
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
मेनोपॉज के बाद अक्सर महिलाओं का वजन बढ़ जाता है।
मानसून का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, बारिश की फुहारें और सुकून भरा माहौल लेकर आता है। लेकिन यही मौसम कई महिलाओं के लिए एक अलग चुनौती भी बन सकता है, खासकर उन महिलाओं के लिए जो मेनोपॉज (Menopause) के दौर से गुजर रही हैं। मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाएं अक्सर महसूस करती हैं कि बारिश शुरू होते ही उनका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। जबकि वे अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं करतीं हैं। आखिरकार ऐसा क्यों होता है कि मेनोपॉज के बाद बारिश के दिनों में महिलाओं का वजन अचानक क्यों बढ़ जाता है? आइए जानते हैं इस बारे में मेनोवेदा की डायरेक्टर तमन्ना सिंह से।
तमन्ना सिंह बताती हैं कि मेनोपॉज के बाद बारिश के दिनों में महिलाओं के वजन बढ़ने के पीछे असल में यह केवल मौसम का असर नहीं होता, बल्कि हार्मोनल बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी कम होना, बढ़ती फूड क्रेविंग, खराब नींद और कम पानी पीने की आदत जैसे कई कारण होते हैं।
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। एस्ट्रोजन केवल प्रजनन स्वास्थ्य से ही जुड़ा हार्मोन नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म, फैट डिस्ट्रीब्यूशन और एनर्जी संतुलित होता है। मेनोपॉज के दौरान जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन कम होता है, तो शरीर पहले की तुलना में कम कैलोरी बर्न करता है। इसका असर खासतौर पर पेट के आसपास चर्बी जमा होने के रूप में दिखाई देता है। यही कारण है कि कई महिलाओं को लगता है कि पहले जैसी डाइट लेने के बावजूद उनका वजन बढ़ रहा है।
हार्मोनल बदलावों के कारण वजन बढ़ना सामान्य बात है।
हेल्थ एक्सपर्ट बताती हैं कि बारिश शुरू होते ही मॉर्निंग वॉक, पार्क में टहलना, योग क्लास या जिम जाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। लगातार बारिश, फिसलन और उमस के कारण लोग घर के अंदर ज्यादा समय बिताने के कारण लोगों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे शरीर की कैलोरी भी खर्च कम होती है। जिसके कारण वजन बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है।
एक्सपर्ट बताती हैं कि बारिश का मौसम आते ही गरमा-गरम पकौड़े, समोसे, चाय और मिठाई खाने की क्रेविंग भी बढ़ जाती है। क्रेविंग को कंट्रोल करने के लिए महिलाएं खा ही लेती हैं। इस तरह की चीजों में कैलोरी ज्यादा होती है, जिससे भी वजन तेजी से बढ़ जाता है।
मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को रात में बार-बार नींद खुलना, ज्यादा पसीना आना या अच्छी नींद न आना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मानसून की उमस इन परेशानियों को और बढ़ा सकती है। जब नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में घ्रेलिन (Ghrelin) नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है। इससे महिलाओं को ज्यादा भूख लगने लगती है और वो थोड़ी- थोड़ी मात्रा में ज्यादा खाती हैं। इससे भी वजन तेजी से बढ़ता है।
बारिश में ज्यादा तेल वाला खाना खाने से भी वजन बढ़ता है।
एक्सपर्ट बताती हैं कि कुछ आदतों को अपनाकर वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में-
खानपान सही करने और एक्सरसाइज करने के बावजूद किसी महिला का वजन बढ़ रहा है, बार-बार अत्यधिक थकान महसूस होती है, लगातार नींद की समस्या बनी रहती है, तो इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।