
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : December 26, 2020 4:07 PM IST
Covid-19 patients with weak immunity are more prone to this deadly infection.
म्यूकोरमाइकोसिस एक ऐसा संक्रमण है जो है तो बहुत दुर्लभ लेकिन यदि कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाए तो यह बेहद गंभीर रूप ले सकता है। म्यूकोरमाइकोसिस फंगल इंफेक्शन (Mucormycosis Fungal Infection) एक रेयर फंगल इंन्फेक्शन हैं, जिसे पहले जाइगोमाइकोसिस (Zygomycosis) नाम से भी जाना जाता था। इस बीमारी में शरीर की रोग और कीटाणु से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इस बीमारी को फैलाने वाले Molds सांस और स्किन में कट के जरिए शरीर में घुस जाते हैं और अलग-अलग अंगों में नुकसान पहुंचा सकते हैं। ज्यादातर ये फंगल इंफेक्शन फेफड़े और स्किन से शुरू होते हैं।
जब किसी व्यक्ति को म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण (Mucormycosis Infection) होता है तो सबसे पहले उसे जुकाम (Cold) होता है। फिर ये जुकाम व्यक्ति के दिमाग पर असर डालता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को कम दिखाई देना या अंधापन भी हो सकता है। इसके अलावा चेहरे के एक तरफ सूजन आना, सिरदर्द, साइनस कंजेशन,मुंह के उपरी भाग में तकलीफ के साथ बुखार आदि इसके लक्षण हो सकते हैं।
क्योंकि म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण सामान्य फलू जैसे दिखते हैं इसलिए कई बार लोग डॉक्टर के पास जाना जरूरी नहीं समझते हैं। लेकिन अब जब सामने आ चुका है कि जुकाम, सिर के एक तरफ दर्द होना, चेहरे पर सूजन आना और कम दिखाई देना आदि म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण भी हो सकते हैं तो आपको इन लक्षणों को महसूस करने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि आपको इन लक्षणों को महसूस करते हुए 5 से 6 दिन हो चुके हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बताया जा रहा है कि ये संक्रमण कुछ निश्चित तरह की बमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा है। डायबिटीज, किडनी, हायपरटेंशन और मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। डायबिटीज वाले पेशेंट में Covid-19 की वजह से फंगल इंफेक्शन हो जाता है। अमूमन यह नाक से शुरू होता है और नेजल बोन और आंखों को खराब कर सकता है। इसके अलावा यह जबड़ों को भी चपेट में लेता है। एक बार फंगल होने के बाद तुरंत इलाज की आवश्यकता होता है।
म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज इस बात पर निर्भर कर रहा है कि संक्रमण ने मरीज के शरीर का कौन सा हिस्सा प्रभावित किया है। इसके अलावा संक्रमण कितना गंभीर है और किन कारणों से हुआ है आदि के अनुसार भी डॉक्टर मरीज का इलाज कर रहे हैं। इसके इलाज में डॉक्टर्स नसों में इंजेक्शन देना और ओरल दवाएं दोनों दे रहे हैं।