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What is the Most Common Cancer in Women in Hindi: कैंसर दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है, जो जानलेवा हो सकता है। महिलाएं हों या पुरुष, कैंसर किसी भी व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है। यह दुनियाभर में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। दरअसल, जब शरीर में कोशिकाएं यानी सेल्स असामान्य रूप से लगातार बढ़ती हैं, तो कैंसर होता है। कैंसर की आखिरी स्टेज बेहद भयावह हो सकती है और व्यक्ति की जान तक जा सकती है। ऐसे में लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। इस साल विश्व कैंसर दिवस की थीम “यूनाइटेड बाय यूनिक” है। इस थीम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि कैंसर एक लड़ाई है, जिसे लोगों को साथ मिलकर लड़ना है। आपको बता दें कि कैंसर कई प्रकार के होते हैं, कुछ खास प्रकार के कैंसर पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलते हैं, तो कुछ तरह के कैंसर महिलाओं को अपनी चपेट में ज्यादा लेते हैं। इस लेख में हम महिलाओं में होने वाले सबसे आम प्रकार के कैंसर (Mahilao me Hone Vale Cancer) के बारे में एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल, सोनीपत की ब्रेस्ट कैंसर सेंटर की डायरेक्टर और हेड डॉ. वैशाली जमरे से जानते हैं-
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है। यह कैंसर महिलाओं में होने वाली मौत का दूसरा प्रमुख कारण है। आजकल महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। रिसर्च की मानें तो लगभग 8 में से 1 महिला को ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर किसी भी उम्र की महिला को हो सकता है। लेकिन, बढ़ती उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है। खासकर, 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। स्तन में गांठ, बगल में गांठ, स्तन में तेज दर्द, निप्पल की बनावट में बदलाव आदि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण (Breast Cancer ke Lakshan) होते हैं।
सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं में होने वाला एक बेहद आम कैंसर है। इन दिनों सर्वाइकल कैंसर के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। आपको बता दें कि सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा में होता है। यह कैंसर आमतौर पर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण से होता है। यह कैंसर जानलेवा हो सकता है। इससे बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) लगवाना बेहद जरूरी है। योनि से असामान्य रक्तस्त्राव, पेल्विक एरिया में तेज दर्द, पैरों में सूजन और संभोग के दौरान दर्द आदि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण (Cervical Cancer Symptoms in Hindi) माने जाते हैं। आमतौर पर 30 साल की उम्र के बाद से सर्वाइकल कैंसर की नियमित जांच जरूर करवानी चाहिए।
एंडोमेट्रियल महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। यह कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही होता है। इसे गर्भाशय कैंसर भी कहा जाता है। आपको बता दें कि यह गर्भाशय की परत में होने वाला एक प्रकार का कैंसर है। जब गर्भाशय की परत में कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, तो इसकी वजह से एंडोमेट्रियल कैंसर सकता है। यह कैंसर आमतौर पर 55 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में देखने को मिलता है। इसके अलावा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और मेनोपॉज एंडोमेट्रियल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। पेशाब करते समय दर्द, पेल्विक एरिया में दर्द, लगातार वजन कम होना और थकान आदि एंडोमेट्रियल कैंसर के लक्षण (Endometrial Cancer ke Lakshan) होते हैं।
महिलाओं के अंडाशय में होने वाले कैंसर को ओवेरियन कैंसर कहा जाता है। महिलाओं में यह कैंसर आम है। योनि से असामान्य ब्लीडिंग, पेट में दर्द, पीठ में तेज दर्द, बार-बार पेशाब आना और पेल्विक एरिया में दबाव महसूस होना आदि ओवेरियन कैंसर के लक्षण (Ovarian Cancer ke Lakshan) हो सकते हैं। दुनिभायर की बात करें तो ओवेरियन कैंसर, सभी कैंसर के मामलों का 3.44 फीसदी है। इस कैंसर का पता लगाना काफी मुश्किल होता है। पारिवारिक इतिहास, ओवेरयन कैंसर का मुख्य कारण हो सकता है। सर्जरी और कीमोथेरेपी की मदद से इस कैंसर का इलाज संभव है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।