hamburger icon
A
Read in English

मानसून में हाइजीन का रखें खास ध्यान, वरना बढ़ सकता है इंफेक्शन का खतरा

मानसून में पर्सनल हाइजीन का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है, ताकि इंफेक्शन के खतरों से बचाव किया जा सके। इस लेख में हम आपको कुछ बातों पर ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : July 15, 2026 11:31 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी नमी, गंदा पानी, भीगे कपड़े और साफ-सफाई में लापरवाही के कारण स्किन संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, पेट से जुड़ी बीमारियां और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मानसून के दौरान पर्सनल हाइजीन का खाश ध्यान रखना चाहिए, ताकि मानसून में होने वाली इंफेक्शन से खुद को सुरक्षित रखा जा सके। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए हमने यशोदा हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन डॉ. विघ्नेश वाई से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट-

मानसून में क्यों बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बारिश के मौसम में दूषित पानी और खराब स्वच्छता के कारण डायरिया, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस A जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, अधिक नमी के कारण स्किन पर फंगस तेजी से बढ़ते हैं, जिससे दाद, एथलीट फुट और अन्य फंगल संक्रमण हो सकते हैं।

मानसून में हाइजीन कैसे बनाए रखें?

मानसून में हाइजीन बनाए रखने के लिए आप कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-

1. हाथों की सफाई को बनाएं आदत

खाना खाने से पहले, खाना बनाने से पहले और टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं। अगर पानी उपलब्ध न हो तो 60% या उससे अधिक अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करें।

2. पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखें

बारिश के पानी में चलने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोकर सुखाएं। लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहनने से फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में रोजाना साफ और सूखे मोजे पहनने की कोशिश करें।

3. भीगे कपड़े तुरंत बदलें

बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर न रहें। इससे स्किन पर खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए कोशिश करें कि अगर आप किसी कारण से बरसात में भीग गए हैं, तो फौरन अपना कपड़ा बदल लें।

4. पीने का पानी और भोजन रखें सुरक्षित

हमेशा साफ या उबला हुआ पानी पिएं। बाहर का कटा हुआ फल, खुला खाना और सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। ताकि इंफेक्शन और बैक्टीरियल परेशानियों से बचाव किया जा सके।

5. घर की सफाई और वेंटिलेशन पर दें ध्यान

घर में पानी जमा न होने दें। बाथरूम, किचन और नम जगहों की नियमित सफाई करें ताकि फंगस और मच्छरों की वृद्धि को रोका जा सके। कमरों में पर्याप्त हवा का आवागमन बनाए रखें।

किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?

कुछ लोगों को इस सीजन में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है, जैसे-

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्गों को रखना चाहिए खास ध्यान
  • गर्भवती महिलाएं
  • डायबिटीज के मरीज
  • कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोग, इत्यादि।

इन लोगों में संक्रमण का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है, इसलिए उन्हें साफ-सफाई और सुरक्षित खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कब डॉक्टर से लेनी चाहिए सलाह?

अगर बारिश के मौसम में तेज बुखार, लगातार दस्त, उल्टी, स्किन पर तेजी से फैलता संक्रमण, लगातार खुजली, पस बनना या पैरों की फंगल समस्या कई दिनों तक बनी रहे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें। कभी भी खुद से दवा लेने की गलती न करें।

Disclaimer: मानसून का आनंद तभी सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है, जब व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ भोजन, सुरक्षित पानी और घर की साफ-सफाई पर नियमित ध्यान दिया जाए। छोटी-छोटी हाइजीन की आदतें न केवल संक्रमण से बचाती हैं, बल्कि पूरे परिवार को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।