
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 8, 2023 9:23 PM IST
Nutritional Deficiency In Women:भारत ही नहीं दुनियाभर में लाइफस्टाइल डिजिजेज का रिस्क तेजी से बढ़ रहा है और इसकी एक वजह है पोषक तत्वों की कमी। कई स्टडीज और रिसर्च में ये दावे किए गए हैं कि दुनिया की एक बड़ी आबादी में प्रोटीन, आयरन और यहां तक कि धूप से मिलने वाले विटामिन डी की भी कमी होती है। वहीं महिलाओं और बच्चों में न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी की आशंका हमेशा से अधिक ही रही है। हमारा स्वास्थ्य पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी थाली में क्या परोसा जा रहा है। अगर आप पौष्टिक आहार नहीं लेते तो जाहिर है कि इससे आपको पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलेंगे और सही न्यूट्रिशन ना मिल पाने के कारण आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी का खतरा भी बढ़ जाता है। आइए जानें महिलाओं को न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी से बचने के लिए किस तरह की डाइट लेनी चाहिए और उन्हें किस न्यूट्रिएंट के लिए कौन-सी चीजों का सेवन करना चाहिए । (Nutritional Deficiency In Women In Hindi)
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रिया पालन (Dr. Priya Palan, Nutritionist, Zen Hospital, Mumbai) का मानना है कि,महिलाओं का स्वास्थ्य किसी भी परिवार के स्वास्थ्य का एक मजबूत स्तंभ कहा जा सकता है। क्योंकि, जब कोई महिला स्वस्थ होगी तो वह अपने आसपास के लोगों को स्वस्थ बनने में सहायता कर सकती है। न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी की बात की जाए तो महिलाओं में माइक्रोन्यूट्रिेंएंट्स और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स दोनों की कमी व्यापक स्तर पर देखी जाती है। इसके कई कारण हैं जैसे लोगों का सोशल बैकग्राउंड , जानकारी की कमी और महिलाओं का अपने स्वास्थ्य और पोषण की जरूरत पर ध्यान न देने की आदत। ग्रामीण इलाकों में यह आदत अधिक देखी जाती है जहां महिलाएं खुद की बजाय अन्य सभी लोगों को हेल्दी और पौष्टिक खाना खिलाती हैं, पर बात जब उनके पोषण की आती है तो वे अधिक ध्यान नहीं देती।
डॉ. प्रिया के अनुसार लेकिन, महिलाओं को यह समझने की जरूरत है कि अगर वे अपने पोषण का ख्याल नहीं रखेंगी या खुद के स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देगीं तो उनके लिए परिवार के अन्य लोगों को स्वस्थ रखना भी मुश्किल हो जाएगा। भारतीय महिलाओं में जिन पोषक तत्वों की कमी सबसे अधिक देखी जाती है वो इस प्रकार हैं।
आपने अक्सर सुना होगा कि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओंको फॉलिक एसिड की अतिरिक्त खुराक दी जाती है या सप्लीमेंट्स और टैबलेट्स की मदद से फॉलिक एसिड की कमी से बचने की कोशिश की जाती है। फॉलिक एसिड को विटामिन बी9 (Vitamin B9) और फोलेट (Folate) नामों से भी जाना जाता है। यह नर्वस सिस्टम को काम करने में मदद करता है, प्रेगनेंसी में बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी माना जाता है। वहीं, यह डाइजेस्टिव सिस्टन और आंखों की हेल्थ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
फॉलिक एसिड के लिए इन चीजों का सेवन कर सकते हैं-

भारतीय महिलाओं में हीमो्ग्लोबिन की कमी और एनिमिया के मामलों पर बार-बार चर्चा होती है। भारत में अधिकांश महिलाओं में आयरन की कमी (Iron Deficiency In Women) पायी जाती है जिससे शरीर में खून की कमी हो जाती है। खून की कमी या हीमोग्लोबिन की कमी के कारण लोगों को एनिमिया और कमजोरी की समस्या होती है। बता दें कि आयरन का काम नसों में खून की मदद से ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाना है जो बॉडी के हर टिश्यू तक पहुंचता है। इससे, हार्मोनल इम्बैलेंस की समस्या कम होती है शरीर की महत्वपूर्ण कार्यप्रणालियां सही तरीक से काम करती हैं। इसीलिए महिलाओं को आयरन से भरपूर फूड्स खाने की सलाह दी जाती है। इसी तरह उन्हें विटामिन सी वाले फूड्स भी खाने चाहिए ताकि वह आयरन के अवशोषण में शरीर की मदद करे।
आयरन के लिए इन फूड्स का सेवन करें-
यह एक जरूरी हेल्दी फैट है जो शरीर में आंखों, ब्रेन, हार्ट और लंग्स को काम करने में मदद करता है। इसी तरह हार्मोन्स के उत्पादन और उनके रेग्यूलेशन में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं में इसकी कमी होने की संभावना अधिक होती है। इसीलिए, ओमेगा-3 रिच फूड्स खाने की कोशिश करें। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के लिए इन फूड्स का सेवन करें-