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मेनोपॉज में मानसून में वजन क्यों बढ़ता है? डॉक्टर बता रहे हैं इसके कारण

35, 40 और 45 साल की उम्र की महिलाओं को बारिश के मौसम में अक्सर यह एहसास होता है कि उनका वजन अचानक से बढ़ रहा है। आखिकराक ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं इस बारे में डॉक्टर की राय क्या है?

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 10, 2026 5:13 PM IST

मानसून का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, बारिश की फुहारें और सुकून भरा माहौल लेकर आता है। लेकिन यही मौसम कई महिलाओं के लिए एक अलग चुनौती भी बन सकता है, खासकर उन महिलाओं के लिए जो मेनोपॉज (Menopause) के दौर से गुजर रही हैं। मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाएं अक्सर महसूस करती हैं कि बारिश शुरू होते ही उनका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। जबकि वे अपनी डाइट में कोई बड़ा बदलाव भी नहीं करतीं हैं। आखिरकार ऐसा क्यों होता है कि मेनोपॉज के बाद बारिश के दिनों में महिलाओं का वजन अचानक क्यों बढ़ जाता है? आइए जानते हैं इस बारे में मेनोवेदा की डायरेक्टर तमन्ना सिंह से।

तमन्ना सिंह बताती हैं कि मेनोपॉज के बाद बारिश के दिनों में महिलाओं के वजन बढ़ने के पीछे असल में यह केवल मौसम का असर नहीं होता, बल्कि हार्मोनल बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी कम होना, बढ़ती फूड क्रेविंग, खराब नींद और कम पानी पीने की आदत जैसे कई कारण होते हैं।

मेनोपॉज में मेटाबॉलिज्म क्यों धीमा हो जाता है?

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। एस्ट्रोजन केवल प्रजनन स्वास्थ्य से ही जुड़ा हार्मोन नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म, फैट डिस्ट्रीब्यूशन और एनर्जी संतुलित होता है। मेनोपॉज के दौरान जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन कम होता है, तो शरीर पहले की तुलना में कम कैलोरी बर्न करता है। इसका असर खासतौर पर पेट के आसपास चर्बी जमा होने के रूप में दिखाई देता है। यही कारण है कि कई महिलाओं को लगता है कि पहले जैसी डाइट लेने के बावजूद उनका वजन बढ़ रहा है।

हार्मोनल बदलावों के कारण वजन बढ़ना सामान्य बात है। हार्मोनल बदलावों के कारण वजन बढ़ना सामान्य बात है।

हेल्थ एक्सपर्ट बताती हैं कि बारिश शुरू होते ही मॉर्निंग वॉक, पार्क में टहलना, योग क्लास या जिम जाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। लगातार बारिश, फिसलन और उमस के कारण लोग घर के अंदर ज्यादा समय बिताने के कारण लोगों की फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है। इससे शरीर की कैलोरी भी खर्च कम होती है। जिसके कारण वजन बढ़ा हुआ महसूस हो सकता है।

खाने की क्रेविंग के कारण भी बढ़ता है वजन

एक्सपर्ट बताती हैं कि बारिश का मौसम आते ही गरमा-गरम पकौड़े, समोसे, चाय और मिठाई खाने की क्रेविंग भी बढ़ जाती है। क्रेविंग को कंट्रोल करने के लिए महिलाएं खा ही लेती हैं। इस तरह की चीजों में कैलोरी ज्यादा होती है, जिससे भी वजन तेजी से बढ़ जाता है।

नींद की कमी भी बढ़ा सकती है वजन

मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को रात में बार-बार नींद खुलना, ज्यादा पसीना आना या अच्छी नींद न आना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मानसून की उमस इन परेशानियों को और बढ़ा सकती है। जब नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में घ्रेलिन (Ghrelin) नामक हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन भूख बढ़ाने का काम करता है। इससे महिलाओं को ज्यादा भूख लगने लगती है और वो थोड़ी- थोड़ी मात्रा में ज्यादा खाती हैं। इससे भी वजन तेजी से बढ़ता है।

बारिश में ज्यादा तेल वाला खाना खाने से भी वजन बढ़ता है। बारिश में ज्यादा तेल वाला खाना खाने से भी वजन बढ़ता है।

मानसून में मेनोपॉज के दौरान वजन कैसे कंट्रोल करें?

एक्सपर्ट बताती हैं कि कुछ आदतों को अपनाकर वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में-

  1. रोजाना कम से कम 30 मिनट घर के अंदर योग, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करें।
  2. तली-भुनी चीजों की बजाय भुने चने, मखाने, स्प्राउट्स जैसे स्नैक्स को खाने के लिए चुनें।
  3. हर दिन एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं ताकि आपको अच्छी नींद आए
  4. प्यास न लगे तब भी पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में गुनगुना या सामान्य पानी पीते रहें।
  5. रोजाना के खाने में प्रोटीन, फाइबर, हरी सब्जियां और मौसमी फलों को शामिल करें।

खानपान सही करने और एक्सरसाइज करने के बावजूद किसी महिला का वजन बढ़ रहा है, बार-बार अत्यधिक थकान महसूस होती है, लगातार नींद की समस्या बनी रहती है, तो इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।