
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Ajay Nair
Bad Breath in The moring : सुबह उठते ही मुंह से बदबू आना बहुत आम है, लेकिन यह हमेशा सिर्फ ब्रश न करने का परिणाम नहीं होता। जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉ. अजय नायर का कहना है कि सुबह के समय मुंह से बदबू आने के कारण शरीर के अंदर चल रही ऐसी समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिनका संबंध सिर्फ दांतों से नहीं बल्कि लार, मसूड़ों, जीभ, नाक, पाचन तंत्र और यहां तक कि कुछ गंभीर बीमारियों से भी हो सकता है।
American Dental Association (ADA) के अनुसार, रात में सोते समय हमारे मुंह में बनने वाली लार की मात्रा स्वाभाविक रूप से कम हो जाती है। लार केवल मुंह को गीला रखने का काम नहीं करती, बल्कि बैक्टीरिया को नियंत्रित करने और भोजन के सूक्ष्म कणों को साफ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब लार कम बनती है, तो कुछ बैक्टीरिया सल्फर युक्त गैसें बनाते हैं, जो सुबह की बदबू का प्रमुख कारण होती हैं।

अगर ब्रश करने के बाद भी बदबू लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। इसका सबसे आम कारण जीभ की सतह पर जमा बैक्टीरिया हो सकते हैं। बहुत से लोग दांतों की सफाई तो करते हैं, लेकिन जीभ की नियमित सफाई नहीं करते। PubMed में छपे अध्यन के मुताबिक, मुंह की बदबू के अधिकांश मामलों में जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए रोजाना टंग क्लीनर से जीभ की सफाई करना भी उतना ही जरूरी है जितना दांतों की सफाई।
एक और संकेत जिस पर कम ध्यान दिया जाता है, वह है मसूड़ों की बीमारी। अगर ब्रश करते समय खून आता है, मसूड़े सूजे रहते हैं या दांत हिलने लगे हैं, तो बदबू सिर्फ मुंह की नहीं बल्कि पेरियोडोंटल संक्रमण का संकेत हो सकती है। ऐसे मामलों में केवल माउथवॉश से समस्या नहीं सुलझती; दंत चिकित्सक द्वारा जांच और उपचार आवश्यक होता है।
दिलचस्प बात यह है कि हर बदबू की शुरुआत मुंह से ही नहीं होती। बार-बार नाक बंद रहना, साइनस का संक्रमण, टॉन्सिल स्टोन, डायबिटीज कंट्रोल में न रहना, लगातार एसिड रिफ्लक्स या कुछ दवाओं के कारण होने वाला ड्राई माउथ भी इसका कारण बन सकते हैं। इसलिए यदि बदबू के साथ वजन कम होना, निगलने में कठिनाई, मुंह में लंबे समय तक रहने वाला घाव या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण भी हों, तो विस्तृत जांच कराना जरूरी है।

डॉक्टर कहते हैं कि आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि माउथ फ्रेशनर या माउथवॉश अक्सर सिर्फ बदबू को कुछ समय के लिए छिपाते हैं, उसका कारण खत्म नहीं करते। इसलिए बार-बार माउथवॉश का सहारा लेने के बजाय यह समझना जरूरी है कि बदबू की जड़ क्या है। अगर कारण मसूड़ों की बीमारी, दांतों का संक्रमण या कोई अन्य चिकित्सीय समस्या है, तो उसका उपचार ही स्थायी समाधान है।
अगर सुबह की बदबू कुछ मिनटों में ब्रश और पानी पीने के बाद खत्म हो जाती है, तो यह सामान्य हो सकती है। लेकिन यदि यह रोज बनी रहती है, दूसरों को भी महसूस होती है या दिनभर बनी रहती है, तो इसे सिर्फ मुंह की सफाई की कमी मानकर नजरअंदाज न करें। कई बार यह शुरुआती मसूड़ों की बीमारी, दांतों के संक्रमण या शरीर की किसी अन्य समस्या का पहला संकेत होती है। समय पर सही जांच और कारण का उपचार ही इसका स्थायी समाधान है।
Disclaimer : यह लेख सिर्फ सामान्य जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मुंह से बदबू आने के कारण व्यक्ति-विशेष के अनुसार अलग हो सकते हैं। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, ब्रश करने के बाद भी खत्म न हो या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय दंत चिकित्सक या योग्य डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच और उपचार कराएं।