मम्प्स होने पर गर्म पानी और नमक की सिंकाई करने से आराम मिलता है। © Shutterstock
मम्प्स को गलसुआ और कंठमाला भी कहते हैं। यह गले से संबंधित रोग होता है। ये एक संक्रामक रोग है जो ज्यादातर गाल के नीचे जबड़ों के पास स्थित पेरोटिड ग्रंथियों में संक्रमण के फैलने से होता है। ये ग्रंथियां लार बनाती हैं। संक्रमण के कारण इस रोग में गालों में सूजन आ जाती है। इसके लक्षण जल्दी नजर नहीं आते हैं। हालांकि, यह गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। गालों और गर्दन में इस रोग के कारण अधिक दर्द रहता है। आप इसका इलाज कुछ घरेलू उपचार से भी कर सकते हैं।
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मम्प्स के लक्षण
वायरस के संपर्क में आने के लगभग 15 से 20 दिन बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं। इसके लक्षण टॉन्सिल से अधिक मिलते हैं। इसमें बुखार, सिरदर्द, भूख न लगना, कमजोरी, चबाने और निगलने में दर्द होना और गालों में सूजन आदि लक्षण नजर आते हैं। कई बार रोगियों को पेट में तेज दर्द और उल्टी की समस्या भी होती है। कभी-कभी स्तन में सूजन, दिमाग की झिल्ली व दिमाग में सूजन आदि भी देखने को मिलती है।
घरेलू उपचार से दूर करें यह रोग
- गलसुआ या मम्प्स होने पर गर्म पानी और नमक की सिंकाई करने से आराम मिलता है। गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने से भी लाभ होता है।
- ताजे अदरक को काट लें। इन टुकड़ों को सुखा लें। अब इसे काले नमक में लपेटकर चूसें। इसके अलावा कच्चे अदरक को भी काले नमक के साथ चूसने पर लाभ होता है, पर सूखा अधिक फायदेमंद है। अदरक इंफ्लेमेंट्री गुणों से भरपूर होता है जिससे सूजन दूर हो जाती है। इसमें एंटी वायरल गुण भी होते हैं जिसके कारण दर्द नहीं होता है।
- मेथी के दानों को पीसकर पाउडर बना लें। इसका लेप बनाकर मम्प्स वाली जगह पर लगाएं। इसमें एक चुटकी नमक डाकर इसे बेहद हल्का गुनगुना करके लगाने से ज्यादा फायदा होगा।
- एलोवेरा भी गलसुए को सही करने की अच्छी दवा है। आप एलोवेरा लें। जेल को निकाल लें। उसे चेहरे और प्रभावित हिस्सों में लगाएं। इसमें थोड़ी सी हल्दी भी मिला लें। इससे सूजन में राहत मिलेगी।
- काली मिर्च मम्प्स के लिए अच्छी दवा है। इसका पाउडर बनाएं। पानी में इस पाउडर को मिला लें और इसे संक्रमित हिस्से पर लगाएं। आपको जल्द ही परिणाम देखने को मिल जाएगा।
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- गलसुआ होने पर पीपल या अंजीर के पत्तों घी लगाकर हल्का गर्म करें। इन पत्तों को गाल पर या प्रभावित हिस्से पर रखें। 30 मिनट तक रखा रहने दें। ऐसा दिन में दो बार करें। तुरंत लाभ महसूस होगा।
- लहसुन में एंटी-माइक्रोबियल गुण होता है, जो बैक्टीरिया और वायरस को मारने में मदद करता है। इससे गले में सूजन और बैठने की समस्या खुद ही कम हो जाती है। इसके लिए लहसुन की एक छोटी सी कली लेकर अपने मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसें। जल्द राहत पाने के लिए इस उपाय को दिन में कई बार करें।
- नींबू के रस की प्रकृति अम्लीय होती है, इसलिए यह बैक्टीरिया को मार कर कंठमाला की सूजन के लक्षणों से राहत प्रदान करने में मदद करता है। गले की सूजन की समस्या से बचने के लिए एक कप गर्म पानी में थोड़ा सा नमक और नींबू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर इस मिश्रण से गरारे करें। तुरंत राहत पाने के लिए इस उपाय को दिन में कई बार करें।