मोटर न्यूरॉन डिजीज​ - Motor Neuron Disease in Hindi

मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND) एक तंत्रिका तंत्र की बीमारी है. सामान्यतः मोटर न्यूरॉन डिजीज (Motor Neuron Disease) का असर मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है. इस बीमारी की वजह से इंसान का शरीर कमजोर होता जाता है.

WrittenBy

Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 5, 2020 3:48 PM IST

मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND) एक तंत्रिका तंत्र की बीमारी है. सामान्यतः मोटर न्यूरॉन डिजीज (Motor Neuron Disease) का असर मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है. इस बीमारी की वजह से इंसान का शरीर कमजोर होता जाता है. कमजोर होता शरीर मोटर न्यूरॉन डिजीज का मुख्य लक्षण है. यह एक घातक बीमारी है इसकी वजह से इंसान की उम्र कम हो जाती है. अभी तक मोटर न्यूरॉन डिजीज का कोई इलाज नहीं है. डॉक्टर्स मोटर न्यूरॉन डिजीज के प्रभावों का इलाज करते हैं. इसके प्रभावों को कम करके जीवन को कुछ सालों को बढ़ाया जा सकता है.

क्या हैं मोटर न्यूरॉन डिजीज के लक्षण | Motor Neuron Disease Symptoms

यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की बीमारी है. मोटर न्यूरॉन डिजीज के लक्षण जल्दी समझ में नहीं आते हैं. अगर मोटर न्यूरॉन डिजीज के शुरुआती लक्षणों की बात करें तो इसको निम्नलिखित लक्षणों को देखा जा सकता है.

  • पैरों में कमजोरी महसूस होना. चढ़ाई या सीढ़ियां चढ़ने में मुश्किल होना.
  • बोलने में परेशानी होना. कुछ खाद्य पदार्थों को निकलने में दिक्कत होना.
  • हाथों की पकड़ कमजोर होने लगती है. हाथ से चीजों का गिरना या शर्ट के बटन खोलने में परेशानी होना.
  • शरीर और मांसपेशियों में अकड़न, ऐंठन और झटके का अनुभव होना.
  • लगातार वजन कम होना और हाथ-पैर की मांसपेशियों में कमजोरी का अनुभव होना.
  • किसी भी गैर जरूरी बात पह हंसी या रोने का लक्षण भी मोटर न्यूरॉन डिजीज का होता है.

मोटर न्यूरॉन डिजीज के कारण

हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स के अनुसार मोटर न्यूरॉन डिजीज के 90 प्रतिशत मामले पर्यावरण कारक पर निर्भर होते हैं. इसके अलावा मोटर न्यूरॉन डिजीज के 10 प्रतिशत मामलों का कारण अनुवांशिक होता है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिजीज एंड स्ट्रोक (NINDS) के अनुसार अनुवांशिक, वायरस, विषाक्त पदार्थ और पर्यावरणीय कारक मोटर न्यूरॉन डिजीज में मुख्य भूमिका निभाते हैं.

कैसे होता है मोटर न्यूरॉन डिजीज का इलाज 

मेडिकल क्षेत्र में मोटर न्यूरॉन डिजीज (Motor Neuron Disease) का अभी तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं है. एमएनडी के लक्षणों का इलाज किया जाता है. मोटर न्यूरॉन डिजीज से पीड़ित इंसान की देखभाल के लिए एक विशेषज्ञ टीम की जरूरत होती है. इस बीमारी के लक्षणों के इलाज के तरीके निम्नलिखित हैं.

  1. नियमित दिनचर्या के कामों को आसान बनाने के लिए नर्स की देखभाल जरूरी है. मरीज की सुगमता के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपी दी जाती है.
  2. शरीर को लचीला और मजबूत बनाए रखने के लिए फिजियोथेरेपी एवं एक्सरसाइज कराई जाती है.
  3. डेली डाइट के बारे में डाइट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूरी होती है.
  4. तंत्रिका तंत्र को ठीक रखने के लिए कुछ दवाओं का नियमित सेवन कराया जाता है.
  5. मोटर न्यूरॉन डिजीज के मरीज को भावनात्मक रूप से सहारा देने के लिए परिवार और समाज की मदद ली जाती है.
  6. बोलने, लिखने और पढ़ने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए एक्सपर्ट्स की मदद ली जाती है.
  7. शरीर व मांसपेशियों की जकड़न दूर करने वाली दवाओं का जरूरत के अनुसार डोज दिया जाता है.

किसको होता है मोटर न्यूरॉन डिजीज का खतरा 

अभी तक के मरीजों के आंकड़े बताते हैं कि मोटर न्यूरॉन डिजीज ज्यादातर 60 से 70 वर्ष के लोगों को प्रभावित करता है. डॉक्टर्स मानते हैं कि ऐसा नहीं है कि यह अन्य उम्र के लोगों को अपना शिकार नहीं बनाता है.

इस रोग का नाम मस्तिष्क की कोशिकाओं और नर्ब्स के आधार पर रखा गया है. ब्रेन में मोटर नर्व्स नामक तंत्रिका में जब कोई परेशानी होती है तब मोटर न्यूरॉन डिजीज होती है. इस बीमारी में समय के साथ कोशिकाएं काम करना बंद कर देती हैं.

जैसा की ऊपर बताया गया है कि यह अनुवांशिक बीमारी है. अगर आपके पारिवारिक इतिहास में किसी को भी मोटर न्यूरॉन डिजीज रही है तो आपको भी सावधानी बरतनी चाहिए. अगर शुरुआती लक्षण और सावधानी पर ध्यान दिया जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है.

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source