
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : January 12, 2023 4:25 PM IST
मुंह के कैंसर (Mouth Cancer) को मौखिक कैंसर (Oral Cancer) के रूप में भी जाना जाता है। ओरल कैंसर आमतौर पर होंठ, जीभ और मुंह के तल को प्रभावित करता है। हालांकि, ओरल कैंसर की शुरुआत (Symptoms and Early signs of Mouth cancer) यह गाल, मसूड़े, मुंह की छत, टॉन्सिल और लार ग्रंथियों में भी शुरू हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंह का कैंसर या फिर ओरल कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर है। वहीं, महिलाओं में पांचवां सबसे अधिक होने वाला कैंसर है। मुंह के कैंसर में मुंह के अंदर के सेल्स अनियंत्रित रूप से विकसित होने लगते हैं, जो मुंह के अंदर के जीभ, गाल, होंठ, मुंह का निचला हिस्सा, गला और साइनस को भी शामिल करता है। मुंह के कैंसर की स्थिति में मरीजों को कई तरह के लक्षण दिखते हैं। इन लक्षणों में गले के आसपास गांठ, दांतों का ढीला होना, होठों के आसपास सूजन होना इत्यादि (Oral Cancer Symptoms) शामिल है। आइए विस्तार से जानते हैं मुंह के कैंसर का कारण, लक्षण और बचाव के क्या हैं उपाय?
मुंह का कैंसर (Oral Cancer) वह कैंसर है, जो मुंह या गले के टिश्यूज से शुरु होता है। यह एक तरह का गर्दन और सिर का कैंसर है, जो कैंसर का एक बहुत ही बड़ा समूह है। ओरल कैंसर में मुख्य रूप से गला, चीभ, गाल, नरम तालू, साइनस इत्यादि शामिल होते हैं। अगर ओरल कैंसर का समय पर इलाज नहीं कराया जाए, तो यह मौत का कारण भी बन सकता है।
मुंह के कैंसर का शुरुआती लक्षण निम्न है-
गर्दन के आस पास गांठ जैसा महसूस होना
दांत ढीले होना।
होठों पर सूजन या घाव होना, जो इलाज करने के बावजूद ठीक न हो रहा हो।
निगलने में काफी दर्द और मुश्किलें होना।
बोलने में परेशानी
मुंह से खून आना और सुन्नता महसूस होना।
मुंह, जीभ या मसूड़ों पर सफेद या लाल धब्बे नजर आना
बिना वजह वजन तेजी से कम होना, इत्यादि।
मुंह के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू और एल्कोहल का अधिक सेवन हो सकता है। इसके अलावा मुंह के कैंसर के कई अन्य कारक हो सकते हैं, जैसे-
ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण ( HPV)
एपस्टीन बार वायरस (EBV)
अनुवांशिक कारक
खराब ओरल हाइजीन
मसूड़ों की बीमारी
तंबाकू और गुटखे चबाना, इत्यादि
मुंह के कैंसर का लक्षण दिखने पर सबसे पहले डेंटिस्ट से संपर्क करें। डॉक्टर के पास जानें पर डेंटिस्ट आपके मुंह, गले, जीभ, गाल, कान और आंखों की जांच कर सकता है। इसके बाद कैंसर की संभावना होने पर कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकता है, जैसे -
एंडोस्कोपी - एंडोस्कोपी में, नाक, साइनस, स्वरयंत्र (Voice Box) और ग्रसनी (गले) की जांच के लिए एक लचीली ट्यूब (एंडोस्कोप) का उपयोग किया जाता है।
बायोप्सी - बायोप्सी में मुंह के टिश्यूज को से एक छोटी सी कोशिकाएं ली जाती हैं। इसके बाद इसका परीक्षण दिया जाता है।
एक्स-रे - ओरल कैंसर की संभावना होने पर डॉक्टर सिर और गर्दन के एक्स-रे करवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा कुछ स्थितियों में जबड़े, फेफड़े या छाती का एक्स-रे करने की भी सलाह दे सकते हैं।
स्कैन - कैंसर कोशिकाओं को समझने के लिए डॉक्टर कुछ स्थितियों में पीईटी, सीटी और एमआरआई कराने की भी सलाह दे सकते हैं।
मुंह के कैंसर का इलाज करने के लिए डॉक्टर कई तरीकों को अपना सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कैंसर के स्टेज को जानना बहुत ही जरूरी होता है। आइए जानते हैं ओरल कैंसर का क्या है इलाज?
ऑपरेशन - सर्जरी मुंह के कैंसर का सबसे सामान्य उपचार है। इसकी मदद से ट्यूमर को हटाया जा सकता है। सर्जरी कैंसर के शुरुआती स्टेज में की जाती है। साथ ही ट्यूमर के आकार और कितनी दूर तक फैल चुकी है, इस पर भी निर्भर हो सकती है।
रेडियोथेरेपी - कुछ स्थितियों में मुंह के कैंसर का इलाज रेडिएशन थेरेपी के जरिए भी किया जाता है। हालांकि, कभी-कभी आपका डॉक्टर सर्जरी के बाद रेडियोथेरेपी की सिफारिश कर सकता है।
कीमोथेरेपी - कीमोथेरेपी में कैंसर के ट्यूमर को खत्म करने या फिर सिकुड़ने के लिए दवाएं दी जाती हैं। इसका उपयोग रेडियोथेरेपी के साथ किया जाता है।
मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण गुटखा और तंबाकू का सेवन करना है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि मुंह के कैंसर से बचाव किया जाए, तो तंबाकू से आज से ही दूरी बना लें। इसके साथ ही अगर आपके परिवार में किसी को मुंह का कैंसर है, तो समय-समय पर अपनी जांच कराएं। ताकि मुंह के कैंसर होने की संभावना को कम किया जा सके। इसके अलावा अपना खानपान और लाइफस्टाइल पर भी ध्यान दें।
मुंह का कैंसर काफी गंभीर समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए तंबाकू, धूम्रपान और गुटखे जैसी चीजों से दूरी बनाएं। इसके साथ ही अगर आपको मुंह के आसपास किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।