सिर्फ मिथ हैं हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी ये 5 बातें, आज जान लेंगे तो फिर कभी नहीं करेंगे विश्वास

2019 में द इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में हाइपरटेंशन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि 18 से 25 के बीच की उम्र के हर 10 में से एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है। यह आंकड़ें साफ बताते हैं कि युवाओं को हाइपरटेंशन के प्रति जागरुक करने की कितनी जरूरत है। लेकिन अफसोस की बात यह है लोगों के पास हाई ब्लड प्रेशर की सही जानकारी होने के बजाय मिथों का भंडार है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 6, 2020 3:21 PM IST

हाइपरटेंशन, जिसे हाई ब्लड प्रेशर भी कहा जाता है एक बहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह परेशानी न सिर्फ बुजुर्गों को बल्कि बच्चों और युवाओं को भी अपना शिकार बनाती है। 2019 में द इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में हाइपरटेंशन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि 18 से 25 के बीच की उम्र के हर 10 में से एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है। यह आंकड़ें साफ बताते हैं कि युवाओं को हाइपरटेंशन के प्रति जागरुक करने की कितनी जरूरत है। लेकिन अफसोस की बात यह है लोगों के पास हाई ब्लड प्रेशर की सही जानकारी होने के बजाय मिथों का भंडार है। आज इस लेख में हम आपको हाइपरटेंशन से संबंधित 5 ऐसे मिथ बता रहे हैं जिन पर लोग काफी विश्वास करते हैं। जबकि वास्तव में ये झूठ हैं। तो आइए जानते हैं क्या हैं ये मिथ-

मिथ 1 : 40 की उम्र से कम के लोगों को हाई ब्लड प्रेशर नहीं होता

फैक्ट: अधिकतर लोगों को यह लगता है कि युवाओं को हाइपरटेंशन नहीं होता है। इसलिए ऐसे लोग 40 साल की उम्र से पहले रेगुलर ब्लड प्रेशर चेक कराना भी जरूरी नहीं समझते हैं। लेकिन ऊपर शोध से पता चलता है कि यह सच नहीं है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या युवाओं को भी हो सकती है। हालांकि बढ़ती उम्र में इस रोग का जोखिम ज्यादा रहता है लेकिन यह एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। इसलिए अपना लाइफस्टाइल अच्छा रखें और अपने ब्लड प्रेशर की जांच नियमित कराते रहें।

Blood pressure

मिथ 2 : हाई ब्लड प्रेशर महिलाओं को नहीं बल्कि पुरुषों को ज्यादा होता है

फैक्ट : यह भी पूरी तरह से मिथ है। 'द इंडियन हार्ट जर्नल' में 2019 में प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि भारत में 23.7% महिलाएं हाइपरटेंशन से ग्रसित हैं। इससे साफ पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी होती है। यदि प्रेग्नेंसी के दौरान किसी महिला को हाइपरटेंशन की समस्या होती है तो ये मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।

मिथ 3 : हाई बीपी जेनेटिक रोग है

फैक्ट : हां, यह सच है कि अगर आपके माता पिता, फैमिली या करीबी रिश्तेदारों में से कोई हाइपरटेंशन का मरीज है तो आपको भी इस रोग का जोखिम रहता है। लेकिन 'द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' के अध्ययन के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर के पीछे फैमिली हिस्ट्री कारण हो सकती है लेकिन सही और व्यवस्थित लाइफस्टाइल को फॉलो कर इस रोग से बचा जा सकता है।

मिथ 4 : मैं ज्यादा नमक नहीं खाता/खाती, तो मेरा ब्लड प्रेशर एकदम सही है

फैक्ट : ज्यादा नमक का सेवन करने वाले हाई ब्लड प्रेशर की चपेट में जल्दी आते हैं। लेकिन यह इस रोग के जोखिम का सिर्फ एक कारण है। अगर आप सीमित मात्रा में नमक का सेवन करते हैं तब भी आप हाइपरटेंशन के मरीज हो सकते हैं। क्योंकि सोडियम कई चीजों में होता है जैसे कि प्रोसेस्ड फूड, टोमेटो सॉस, चिप्स, मियोनीज़ और अन्य फास्ट फूड आइटम। ऐसे में जब आप इनका सेवन करते हैं तो आपके शरीर में सोडियम की मात्रा जाती है जो आपको हाई ब्लड प्रेशर का शिकार बना सकती है।

Blood Pressure

मिथ 5 : अगर ब्लड प्रेशर सामान्य हो गया है तो दवा लेना बंद किया जा सकता है

फैक्ट : यदि दवा लेने के बाद आपका ब्लड प्रेशर हाई से सामान्य हो गया है तब भी आपको दवा अपनी मर्जी से नहीं छोड़नी चाहिए। बल्कि इसके लिए आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि इससे आप फिर हाइपरटेंशन के शिकार हो सकते हैं या आपकी बॉडी में इसके साइड इफेक्ट दिख सकते हैं।