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Written By: Anshumala | Published : October 22, 2018 2:53 PM IST
मुंह के छाले कब्ज, हार्मोनल बदलाव, अधिक एसिडिटी आदि के कारण होता है। © Shutterstock
अक्सर लोग माउथ अल्सर यानी मुंह के छाले से परेशान रहते हैं। यह मुंह के अंदर गाल, होंठ, जीभ पर होने वाला गोल आकार का घाव होता है, जिसका रंग सफेद या पीला होता है। इसमें मुंह में जलन, दर्द आदि होता है खासकर तब, जब आप कुछ भी खाते हैं। मुख्य रूप से यह कब्ज, हार्मोनल बदलाव, अधिक एसिडिटी आदि के कारण होता है। साथ ही आयरन की कमी, विटामिन बी एवं सी की कमी के कारण भी ये अल्सर हो जाते हैं। आप इसका आसन और सरल घरेलू उपचार से इलाज किया जा सकता है और इसके उपचार की सामग्री हर किसी की रसोई में मौजूद होती है।
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क्यों होते हैं मुंह के छाले
आयुर्वेदाचार्य डॉ. एम. मुफीक कहते हैं कि पेट में गर्मी हो, पेट साफ न हो रहा हो, पाचन क्रिया गड़बड़ हो या पेट में कीड़े हो गए हों, तो माउथ अल्सर की समस्या हो जाती है। पित्त रोग, कब्ज, हार्मोनल बदलाव और अधिक एसिडिटी से ग्रसित लोगों को मुंह के छालों की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इम्युनिटी सिस्टम के कमजोर होने पर भी माउथ अल्सर की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसमें ज्यादातर मीठी और मुलायम चीजों के खाने की सलाह दी जाती है। इस दौरान चाय, कॉफी और तली हुई चीजों का सेवन बिल्कुल ही बंद कर दें। इसमें कत्था, सदाबहार और हरश्रंगार के पत्तों को चबाने से काफी फायदा मिलता है। शहद को कत्थे के साथ मिलाकर लगाने से माउथ अल्सर में काफी राहत मिलती है। घरेलु उपचार की चीजों के तहत देखा जाए, तो कत्था, पिपरमेंट, अमरूद, मुलेठी, शहद, लहसुन, नारंगी व संतरे का रस, नारियल का तेल और कच्चा नारियल फायदेमंद होता है। वर्ल्ड सोरायसिस डे 2018 : त्वचा की गंभीर समस्या है सोरायसिस, इस घरेलू नुस्खे से इसे बढ़ने से यूं रोंके
करें नमक का गरारा, लें पौष्टिक आहार
आयुर्वेदाचार्य डॉ. एम. मुफीक कहते हैं कि अगर आपके मुंह का स्वाद (ओरल हाइजीन) अच्छा है, तो यह 3-4 दिन में सही हो जाता है। अगर स्वाद में समस्या है, तो इसमें 8-10 दिन भी लग सकते हैं। इससे बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि मुंह के स्वाद को सही रखा जाए, साथ ही नमक का गरारा किया जाए। इसके लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए जैसे फल, दूध आदि। माउथ अल्सर होने पर मसालेदार और चुभने वाली चीजों का सेवन न करें, क्योंकि इनसे बार-बार मुंह छिलता रहता है। माउथ अल्सर से बचाव के लिए बी कॉम्प्लेक्स या विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में लें। साथ ही हरी सब्जियों का खूब सेवन करें।
कुछ आसान से आयुर्वेदिक नुस्खे, जो दिलाएंगे मुंह के छालों से छुटकारा
शहद अल्सर में मुंह को नमी प्रदान करता है और शुष्क होने से रोकता है। © Shutterstock
शहद - शहद जीवाणुरोधी गुणों से युक्त होता है। यह अल्सर में मुंह को नमी प्रदान करता है और शुष्क होने से रोकता है। उंगली से शहद को अल्सर पर लगाएं। तत्काल आराम के लिए आप इसमें हल्दी भी मिला सकते हैं। अधिक खाने से पेट हो गया है भारी, इन 5 तरीकों से करें समस्या को दूर
नारियल तेल- नारियल तेल में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक मुंह की सूजन को कम करके अल्सर की वजह से हो रहे दर्द में राहत प्रदान करते हैं। रुई के फाहे से नारियल के तेल को अल्सर पर लगाएं।
सेब का सिरका- सेब के सिरके की प्रकृति अम्लीय होती है, जिससे आपको दर्द भी हो सकता है। ये सिरका अल्सर के लिए शक्तिशाली घरेलू नुस्खा है। आधा कप पानी में एक बड़ा चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। कुछ मिनट के लिए अपने मुंह में रखें। इससे अल्सर के कारण हो रहे दर्द में आराम मिलेगा।
टूथपेस्ट- टूथपेस्ट में मौजूद एंटीमिक्रोबियल अल्सर पैदा करने वाले संक्रमण को खत्म कर देता है। इसके साथ ही टूथपेस्ट अल्सर पर ठंडक प्रदान करता है। यदि इससे जलन हो, तो एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। टूथपेस्ट को अल्सर पर लगाने के बाद, कुछ समय के लिए छोड़ दें, फिर कुल्ला कर लें। इस प्रक्रिया को अल्सर के सही हो ने तक रोजाना करें।
लहसुन- यह अल्सर के जीवाणुओं से लड़ने में मदद करता है। एक या दो मिनट के लिए लहसुन के जवे को अल्सर पर रगड़ें। करीब 30 मिनट के बाद पानी से कुल्ला कर लें। अल्सर गायब होने तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।